शर्ट उतारकर किया UGC के नियमों का विरोध, कहा- काला कानून वापस लो

UGC New Guidelines 2026 (क्रेडिट-सोशल मीडिया)
Protest Against UGC New Guidelines 2026: पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. वे यूजीसी के नियम के खिलाफ हैं. उनके इस्तीफे के बाद बरेली के लोगों ने विरोध किया.
Protest Against UGC New Guidelines 2026: यूजीसी के नए नियम के खिलाफ बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) ने इस्तीफा दे दिया. अलंकार अग्निहोत्री 2019 बैच के पीसीएस अफसर हैं. उन्होंने इसे काला कानून बताया और कहा कि वे सरकार और यूजीसी के इस स्टैंड को सपोर्ट नहीं कर रहे हैं. उनके इस्तीफे के बाद कई स्थानीय (Local) लोग भी यूजीसी का विरोध करने उतरे. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति अपने कपड़े उतारकर यूजीसी का विरोध कर रहा है.
कपड़े उतारकर जताया विरोध
वीडियो में दिख रहे व्यक्ति ने एक-एक कर अपने सभी कपड़े उतार दिए. उन्होंने अपनी शर्ट उतारी और कहा ये लो भेज दो पीएम मोदी को. ये हालत कर दी हमारी. सर्वणों को निर्वस्त्र कर दिया.
बरेली के लोगों को शर्म नहीं आती
इस वीडियो पर तरह-तरह के फीडबैक आ रहे हैं. कोई इसे नेकेड विरोध कह रहा है तो कोई कह रहा है कि बरेली के लोगों ने सर्दी लगती है और न ही शर्म. उम्मीद है कि UGC वाले इस विरोध को देखरक हॉट फैसला लेना बंद कर दें.
एक अन्य यूजर ने लिखा कि पहले खुद को संपन्न बताते हो और जब बारी आई तो नाच रहे हो. समान दृष्टि रखो. राधे-राधे! एक अन्य ने लिखा कि सरकारी की नीति का विरोध करना जरूरी है लेकिन इस तरह निर्वस्त्र हो जाना ठीक नहीं.
यूजीसी के नियम के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं लोग
यूजीसी ने प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन्स का नियम सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के लिए अनिवार्य कर दिया है. इसे लेकर एक जाति लगातार विरोध कर रही है. अब इस मुद्दे पर राजनीति हो रही है. सत्ता पक्ष के लीडर और विपक्ष के नेता अपना-अपना स्टैंड रख रहे हैं. वहीं इस मामले को लेकर देशभर के शिक्षक, समाज सेवक, नेता और आम लोग फीडबैक दे रहे हैं.
सम्मान बचाने वाले कानून से किसे दिक्कत है?
— Neha Singh Rathore (@nehafolksinger) January 26, 2026
18-18 घंटे मेहनत करने के बाद ये क़ानून बना है. इसका सम्मान कीजिए. pic.twitter.com/gbknAO4miX
नेहा सिंह राठौड़ ने कहा जाति पुरानी बीमारी है
लोक गायिका नेता सिंह राठौड़ ने कहा कि चोरी के खिलाफ कानून बनने से किसे दिक्कत होगी जो खुद चोर होगा. ठीक वैसे ही भेदभाव रोकने वाले कानूनों का विरोध कौन करेगा, जो खुद भेदभाव करता होगा. जातिगत और पक्षपात हमारे देश की पुरानी बीमारी है.
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लेखक के बारे में
By Shambhavi Shivani
शाम्भवी शिवानी पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्था के साथ काम किया है. अभी प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़कर एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शाम्भवी यहां एग्जाम, नौकरी, सक्सेस स्टोरी की खबरें देखती हैं. इसके अलावा वे सिनेमा और साहित्य में भी रुचि रखती हैं.
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