Personality development : कमियों को स्वीकारना ही है सुधार की पहली सीढ़ी

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पर्सनालिटी डेवलपमेंट का एक हिस्सा अपनी कमियों को स्वीकारना होता है. अगर आप में खुद की कमी स्वीकारने की क्षमता है, तो उसमें सुधार करने की हिम्मत भी आ जायेगी और जिंदगी के हर मोड़ पर इसका लाभ मिलेगा.
Personality development : आपकी सबसे बड़ी कमजोरी क्या है? यह एक ऐसा प्रश्न है, जो आपकी पर्सनालिटी को आंकने का काम करता है. इसलिए इंटरव्यू हॉल में यह प्रश्न अक्सर आपके सामने रखा जाता है. जाहिर है, जब इंटरव्यूअर आपसे आपके मजबूत बिंदुओं (स्ट्रेंथ) के बारे में पूछता है, तो आप उन्हें कई मजबूत बिंदु गिना देते हैं. लेकिन, वीकनेस (कमजोरी) की बारी आते ही आप थोड़ा हिचकिचाते हैं, समझ नहीं पाते कि अब क्या जवाब देना चाहिए.
वीकनेस को ही स्ट्रेंथ बनाएं, पर ध्यान से
दरअसल, यह सवाल आपको उलझाने के लिए ही पूछा जाता है. ऐसे में आपको थोड़ी समझदारी दिखानी होती है. ऐसे भी कई लोग हैं, जो सलाह देते हैं कि जब कोई व्यक्ति आपकी वीकनेस पूछे, तो उसके जवाब में आपको अपनी स्ट्रेंथ बतानी चाहिए. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि आपको स्ट्रेंथ भी सोच-समझ कर बतानी चाहिए. वीकनेस के जवाब में ज्यादातर लोग अपने आपको परफेक्शनिस्ट बताते हैं, तो कुछ लोग अपने को परिश्रमी भी बताते हैं. हालांकि कई बार इंटरव्यू के दौरान नियोक्ता इस तरह के
जवाबों से परेशान हो जाता है और दूसरे सवाल पूछने लगता है. वैसे, इसमें कोई दोराय नहीं है कि परफेक्शनिस्ट होना भी वीकनेस है. कुछ लोग यह भी कहते हैं कि जल्दी में वे परफेक्ट से थोड़ा कम बेहतर काम करते हैं.
यह न कहें कि आपकी कोई वीकनेस नहीं
कुछ लोग इस सवाल का जवाब कोई वीकनेस नहीं बता कर भी देते हैं. लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा जवाब देने से बचना चाहिए. क्योंकि ऐसा कतई संभव नहीं है कि आपमें कोई वीकनेस न हो. इसलिए अगर आप अपने में कोई वीकनेस नहीं होने की बात कह रहे हैं, तो यह आपको झूठा साबित करता है. आप चाहें, तो सामनेवाले को उलझाने के लिए कह सकते हैं कि मेरे दोस्त कहते हैं मेरी मैप रीडिंग काफी खराब है. जाहिर है, जब तक आपका जॉब प्रोफाइल शहर में घूमने का नहीं होगा, तब तक नियोक्ता इसे कोई बड़ी वीकनेस नहीं मानेगा और आप सीरियस सवाल को अपने ह्यूमर के बूते टाल देंगे. दरअसल, चयनकर्ता किसी भी रूप में आपसे गलती करवाना चाहता है. वह चाहता है कि आप कहीं गलती करें और आपके नंबर काटे जा सके. इसलिए आपको इस तरह के सवालों का जवाब देते वक्त बेहद सावधान रहने की जरूरत होती है.
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क्या हो इसका सटीक जवाब
विशेषज्ञों की मानें, तो आपके लिए अपनी कोई असली वीकनेस बताना सबसे बेहतर विकल्प होगा. हालांकि आपको ध्यान रखना होगा कि यह वीकनेस सीधे तौर पर आपके काम को प्रभावित न करे. साथ में इसे सुधारने का तरीका भी आपके पास तैयार होना चाहिए. जैसे किसी ऑफिस जॉब के लिए आवेदन करने पर उम्मीदवार कह सकते हैं कि आप अपनी पब्लिक स्पीकिंग स्किल्स और लोगों से मिलने-जुलने की आदत में सुधार कर रहे हैं. इस तरह, चयनकर्ता इसे आपकी वीकनेस नहीं मानेगा, क्योंकि उसे आपसे ऑफिस वर्क ही कराना है.
सुधार की गुंजाइश स्वीकारें
अपनी कमियों को बताएं और उसे सुधारने के लिए तैयार रहने की बात कह कर खुद को मजबूती से प्रस्तुत करें. ध्यान रहे कि कमियां हर इंसान में होती हैं, लेकिन उनमें सुधार लाने की कोशिश करके आप अपनी वीकनेस को भी स्ट्रेंथ के तौर पर पेश कर सकते हैं. इसी तरह आप हाल ही में दूर की गयी अपनी वीकनेस के बारे में भी बात कर सकते हैं.
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लेखक के बारे में
By Prachi Khare
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