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Biological Calendar : क्या है बायोलॉजिकल कैलेंडर? महिलाओं की जिंदगी में किस तरह से डालता है प्रभाव ?

Updated at : 05 Sep 2024 2:25 PM (IST)
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Biological Calendar :

Biological Calendar

Biological Calendar : बायोलॉजिकल कैलेंडर शब्द आपने अक्सर सुना होगा यह शब्द ज्यादातर औरतों के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

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Biological Calendar : बायोलॉजिकल कैलेंडर शब्द आपने अक्सर सुना होगा यह शब्द ज्यादातर औरतों के लिए इस्तेमाल किया जाता है. दरअसल मानव शरीर की बनावट ही कुछ ऐसी है कि यह आपको हर काम करने के लिए एक निर्धारित समय अवधि देता है, जैसे कि स्त्रियों में एक निश्चित समय पर माहवारी आना, गर्भ धारण करना आदि. इन्हीं वजहों से बहुत सी औरतों को अपने सपने और और करियर से कई तरह के समझौते करने पड़ते हैं.

Biological Calendar : प्रेगनेंसी में उम्र का प्रभाव

  • उम्र के साथ औरतों की प्रजनन स्वास्थ्य पर असर पड़ता है जिसके परिणाम स्वरूप अंडाशय में बनने वाले अंडों की गुणवत्ता कम हो जाती है जिसकी वजह से गर्भधारण करने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है.
  • ज्यादा उम्र में गर्भधारण करने से गर्भपात होने की आशंका भी बढ़ जाती है.
  • बहुत से लोगों का मानना है कि 30 की उम्र के बाद गर्भधारण नहीं करना चाहिए जबकि ऐसा कुछ भी नहीं होता बायोलॉजिकली और मानव शरीर की बनावट के अनुसार औरतें 42 से 45 की उम्र तक गर्भधारण कर सकती हैं.
  • जब तक और तुम को माहवारी होती है तब तक वह गर्भधारण कर सकती हैं.
  • ऐसा भी कहा जाता है कि ज्यादा उम्र होने के बाद गर्भधारण करने पर औरतों को बहुत तरह की शारीरिक तकलीफों से गुजरना पड़ता है लेकिन यह हर औरत के साथ नहीं होता है.
  • गर्भ धारण करने के वक्त होने वाली तकलीफ पूरी तरह से औरत के खान-पान, आदित्य और विरासत में मिले जींस पर निर्भर करता है.

Biological Calendar : क्या बायोलॉजिकल क्लॉक औरतों की सफलता में बाधा उत्पन्न करता है?

सामान्य एवं नीचे टपके की औरतें जिम आगे बढ़ाने की प्रतिभा होती है अक्सर उन्हें शादी, परिवार पालन एवं परिवार नियोजन कहां हवाला देकर उनके करियर में बाधा डाली जाती है और केवल सामान्य ही नहीं शिक्षित एवं अच्छे घरों की महिलाओं को भी इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

अक्सर गर्भ धारण करने के बाद स्त्रियों को अपने काम और परिवार के बीच में किसी एक का चुनाव करने के लिए कहा जाता है ऐसे में बायोलॉजिकल क्लॉक उनके करियर में एक बहुत बड़ी बाधा डालते हैं.

हालांकि आजकल विज्ञान द्वारा विकसित कई तकनीक है जिसकी वजह से औरतें किसी भी उम्र में गर्भधारण कर सकते हैं जैसे कि “एग फ्रीजिंग” और सरोगेसी की प्रक्रिया.

आधुनिक समय में ऐसी बहुत से बदलाव आ रहे हैं जिससे स्त्रियों को परिवार को साथ लेकर आगे बढ़ने में मदद मिलती है. इसके लिए उनके पास उनके परिवार एवं आसपास के लोगों का सहयोग और समर्थन आवश्यक होता है.

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Shreya Ojha

लेखक के बारे में

By Shreya Ojha

Shreya Ojha is a contributor at Prabhat Khabar.

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