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स्मॉल सेविंग करने वालों को तगड़ा झटका, नहीं बढ़ीं सुकन्या समृद्धि से पीपीएफ तक की ब्याज दरें

Updated at : 01 Jan 2025 11:27 AM (IST)
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indian small investor

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Small Savings: सरकार ने छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में किसी प्रकार का बदलाव नहीं करने का फैसला किया है. उसने पिछले एक साल या चार तिमाहियों से ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है. सरकार के इस कदम से छोटी बचत योजनाओं में पैसा जमा करने वालों को तगड़ा झटका लगा है.

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Small Savings: छोटी बचत करने वालों को केंद्र सरकार ने नए साल पर तगड़ा झटका दिया है. सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना से लेकर पीपीएफ तक की ब्याज दरों में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की है. चिंता की बात यह है कि ब्याज दरों में वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2025) तक ऐसे ही रहेंगी. वित्त मंत्रालय की ओर से जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, पीपीएफ और एनएससी समेत विभिन्न छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2025) के लिए अपरिवर्तित रहेंगी. अधिसूचना में कहा गया है, “वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में लागू दरों के समान रहेंगी.”

एक साल से ब्याज दरों में बदलाव नहीं

सरकार ने पिछली चार तिमाहियों यानी एक साल से छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया है. पिछली बार सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में कुछ योजनाओं की ब्याज दरों में संशोधन किया था. सरकार प्रत्येक तिमाही में डाकघर और बैंकों की ओर से संचालित छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करती है. इन योजनाओं को छोटे और मध्यम वर्गीय निवेशकों के लिए सुरक्षित और स्थिर रिटर्न के रूप में देखा जाता है.

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विभिन्न छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें

  • सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): जमा पर 8.2% ब्याज
  • सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF): 7.1% ब्याज
  • डाकघर बचत जमा: 4% ब्याज
  • तीन साल की सावधि जमा: 7.1% ब्याज
  • किसान विकास पत्र (KVP): 7.5% ब्याज; परिपक्वता अवधि: 115 महीने
  • राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC): 7.7% ब्याज
  • मासिक आय योजना: 7.4% ब्याज

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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