20 साल से कर रहे हैं MBBS की पढ़ाई, कोर्ट ने दिया फैसला, फिर भी हो गए दो विषय में फेल

Updated at : 28 Mar 2026 3:21 PM (IST)
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MBBS Students

BRD कॉलेज (PC-ऑफिशियल वेबसाइट)

MBBS Student: यूपी के इस मेडिकल कॉलेज में 3 स्टूडेंट्स 20 साल से ऊपर MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं. लेकिन फेल हो जा रहे हैं. कॉलेज ने रिजल्ट भी जारी करना बंद कर दिया. कोर्ट ने इस मामले में दखल दिया.

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MBBS Student: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित बीआरडी (BRD) मेडिकल कॉलेज से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. यहां के तीन स्टूडेंट ऐसे हैं जो कई सालों से इसी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं. लेकिन बार-बार फेल हो जा रहे हैं. एक स्टूडेंट 1998 बैच का है, एक 2009 और एक 2010 बैच का. यूनिवर्सिटी ने अब इन स्टूडेंट्स का रिजल्ट ही जारी करना बंद कर दिया है. इनमें से एक स्टूडेंट ने अब कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

स्टूडेंट कोर्ट के पास पहुंचा

BRD में MBBS की पढ़ाई कर रहे ये स्टूडेंट्स अब अपने फाइनल ईयर के रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन कॉलेज ने इस स्टूडेंट्स का रिजल्ट ही जारी करना बंद कर दिया. कॉलेज का कहना था कि ये मामला 2020 के पहले का और नए नियम कहते हैं कि कोर्स को अधिकतम 10 साल में पूरा करना जरूरी है. इस पर इनमें से एक स्टूडेंट ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

कोर्ट ने रिजल्ट जारी करने का आदेश दिया

कोर्ट ने पूरे मामले में दखल दिया और कॉलेज की ओर से रिजल्ट जारी किया गया. लेकिन दो सब्जेक्ट में स्टूडेंट फिर फेल हो गया. अब इस स्टूडेंट को सप्लीमेंट्री देने का मौका दिया जाएगा. अब कॉलेज बाकी दो स्टूडेंट्स का भी रिजल्ट जारी करेगा.

कब तक पूरा कर सकते हैं MBBS का कोर्स?

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के अनुसार, 2020 या उसके बाद अगर कोई स्टूडेंट MBBS कोर्स में एडमिशन लेता है तो उसे एडमिशन डेट से 9 साल के अंदर कोर्स को पूरा करना होगा. इस दौरान 4.5 साल की पढ़ाई और 1 साल की इंटर्नशिप अनिवार्य है.

क्या कहते हैं 2020 के पहले के नियम?

NMC (पूर्व में MCI) का कहना था कि 2020 से पहले MBBS कोर्स में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को इसे 5.5 वर्ष (यानी कि 4.5 साल की पढ़ाई और 1 साल का इंटर्नशिप) में पूरा करना जरूरी था. हालांकि, नियम ये भी कहते थे कि फेल या गैप होने की स्थिति में कोर्स को 8-10 साल में पूरा किया जा सकता था.

जानिए BRD कॉलेज के बारे में

बाबा राघव दास (BRD) गोरखपुर के प्रमुख मेडिकल इंस्टीट्यूट में से एक है. यहां MBBS, MD, MS और पैरामेडिकल जैसे कोर्स ऑफर किए जाते हैं. इस कॉलेज की स्थापना 1969 में हुई थी और यह कॉलेज अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय (ABVMU) लखनऊ से एफिलिएटेड है. इससे पहले ये कॉलेज दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड था.

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Shambhavi Shivani

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्था के साथ काम किया है. अभी प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़कर एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शाम्भवी यहां एग्जाम, नौकरी, सक्सेस स्टोरी की खबरें देखती हैं. इसके अलावा वे सिनेमा और साहित्य में भी रुचि रखती हैं.

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