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IPO: इस साल का सबसे बड़ा आईपीओ लाने जा रही स्विगी

Updated at : 24 Aug 2024 4:10 PM (IST)
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IPO: इस साल का सबसे बड़ा आईपीओ लाने जा रही स्विगी

इस साल का सबसे बड़ा आईपीओ लाएगी स्विगी

IPO: स्विगी का टारगेट 15 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर आईपीओ पेश करना है. मूल्यांकन का यह आकड़ा अंतिम समय में बदल भी सकता है. आईपीओ के माध्यम से बाजार से जुटाए गए धनराशि का इस्तेमाल इंस्टास्मार्ट कारोबार को बढ़ाने और अधिक स्टोरेज खोलने में करेगी, ताकि जोमैटो का डटकर मुकाबला किया जा सके.

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IPO: ऑनलाइन ऑर्डर लेकर फूड आइटम की डोर-स्टेप तक डिलीवरी करने वाली ई-कॉमर्स कंपनी स्विगी इस साल की अब तक का सबसे बड़ा आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी में जुटी हुई है. जापान के सॉफ्टबैंक कॉरपोरेशन के निवेश वाली कंपनी स्विगी ने आईपीओ के माध्यम से बाजार से 1 से 1.2 अरब डॉलर तक की धनराशि एकत्र करने की योजना बनाई है.

फूड डिलीवरी में स्विगी का जोमैटो से टक्कर

सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि स्विगी करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन पर अपना आईपीओ शेयर बाजार में पेश करना चाहती है, जो इस साल का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है. फूड डिलीवरी सेगमेंट में स्विगी का मुख्य मुकाबला जोमैटो से है, जो पहले ही शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो चुकी है. इन दोनों कंपनियों ने क्विक कॉमर्स सेक्टर में भारी निवेश किया है. क्विक कॉमर्स पर 10 मिनट के अंदर ग्रॉसरी समेत दूसरे प्रोडक्ट्स की डिलीवरी की जाती है.

शेयरधारकों ने अप्रैल में ही दे दी थी IPO की मंजूरी

रिपोर्ट में कहा गया है कि शेयर बाजार से 1.25 अरब डॉलर की पूंजी जुटाने के लिए फूड डिलीवरी करने वाली कंपनी स्विगी ने अप्रैल 2024 में ही अपने आईपीओ की मंजूरी ले ली थी. संभावना यह भी जाहिर की जा रही है कि बाजार विनियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनियामक बोर्ड आने वाले एक-दो महीने के अंदर स्विगी के आईपीओ को मंजूरी दे सकता है. सेबी की ओर से मंजूरी मिलने के बाद कंपनी शेयर बाजार में अपना फाइनल दस्तावेज जमा कराएगी. इसके बाद ही आईपीओ की पेशकश की तारीख तय की जा सकेगी.

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IPO से जुटाए गए पैसों का कहां इस्तेमाल करेगी स्विगी

रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि स्विगी का टारगेट 15 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर आईपीओ पेश करना है. मूल्यांकन का यह आकड़ा अंतिम समय में बदल भी सकता है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आईपीओ के माध्यम से बाजार से जुटाए गए धनराशि का इस्तेमाल इंस्टास्मार्ट कारोबार को बढ़ाने और अधिक स्टोरेज खोलने में करेगी, ताकि जोमैटो का डटकर मुकाबला किया जा सके.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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