20 साल से कर रहे हैं MBBS की पढ़ाई, कोर्ट ने दिया फैसला, फिर भी हो गए दो विषय में फेल

Published by : Shambhavi Shivani Updated At : 28 Mar 2026 3:48 PM

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BRD कॉलेज (PC-ऑफिशियल वेबसाइट)

MBBS Student: यूपी के इस मेडिकल कॉलेज में 3 स्टूडेंट्स 20 साल से ऊपर MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं. लेकिन फेल हो जा रहे हैं. कॉलेज ने रिजल्ट भी जारी करना बंद कर दिया. कोर्ट ने इस मामले में दखल दिया.

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MBBS Student: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित बीआरडी (BRD) मेडिकल कॉलेज से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. यहां के तीन स्टूडेंट ऐसे हैं जो कई सालों से इसी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं. लेकिन बार-बार फेल हो जा रहे हैं. एक स्टूडेंट 1998 बैच का है, एक 2009 और एक 2010 बैच का. यूनिवर्सिटी ने अब इन स्टूडेंट्स का रिजल्ट ही जारी करना बंद कर दिया है. इनमें से एक स्टूडेंट ने अब कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

स्टूडेंट कोर्ट के पास पहुंचा

BRD में MBBS की पढ़ाई कर रहे ये स्टूडेंट्स अब अपने फाइनल ईयर के रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन कॉलेज ने इस स्टूडेंट्स का रिजल्ट ही जारी करना बंद कर दिया. कॉलेज का कहना था कि ये मामला 2020 के पहले का और नए नियम कहते हैं कि कोर्स को अधिकतम 10 साल में पूरा करना जरूरी है. इस पर इनमें से एक स्टूडेंट ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

कोर्ट ने रिजल्ट जारी करने का आदेश दिया

स्टूडेंट की अपील पर कोर्ट ने पूरे मामले में दखल दिया. इसके बाद कॉलेज की ओर से उस स्टूडेंट का रिजल्ट जारी किया गया, लेकिन इस रिजल्ट में वो स्टूडेंट दो सब्जेक्ट में फिर फेल हो गए. अब उसे सप्लीमेंट्री देने का मौका दिया जाएगा. कॉलेज बाकी दो स्टूडेंट्स का भी रिजल्ट जारी करेगा. 

कब तक पूरा कर सकते हैं MBBS का कोर्स?

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के अनुसार, 2020 या उसके बाद अगर कोई स्टूडेंट MBBS कोर्स में एडमिशन लेता है तो उसे एडमिशन डेट से 9 साल के अंदर कोर्स को पूरा करना होगा. इस दौरान 4.5 साल की पढ़ाई और 1 साल की इंटर्नशिप अनिवार्य है.

क्या कहते हैं 2020 के पहले के नियम?

NMC (पूर्व में MCI) का कहना था कि 2020 से पहले MBBS कोर्स में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को इसे 5.5 वर्ष (यानी कि 4.5 साल की पढ़ाई और 1 साल का इंटर्नशिप) में पूरा करना जरूरी था. हालांकि, नियम ये भी कहते थे कि फेल या गैप होने की स्थिति में कोर्स को 8-10 साल में पूरा किया जा सकता था.

जानिए BRD कॉलेज के बारे में

बाबा राघव दास (BRD) गोरखपुर के प्रमुख मेडिकल इंस्टीट्यूट में से एक है. यहां MBBS, MD, MS और पैरामेडिकल जैसे कोर्स ऑफर किए जाते हैं. इस कॉलेज की स्थापना 1969 में हुई थी और यह कॉलेज अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय (ABVMU) लखनऊ से एफिलिएटेड है. इससे पहले ये कॉलेज दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड था.

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Shambhavi Shivani

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By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

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