भारत का एकमात्र गांव, जहां घरों में नहीं होते दरवाजे, वजह जानकर चौंक जाएंगे!
Published by : Smita Dey Updated At : 23 May 2026 10:15 AM
सांकेतिक फोटो (Freepik)
Which Indian Village Has No Doors: भारत का वह गांव जहां घरों में दरवाजे नहीं होते हैं. यह गांव अपनी धार्मिक मान्यता और अनोखी परंपरा के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती है. क्या आप जानते हैं इस गांव के पीछे का रहस्य. अगर नहीं जानते हैं तो यहां देखें और अपनी जनरल नॉलेज को मजबूत करें.
Which Indian Village Has No Doors: भारत में कई ऐसी जगहें हैं जो अपनी अनोखी परंपराओं और मान्यताओं के लिए जानी जाती हैं. इन्हीं में एक गांव ऐसा भी है, जहां लोगों के घरों में दरवाजे ही नहीं होते. सुनने में यह थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन यह बिल्कुल सच है. इस गांव का नाम है शनि शिंगणापुर, जो अपनी खास परंपरा और लोगों के विश्वास के कारण पूरे देश में फेमस है. आइए जानते हैं इस अनोखे गांव (Which Indian Village Has No Doors) के बारे में.
Which Indian Village Has No Doors: कहां है यह गांव?
शनि शिंगणापुर गांव महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित है. यह जगह खासतौर पर भगवान शनि देव के प्रसिद्ध मंदिर के लिए जानी जाती है. यहां हर साल लाखों लोग दर्शन करने आते हैं. इस गांव की सबसे खास बात यह है कि यहां के कई घरों और दुकानों में पारंपरिक दरवाजे नहीं लगाए जाते.
Which Indian Village Has No Doors: आखिर क्यों नहीं होते दरवाजे?
इस गांव के लोगों का मानना है कि यहां स्वयं शनि देव की कृपा रहती है और वे गांव की रक्षा करते हैं. लोगों का विश्वास है कि अगर कोई चोरी या गलत काम करने की कोशिश करता है, तो उसे शनि देव का दंड झेलना पड़ता है. इसी वजह से यहां के लोग अपने घरों में ताले या मजबूत दरवाजों की जरूरत महसूस नहीं करते हैं. कई घरों में केवल लकड़ी का बोर्ड या पर्दा लगा होता है, लेकिन लोहे या लकड़ी के भारी दरवाजे आमतौर पर देखने को नहीं मिलते. गांव वालों के बीच आपसी भरोसा भी काफी मजबूत माना जाता है.
क्या यहां कभी चोरी नहीं होती?
ऐसा नहीं है कि यहां कभी कोई अपराध नहीं हुआ, लेकिन लंबे समय तक इस गांव की पहचान एक ऐसे स्थान के रूप में रही, जहां चोरी की घटनाएं बेहद कम होती थीं. गांव के लोग मानते हैं कि गलत काम करने वाले को किसी न किसी रूप में सजा जरूर मिलती है.
हालांकि समय के साथ कुछ बदलाव भी आए हैं. बढ़ती आबादी, बाहरी लोगों की आवाजाही और आधुनिक जरूरतों के कारण कुछ लोगों ने अब सुरक्षा के लिए दरवाजे लगवाने भी शुरू कर दिए हैं. फिर भी इस गांव की पुरानी परंपरा आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है.
पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र
आज के समय में यह गांव सिर्फ धार्मिक जगह नहीं बल्कि एक पर्यटन स्थल भी बन चुका है. लोग यहां शनि मंदिर के दर्शन करने के साथ-साथ इस अनोखी परंपरा को देखने भी पहुंचते हैं. कई लोग यह जानने के लिए उत्सुक रहते हैं कि आखिर बिना दरवाजों के लोग कैसे रहते हैं. यह गांव उन लोगों के लिए भी खास है जो भारत की अलग-अलग संस्कृतियों और परंपराओं को करीब से समझना चाहते हैं.
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By Smita Dey
स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग का शौक रखने वाली स्मिता युवाओं को बेहतर करियर गाइड करना और नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना पसंद करती हैं.
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