संकदारा नदी से 24 घंटे बाद निकला युवक का शव, नहाने के दौरान डूबा था विक्की

Jharkhand news, Hazaribagh news : नहाने के क्रम में बड़कागांव थाना क्षेत्र के बादम के निकट संकदारा नदी में डूबे विक्की कुमार का शव 24 घंटे बाद निकाला गया. ग्रामीणों और गोताखोरों के असफल प्रयास के बाद एनडीआरएफ की टीम सोमवार सुबह घटनास्थल पर पहुंची. करीब साढ़े तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद नदी से विक्की के शव को बाहर निकाला. शव को बाहर निकालने के बाद पुलिस पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग भेज दिया गया. वहीं, शव मिलने के बाद विक्की कुमार के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
Jharkhand news, Hazaribagh news : बड़कागांव (हजारीबाग) : नहाने के क्रम में बड़कागांव थाना क्षेत्र के बादम के निकट संकदारा नदी में डूबे विक्की कुमार का शव 24 घंटे बाद निकाला गया. ग्रामीणों और गोताखोरों के असफल प्रयास के बाद एनडीआरएफ की टीम सोमवार सुबह घटनास्थल पर पहुंची. करीब साढ़े तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद नदी से विक्की के शव को बाहर निकाला. शव को बाहर निकालने के बाद पुलिस पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग भेज दिया गया. वहीं, शव मिलने के बाद विक्की कुमार के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
इंस्पेक्टर मोहम्मद कलाम उद्दीन अंसारी के नेतृत्व में एनडीआरएफ की टीम सोमवार की अहले सुबह घटनास्थल पर पहुंची. सुबह 7:00 बजे विक्की कुमार का चचेरा भाई बुटन उर्फ संदीप कुमार को वोट में लेकर गहन छानबीन करना शुरू किया. जगह- जगह पर कई बार गोता लगाकर देखा गया. बावजूद इसके शव नहीं मिला. इसके बाद एनडीआरएफ के सदस्यों ने वोट से नदी में आधे घंटे तक हलचल पैदा कर दी. इस पर शव नहीं मिला. इसके बाद सुबह 9 बजे दोबारा गोताखोर एक तरफ से गोता लगाना शुरू किया और आखिरकार 10:30 बजे टीम को सफलता मिली और शव को नदी से बाहर निकाला गया.
मृतक विक्की अपने चचेरा भाई बुटन एवं पड़ोसी सुनील कुमार के साथ नहाने के लिए रविवार 11 बजे संकदारा नदी पहुंचे. इस दौरान नदी में बने गहराई में तीनों डूबने लगे, जिसमें से बुटन और सुनील किसी तरह बाहर निकले, वहीं विक्की उर्फ विकास डूब गया. इसकी जानकारी घर वालों समेत ग्रामीणों को दिया गया. इसके बाद स्थानीय लोगों द्वारा ढूंढने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली. इस दौरान प्रखंड प्रशासन के सहयोग से गोताखोर बुलाये गये, लेकिन वह भी गहराई अधिक होने एवं पानी के नीचे चट्टान के खोह होने के कारण पता नहीं कर पाये. अंत में सोमवार सुबह एनडीआरएफ टीम पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद शव को पानी से बाहर निकाला.
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विक्की का शव संकदारा नदी से निकालने के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मृतक विक्की बाबू पारा निवासी चंद्रिका महतो का इकलौता पुत्र था. नहाने के दौरान हुई इस घटना से सभी झकझोर दिया है. नदी से युवक का शव निकालने में मुखिया दीपक दास, पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि राजा खान समेत अन्य ग्रामीणों ने भी काफी मदद की है.
संकदारा नदी में डूबे युवक को निकालने में एनडीआरएफ टीम में इंस्पेक्टर कलामुद्दीन अंसारी, एएसआई सुनील सिंह, हेड कांस्टेबल मृत्युंजय सिंह, नीरज कुमार, बीएन चौबे, प्रदीप कुमार सिंह ,जितेंद्र सिंह, सिटी सुनील सोनी, मदन मोहन तिवारी, अरुण कुमार राम, सूरज कुमार ,उमेश पंडित, रुपेश कुमार, चालक श्री राम सिंह, नागेश्वर सिंह समेत 15 सदस्य शामिल थे. वहीं, मौजूदा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एएसआई आनंद मोहन, फूल जेंस खाखा, आरक्षी प्रवीण कुमार, सुरेश रजवार, संजय बाखला सहित दर्जनों पुलिस बल तैनात थे.
Posted By : Samir Ranjan.
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