खत्म हो गया MBA और सॉफ्टवेयर का जलवा? जानिए देश के CEA ने क्यों दी युवाओं को अपनी सोच बदलने की सलाह

Edited by Bhumi Sharma
Updated:
विज्ञापन

स्टूडेंट की सांकेतिक फोटो (AI GENERATED )

CEA on youth career choices: भारत सरकार के CEA वी. अनंता नागेश्वरन का मानना है कि केवल सॉफ्टवेयर और MBA जैसी पारंपरिक डिग्रियों के भरोसे नौकरी पाने का दौर अब खत्म हो चुका है. उन्होंने युवाओं को आगाह किया कि AI और बदलती टेक्नोलॉजी के कारण अब केवल किताबी ज्ञान काफी नहीं है.

विज्ञापन

CEA on youth career choices: भारत में पिछले कई दशकों से युवाओं के बीच इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर कोडिंग या फिर किसी बड़े कॉलेज से MBA करना करियर की सबसे सेफ और गारंटीड सीढ़ी माना जाता रहा है. हर साल लाखों छात्र इस उम्मीद में इन डिग्रियों के पीछे भागते हैं कि उन्हें एक सिक्योर लाइफ और हाई-पेइंग जॉब मिलेगी. लेकिन क्या बदलते दौर में अब वाकई इन डिग्रियों का कोई फायदा रह गया है? आज भी कई युवा इस उलझन में रहते है की क्या MBA करना अच्छा होगा, जॉब मिल जाएगी या फिर ये सोचना की मास्टर्स तो जरूरी है इसके बिना आप आज के जॉब मार्केट में कम्पीट नहीं कर पाएंगे.

इन्हीं सवालों का जवाब भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंता नागेश्वरन (V Anantha Nageswaran) ने काफी अच्छे से बताया है. उन्होंने युवाओं को आगाह करते हुए कहा है कि वो दौर अब खत्म हो चुका है जहां सिर्फ एक डिग्री आपके करियर की नैया पार लगा देती थी.

CEA on youth career choices: “सॉफ्टवेयर और MBA का दौर अब खत्म” आखिर CEA ने ऐसा क्यों कहा?

एक पॉडकास्ट में बात करते हुए देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार ने साफ शब्दों में कहा कि ग्लोबलाइजेशन के शुरुआती दौर में सॉफ्टवेयर, कंप्यूटर साइंस और MBA जैसी डिग्रियों को जो एक्स्ट्रा एडवांटेज मिलता था वह अब पूरी तरह खत्म हो चुका है.

हमारे देश में आज भी युवा ग्रेजुएशन के बाद बिना सोचे-समझे सीधे पोस्ट-ग्रेजुएशन या UPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के रास्ते पर चलने लगते हैं. वे यह नहीं सोचते कि क्या यह पढ़ाई सचमुच आज के मार्केट के हिसाब से सस्टेनेबल रोजगार दे पाएगी. टेक्नोलॉजी जिस तेजी से बदल रही है उसमें कोडिंग, डेटा एंट्री और मैनेजमेंट से जुड़े कई बुनियादी काम अब AI मशीनें खुद कर पा रही हैं. ऐसे में सिर्फ किताबी ज्ञान वाली डिग्रियों की वैल्यू कम हो रही है.

वेल्डिंग, प्लंबिंग जैसे काम को भारत में कम सम्मान मिलता है


भारत में हमेशा से वेल्डिंग, प्लंबिंग, कारपेंट्री और इलेक्ट्रिकल जैसे टेक्निकल और प्रैक्टिकल कामों को कम सम्मान दिया गया है. जबकि स्विट्जरलैंड, जर्मनी, जापान, साउथ कोरिया और चीन जैसे विकसित देशों में इन ‘ट्रेड स्किल्स’को बहुत ज्यादा सम्मान दिया जाता है और पैसा मिलता है. उन्होंने बताया की ये ऐसे काम है जो AI कभी नहीं छीन पाएगा और ये सेक्टर्स हमेशा ग्रो करेंगे.

CEA on youth career choices: तो क्या वाकई ओल्ड डिग्री कल्चर का कोई फायदा नहीं है?

CEA के इस बयान का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि पढ़ाई या डिग्रियां बेकार हो गई हैं. नागेश्वरन का कहना है कि अब सिर्फ आपके पास MBA या सॉफ्टवेयर की डिग्री होने से नौकरी नहीं मिलेगी. भविष्य उन लोगों का है जिनके पास ‘ट्रेड स्किल्स’,’सॉफ्ट स्किल्स’ और ऐसी खूबियां हैं जहां इंसानी ज्ञान बहुत जरूरी होती है, जिसे कंप्यूटर कॉपी न कर सके.

उन्होंने एक युवा शेफ का उदाहरण देते हुए समझाया कि उसने एक ऐसा हुनर सीखा है जिसे टेक्नोलॉजी या AI सानी से रिप्लेस नहीं कर सकते. आने वाले समय में काउंसलिंग, केयरगिविंग, हॉस्पिटैलिटी और क्रिएटिव फील्ड्स जैसे सेक्टर्स की वैल्यू और बढ़ेगी.

मुख्य आर्थिक सलाहकार ने युवाओं की कामयाबी को उनकी सेहत से जोड़ते हुए एक और गंभीर चिंता जताई है . उन्होंने नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) का हवाला देते हुए कहा कि आजकल की सिडेंटरी लाइफस्टाइल, कम फिजिकल एक्टिविटी और देर रात खाने की आदतों की वजह से हर वर्ग में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है. उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि देश की तरक्की और खुद की कमाई सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी पर नहीं बल्कि नागरिकों की सेहत पर टिकी है. इसलिए युवाओं को अपनी प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन के साथ-साथ अपनी फिजिकल और मेंटल हेल्थ पर भी उतना ही निवेश करना चाहिए.

यह भी पढ़ें: आप भविष्य में PM बनें, कौन हैं डॉ. हीरा राशिद, पहली फ्लाइट पकड़कर CM योगी से मिलने पहुंचीं लखनऊ 

विज्ञापन
Bhumi Sharma

लेखक के बारे में

By Bhumi Sharma

भूमि शर्मा प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. इंटर्नशिप और फुल टाइम जॉब मिलाकर अब तक इनके पास करीब 2 साल तक का अनुभव है. एंकरिंग और रिपोर्टिंग कर चुकी हैं. फिलहाल प्रभात खबर पर एजुकेशन और जॉब्स की खबरें देखती हैं. फिल्म जगत और पॉलिटिक्स की खबरों में इंटरेस्ट रखती हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola