''मर्सल'' के निर्माताओं ने कहा: GST वाला दृश्य हटाने को तैयार

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 Oct 2017 11:46 AM

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चेन्नई: भाजपा की तमिलनाडु इकाई के विरोध के बाद फिल्म ‘मर्सल’ का निर्माण करने वाले प्रोडक्शन हाउस ने कहा कि वह उन दृश्यों को हटाने को तैयार है जिनमें जीएसटी पर कथित तौर पर निशाना साधा गया है. कांग्रेस ने इस मामले को लेकर भाजपा पर हमला बोला. फिल्म के निर्माताओं ने कहा कि इस […]

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चेन्नई: भाजपा की तमिलनाडु इकाई के विरोध के बाद फिल्म ‘मर्सल’ का निर्माण करने वाले प्रोडक्शन हाउस ने कहा कि वह उन दृश्यों को हटाने को तैयार है जिनमें जीएसटी पर कथित तौर पर निशाना साधा गया है. कांग्रेस ने इस मामले को लेकर भाजपा पर हमला बोला.

फिल्म के निर्माताओं ने कहा कि इस फिल्म के कुछ संवादों को लेकर भाजपा का विरोध उसके अपने नजरिए से ठीक है. मामले पर भाजपा और प्रोडक्सन हाउस के बीच समझौता होने का संकेत देते हुए निर्माताओं ने दावा किया कि भाजपा नेताओं ने उनके स्पष्टीकरण को स्वीकार किया है.

श्री थेनांदल फिल्म्स के प्रमुख मुरली रामास्वामी ने कहा, उनके अपने जरिए से यह विरोध ठीक है. अगर फिल्म में पेश की गई राय से गलतफहमी पैदा हुई है तो उसे हटाया जाना चाहिए. हम इसके लिए भी तैयार हैं. इससे पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने अभिनेता विजय की इस फिल्म से कुछ संवाद हटाये जाने की मांग करने के लिए तमिलनाडु भाजपा पर हमला बोला.

इससे पहले केंद्रीय मंत्री पी राधाकृष्णन ने मांग की कि उन संवादों को फिल्म से निकाला जाना चाहिए जो उनके अनुसार जीएसटी के बारे में असत्य हैं. भाजपा नीत राजग सरकार ने एक जुलाई से माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू किया है.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज ट्वीट कर कहा, श्रीमान् (नरेन्द्र) मोदी सिनेमा तमिल संस्कृति एवं भाषा की सशक्त अभिव्यक्ति है. मेर्सल में हस्तक्षेप कर तमिल गौरव का डिमॉन-एटाइज मत करिये. उनके इस ट्वीट को चिदंबरम ने फिर से ट्वीट किया.

भाजपा की तमिलनाडु इकाई की प्रमुख टी सौंदरराजन एवं राष्ट्रीय सचिव एच राजा सहित राज्य के भाजपा नेताओं ने हाल में रिलीज इस फिल्म में जीएसटी के उल्लेख पर कडी आपत्ति की थी और दावा किया था कि इसके संवाद बेहद अनुचित हैं.

चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा, फिल्म निर्माताओं को नोटिस : कानून आने ही वाला है, आप केवल सरकार की नीतियों की सराहना करने वाले वृत्त चित्र बना सकते हैं.

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, भाजपा मर्सल में संवाद निकालने को कह रही है. कल्पना करिए कि आज पराशक्ति रिलीज हुई होती. पराशक्ति 1952 में आयी तत्कालीन तमिल सुपरस्टार शिवाजी गणेशन की पहली फिल्म थी जिसके संवाद द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि ने लिखे थे. उस समय करुणानिधि भी उभरते हुए पार्टी नेता एवं पटकथा लेखक थे.

ट्वीट का जवाब देते हुए तमिलनाडु के भाजपा नेता एवं पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एच राजा ने कहा कि यदि ऐसा हुआ हो तो लोग इस फिल्म के एक प्रसिद्ध संवाद का उल्लेख करते हुए सरकार को मंदिर चलाने की इजाजत नहीं देते. राजा का संकेत भाजपा एवं दक्षिणपंथी संगठनों के उस रुख की ओर था जिनका मानना है कि सरकार को मंदिरों का प्रशासन नहीं करना चाहिए और इसे श्रद्धालुओं को सौंप देना चाहिए.

राजा ने यह भी दावा किया कि फिल्म ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति विजय की घृणा को उजागर कर दिया है. अभिनेता शरत कुमार ने ट्वीट किया, सेंसर बोर्ड द्वारा प्रमाणित फिल्म पर सवाल नहीं उठाया जा सकता. यदि यह प्रश्न योग्य होती तो फिर सेंसर बोर्ड की क्या जरुरत है..मेर्सल.

तमिल फिल्म अभिनेता कमल हासन ने ट्वीट कर कहा, मर्सल प्रमाणित है. इसका फिर से सेंसर मत करिए. आलोचना का जवाब तार्किक प्रतिक्रियाओं से दीजिए. आलोचकों को चुप मत कराइये. भारत जब बोलता है तो यह उज्ज्वल हो जाता है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरुर ने कहा कि कांग्रेस अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्ष में है. उन्होंने राहुल गांधी को टैग करते हुए ट्वीट किया, याद रखिए : कांग्रेस, सत्ता में हो या बाहर, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्ष में है. रचनात्मक स्वतंत्रता उन्हीं लोगों के हाथ में सुरक्षित रह सकती है जो इसकी कद्र करते हैं.

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