National Herbs And Spices Day 2024 आज, जानें मसालों के देश में क्या है इस दिन की अहमियत

Published by : Shaurya Punj Updated At : 10 Jun 2024 10:12 AM

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National Herbs And Spices Day 2024

National Herbs And Spices Day 2024: 10 जून को राष्ट्रीय जड़ी-बूटी और मसाला दिवस के रूप में मनाया जाता है. यह दिन आपके व्यंजनों और शायद आपके जीवन में भी स्वाद का जश्न मनाने के लिए समर्पित है। इस दिन का उद्देश्य व्यंजनों में सूखे और ताजे दोनों रूपों में मसालों और जड़ी-बूटियों के बारे में जागरूकता फैलाना है.

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National Herbs And Spices Day 2024: राष्ट्रीय जड़ी-बूटी और मसाला दिवस यानी नेशनल हर्ब्स और स्पाइसेज डे आज यानी 10 जून को विशेष रूप से धूमधाम से मनाया जाता है. राष्ट्रीय जड़ी-बूटी और मसाला दिवस पहली बार आधिकारिक तौर पर वर्ष 2015 में मनाया गया था, जिसमें ताजी और सूखी जड़ी-बूटियों और मसालों की विविधता और गुणवत्ता को मान्यता दी गई थी. आपको बता दें ये दिन अमेरिका में काफी प्रसिद्ध है.

जानें नेशनल हर्ब्स और स्पाइसेज डे का इतिहास

राष्ट्रीय जड़ी-बूटियाँ और मसाले दिवस आधिकारिक तौर पर वर्ष 2015 से मनाया जा रहा है. रसोई में जड़ी-बूटियाँ और मसाले न केवल अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, बल्कि उनमें से कई का औषधीय महत्व भी है, यही वजह है कि इस तरह का दिन अस्तित्व में आया होगा. 2015 में ‘राष्ट्रीय’ और ‘मसाले’ शब्द जोड़े जाने से पहले, इस छुट्टी का सबसे पुराना संदर्भ 1999 में ‘हर्ब डे’ था.

मसालों और जड़ी-बूटियों के सबसे शुरुआती प्रशंसकों में से एक सम्राट शारलेमेन (742-814 ई.) थे. जाहिर तौर पर उन्हें उनके बारे में इतना जुनून था कि उन्होंने 74 अलग-अलग जड़ी-बूटियों की एक सूची बनाई और उन्हें अपने बगीचों में लगाया. हालाँकि, हमारे शब्दों पर भरोसा न करें, देखें कि सम्राट शारलेमेन ने खुद क्या कहा था: “जड़ी-बूटियाँ चिकित्सकों की मित्र और रसोइयों की प्रशंसा हैं.” मध्य युग तक, खाना पकाने और दवा दोनों में जड़ी-बूटियों और मसालों का उपयोग आम हो गया था. “द फॉर्म ऑफ क्यूरी” (“द मेथड ऑफ कुकिंग”) जैसी किताबें सामने आने लगीं, जिसने जड़ी-बूटियों के व्यापक उपयोग को बढ़ावा दिया. आधुनिक समय की एलोपैथी की जड़ें भी आम बीमारियों को ठीक करने के लिए विभिन्न जड़ी-बूटियों और औषधीय पौधों के मिश्रण में हैं.

भारत में मसालों का इतिहास

आपको बता दें भारत के मसालों का इतिहास हजारों साल पुराना है. जड़ी-बूटियों और मसालों का इस्तेमाल भारतीय जनजातियों द्वारा लगभग ‘मसालों की मानव सभ्यता’ के समय से ही किया जाता रहा है. ऋग्वेद (लगभग 6000 ईसा पूर्व) और यजुर्वेद, सामवेद और अथर्वेद भारत में मसालों का लिखित रिकॉर्ड प्रदान करते हैं. इसके अलावा साल 1498 में वास्को डी गामा ने भारतीय मसालों के यूरोप और दक्षिण पूर्व एशिया के बीच व्यापार की शुरुआत की थी.

भारत ऐसे बना मसालों का हब

भारत को मसालों का हब कहा जाता है आपको बता दें भारत का वातावरण मसाले उगाने के लिए काफी उपयुक्त है. यहां पर उच्च आर्द्रता और विभिन्न प्रकार की जलवायु परिस्थितियां विभिन्न प्रकार की मसाला फसलों की खेती के लिए आदर्श स्थितियां पैदा करती हैं. जैसे-जैसे विदेशी यात्री भारत से यात्रा करते गए, ये मसाले धीरे-धीरे पूरे महाद्वीप में अपनी जगह बनाते गए. भारतीय मसालों में इस बढ़ती रुचि के कारण ही भारत अब मसाला हब के नाम से पहचाना जाने लगा है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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