राजेश एक्सपोर्ट्स पर 15,000,000,000,000 करोड़ के फ्रॉड का आरोप, SEBI का एक्शन, प्रमोटर राजेश मेहता पर बैन

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Rajesh Exports 15 lakh Crore Allegation

Rajesh Exports 15 Lakh Crore Allegation

Rajesh Exports 15 lakh Crore Allegation : कॉरपोरेट जगत का सबसे बड़ा स्कैम! राजेश एक्सपोर्ट्स पर ₹15 लाख करोड़ के हेरफेर का आरोप, SEBI ने प्रमोटर राजेश मेहता पर लगाया बैन. शेयर में लगा लोअर सर्किट, LIC का भी फंसा पैसा.

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Rajesh Exports 15 lakh Crore Allegation : भारतीय शेयर बाजार के रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने देश के इतिहास के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक का भंडाफोड़ किया है. सेबी ने दिग्गज गोल्ड ज्वेलरी कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स (Rajesh Exports) और उसके प्रमोटर राजेश मेहता पर बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud) और पैसों की हेराफेरी करने का आरोप लगाया है.

मार्केट रेगुलेटर ने 4 जून को एक कड़ा अंतरिम आदेश जारी करते हुए कंपनी के मालिक राजेश मेहता पर अगले आदेश तक शेयर बाजार में किसी भी तरह की खरीद-बिक्री या वित्तीय लेनदेन करने पर पूरी तरह रोक (बैन) लगा दी है.

क्या है पूरा मामला? 15 लाख करोड़ का ‘फर्जीवाड़ा’

सेबी द्वारा जारी किए गए 109 पन्नों के विस्तृत आदेश में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं. आरोप है कि कंपनी ने अपनी विदेशी सहयोगी कंपनियों (Subsidiaries) के जरिए कई सालों तक अपने टर्नओवर और कामकाज को कागजों पर बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया.

99.8% रेवेन्यू फर्जी! पिछले 5 वित्त वर्षों (FY 2020-21 से 2024-25) के दौरान खातों में इतनी भारी हेरफेर की गई कि करीब 158.3 अरब डॉलर (यानी लगभग 15 लाख 16 हजार करोड़ रुपये) के रेवेन्यू का कथित फर्जीवाड़ा सामने आया है. यह रकम पिछले 5 सालों में कंपनी द्वारा दिखाए गए कुल रेवेन्यू का 99.8% हिस्सा है.

क्या करती है राजेश एक्सपोर्ट्स और कौन है इसका मालिक?

राजेश एक्सपोर्ट्स देश की जानी-मानी गोल्ड ज्वेलरी बनाने, रिफाइनिंग करने और विदेशों में सोने का एक्सपोर्ट करने वाली कंपनी है. इसके चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) राजेश मेहता हैं. यह कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित गोल्ड रिफाइनरी वैलकैम्बी एसए (Valcambi SA) की मालिक भी है, जिसके चलते इस घोटाले का असर वैश्विक स्तर पर भी देखा जा रहा है.

निवेशकों के ₹12,725 करोड़ स्वाहा; शेयर हुए कौड़ियों के दाम

इस कंपनी ने पिछले कुछ सालों में अपने शेयरधारकों (Investors) की संपत्ति को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. एनएसई (NSE) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों की कीमत:

  • साल 2026 में अब तक (YTD): 42% गिर चुकी है
  • पिछले 1 साल में: 49% की गिरावट
  • पिछले 3 साल में: 82% साफ
  • पिछले 5 साल में: 81% की भारी गिरावट

सेबी के मुताबिक, कंपनी ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए अपना कैश फ्लो स्टेटमेंट (कमाई का ब्योरा) दाखिल नहीं किया था, जिसके बाद जून 2023 से इसके शेयर लगातार गिर रहे हैं. इस वजह से निवेशकों के लगभग 12 हजार 725 करोड़ रुपये डूब चुके हैं.

देश के सबसे बड़े सरकारी निवेशक LIC को भी लगा झटका

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस डूबती कंपनी में देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का भी मोटा पैसा फंसा हुआ है. मार्च 2026 तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, राजेश एक्सपोर्ट्स में एलआईसी की 10.8% की बड़ी हिस्सेदारी थी.

एलआईसी के पास कंपनी के कुल 3 करोड़ 18 लाख 75 हजार शेयर हैं, जिनकी वैल्यू 4 जून को गिरकर महज 330 करोड़ रुपये के आसपास रह गई है. एलआईसी ने सितंबर 2023 से इस कंपनी में अपनी पोजीशन को जस का तस रखा था, यानी कोई नया शेयर न तो खरीदा था और न बेचा था.

आज बाजार में लगा 5% का लोअर सर्किट

सेबी के इस हिला देने वाले आदेश के बाद गुरुवार 4 जून को जैसे ही बाजार खुला, राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में हाहाकार मच गया. शुरुआती कारोबार में ही बिकवालों की भारी भीड़ के चलते शेयर 5% के लोअर सर्किट पर लॉक हो गया और दोपहर के समय करीब 104 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था.

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अभिषेक पाण्डेय

लेखक के बारे में

By अभिषेक पाण्डेय

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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