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ईरान-इजरायल युद्ध के बाद क्या अब महंगा होगा पेट्रोल डीजल ? जानें भारत का मास्टर प्लान

Updated at : 01 Mar 2026 5:12 PM (IST)
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Impact Of Iran-Israel War IndianPetrol Price

Impact Of Iran-Israel War IndianPetrol Price

Iran Israel War: ईरान-इजरायल युद्ध और होर्मुज की खाड़ी बंद होने से वैश्विक तेल संकट गहरा गया है. कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर तक पहुंचने की आशंका है. जानें, इस महायुद्ध का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा और भारत ने तेल सप्लाई जारी रखने के लिए क्या बैकअप प्लान तैयार किया है.

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Iran Israel War: मिडिल ईस्ट में तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर आ गया है. इजरायली हमले में ईरान के बड़े नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने दुनिया के सबसे जरूरी समुद्री रास्ते, होर्मुज की खाड़ी को बंद कर दिया है. यह रास्ता पूरी दुनिया के लिए तेल की सप्लाई लाइन है. इस रास्ते के बंद होने से पूरी दुनिया के बाजार में खलबली मच गई है और तेल की कमी होने का डर पैदा हो गया है.

कच्चा तेल 110 डॉलर तक पहुंचने का डर

होर्मुज की खाड़ी से दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल गुजरता है. ईरान ने जैसे ही इस रास्ते को रोका, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊपर भागने लगीं. जानकारों का कहना है कि अगर यह लड़ाई लंबी खिंची, तो कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती है. पिछले एक महीने में ही तेल की कीमतों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखी गई है, जो आने वाले समय में एक बड़े आर्थिक संकट का संकेत है.

क्या आपकी जेब पर पड़ेगा असर?

जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है, तो सबसे पहला सवाल पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर उठता है. राहत की बात यह है कि भारत में फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने की तुरंत उम्मीद नहीं है, क्योंकि सरकारी तेल कंपनियां हर छोटे उतार-चढ़ाव का बोझ जनता पर नहीं डालतीं. लेकिन, अगर कच्चा तेल महंगा बना रहा, तो देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा और रुपया कमजोर हो सकता है जिससे दूसरी चीजें महंगी होने का खतरा रहता है.

भारत का बैकअप प्लान तैयार

भारत अपनी जरूरत का 40% कच्चा तेल इसी रास्ते से मंगवाता है. इस खतरे को देखते हुए भारत ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है:

  • भारतीय तेल कंपनियां अब सऊदी अरब और यूएई के उन बंदरगाहों का इस्तेमाल करेंगी जो युद्ध वाले रास्ते से दूर हैं.
  • भारत अब खाड़ी देशों के अलावा दूसरे देशों से भी ज्यादा तेल खरीदने की बातचीत कर रहा है.
  • भारत में रिफाइनरी कंपनियों ने कंटिंजेंसी प्लान बना लिया है ताकि देश में तेल की सप्लाई कभी न रुके.

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Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

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