PM किसान योजना में बदलाव, अब बिना 'किसान आईडी कार्ड' नहीं मिलेगी 23वीं किस्त

Updated at : 08 Apr 2026 8:42 AM (IST)
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PM Kisan Samman Nidhi Yojana

सांकेतिक तस्वीर (फोटो/Canva)

Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi: पीएम किसान योजना के तहत सालाना ₹6,000 की आर्थिक मदद पाने वाले करोड़ों किसानों के लिए अब डिजिटल आईडी कार्ड अनिवार्य है. यह कार्ड आधार के जरिए वेरीफाई होगा और इसमें किसान की निजी जानकारी के साथ-साथ भूमि रिकॉर्ड भी लिंक रहेगा.

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Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi: केंद्र सरकार ने पीएम किसान योजना में ट्रांसपेरेंसी लाने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए ‘डिजिटल किसान पहचान पत्र’ (Farmer ID Card) पेश किया है. यह कार्ड ठीक आधार कार्ड की तरह काम करेगा, जिसमें किसान की जमीन और फसलों का पूरा विवरण डिजिटल रूप में दर्ज होगा. सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों के पास यह आईडी नहीं होगी, उनकी अगली किस्त (23वीं किस्त) रोकी जा सकती है.

क्या है यह डिजिटल कार्ड और क्यों है जरूरी?

सरकार का लक्ष्य खेती-किसानी को आधुनिक और बिचौलियों से मुक्त बनाना है. इस डिजिटल कार्ड के जरिए:

  • हर किसान की एक अलग डिजिटल पहचान होगी, जिससे असली लाभार्थियों की पहचान आसान हो जाएगी.
  • कार्ड में आपकी जमीन, उगाई जाने वाली फसल और व्यक्तिगत जानकारी का पूरा डेटा बेस होगा.
  • सिस्टम से फर्जी लाभार्थियों को बाहर करने के लिए यह एक अनिवार्य कदम है.

घर बैठे आसानी से खुद बनाएं अपनी आईडी

किसान आईडी कार्ड बनवाने की प्रक्रिया बहुत सरल है.

  • वेबसाइट: सबसे पहले PM Kisan Portal या राज्य कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाएं.
  • आधार वेरिफिकेशन: अपना आधार नंबर दर्ज करें. आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा.
  • डेटा अपडेट: ओटीपी डालने के बाद आपको अपनी जमीन के दस्तावेज (खतौनी आदि) और बैंक खाते की जानकारी अपडेट करनी होगी.
  • कार्ड डाउनलोड: प्रक्रिया पूरी होते ही आपकी डिजिटल आईडी जनरेट हो जाएगी, जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं.
  • नोट: आप अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर भी इसे बनवा सकते हैं.

इन दो कामों के बिना भी अटक सकता है पैसा

सिर्फ आईडी कार्ड बनवाना ही पर्याप्त नहीं है, इन दो शर्तों का पूरा होना भी जरूरी है:
e-KYC: पोर्टल पर जाकर बायोमेट्रिक या ओटीपी के जरिए अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) अपडेट रखें.
लैंड सीडिंग (Land Seeding): यह सुनिश्चित करें कि आपके जमीन के रिकॉर्ड सरकारी पोर्टल पर ‘Seeded’ या ‘Verified’ दिखा रहे हों.

आवश्यक डॉक्यूमेंटविवरण
आधार कार्डअनिवार्य (मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिए)
जमीन के कागजखसरा/खतौनी की जानकारी
बैंक खाताDBT के लिए आधार लिंक अकाउंट
मोबाइल नंबरओटीपी वेरिफिकेशन के लिए

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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