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UGC नियमों से नाराज अफसर! मुंह पर मारा Resignation, जानिए कौन हैं DM बरेली के अलंकार अग्निहोत्री

26 Jan, 2026 6:54 pm
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Alankar Agnihotri Resignation

Alankar Agnihotri Resignation

Alankar Agnihotri Resignation: UGC के नए नियमों (UGC New Guidelines 2026) को लेकर बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया है. 2019 बैच के PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने इन नियमों को काला कानून बताते हुए पद छोड़ने का फैसला किया है.

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Alankar Agnihotri Resignation: यूजीसी नियमों (UGC New Guidelines 2026) को लेकर देशभर में बहस छिड़ गई है. ये बहस सड़कों से सोशल मीडिया तक जारी है. लगातार कोई-न-कोई एक्टिविटी हो रही है. कुछ लोग इसके पत्र में बोल रहे हैं तो कुछ खिलाफ में. ताजा अपडेट के अनुसार, यूपी के बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने UGC Regulation को लेकर अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है. 2019 बैच के PCS अफसर अलंकार अग्निहोत्री ने इसे काला कानून बताया है.

इस्तीफा देने के बाद PCS अफसर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे देश में घट रहे दो मुद्दों से काफी परेशान हैं. उन्होंने प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य के शिष्यों के साथ कथित दुर्व्यवहार से नाराजगी जताई. साथ ही UGC के इक्वलिटी एक्ट के भी खिलाफ हैं.

Alankar Agnihotri Resignation: 15वीं रैंक लाकर पास हुए थे

अलंकार अग्निहोत्री है ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट (ADM) पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने साल 2019 में उत्तर प्रदेश की (PCS) परीक्षा पास की थी. पहले अटेंप्ट में उन्होंने UPPSC PCS 2019 परीक्षा पास की थी. अलंकार अग्निहोत्री ने 15वीं रैंक हासिल की थी.

कहां से हुई है पढ़ाई-लिखाई?

अलंकार अग्निहोत्री मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले हैं. उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय IIT BHU से बीटेक और फिर एलएलबी की डिग्री हासिल की है. वे बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट (इस्तीफा देने से पहले) हैं. इससे पहले उन्होंने कई जिलों में डिप्टी कलेक्टर के पद पर सेवा दी है.

UGC New Guidelines 2026: क्या है यूजीसी का नियम?

UGC ने प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशन एक्ट 2026 (Promotion of Equity in Higher Education Institutions) को 15 जनवरी 2026 से देशभर में लागू किया है. नए नियम के तहत अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को भी जातिगत भेदभाव की परिभाषा में शामिल किया गया है. कॉलेज और यूनिवर्सिटी लेवल पर ओबीसी, महिला, एससी, एसटी और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधियों की एक समानता समिति गठित की जाएगी. यह समिति हर महीने में अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी और उसे UGC को भेजना अनिवार्य होगा.

यह भी पढ़ें- UGC के नए नियम पर मचा बवाल, जानिए क्यों ट्रेंड कर रहा है #StopDiscrimination

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Shambhavi Shivani

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्था के साथ काम किया है. अभी प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़कर एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शाम्भवी यहां एग्जाम, नौकरी, सक्सेस स्टोरी की खबरें देखती हैं. इसके अलावा वे सिनेमा और साहित्य में भी रुचि रखती हैं.

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