Yes Bank Crisis : मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बैंक के फाउंडर राणा कपूर से इन्फॉर्समेंट डाइरेक्टोरेट की पूछताछ जारी

Updated at : 07 Mar 2020 5:25 PM (IST)
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Yes Bank Crisis :  मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बैंक के फाउंडर राणा कपूर से इन्फॉर्समेंट डाइरेक्टोरेट की पूछताछ जारी

RBI की ओर से नियामकीय Ban लगाये जाने के बाद शनिवार सुबह से ही ED ने यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर के घर पर छापेमारी कर तलाशी ली है. मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED लगातार उनसे पूछताछ कर रही है और यह अब भी जारी है.

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मुंबई : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर से उनके तथा अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में पूछताछ जारी रखी. अधिकारियों ने बताया कि कपूर को शनिवार दोपहर में बालार्ड एस्टेट स्थित एजेंसी के कार्यालय लाया गया. प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार रात वर्ली इलाके में ‘समुद्र महल’ परिसर में राणा के आवास की तलाशी ली थी और उससे सख्त सवाल जवाब किये. उन्होंने कहा कि कपूर से पूछताछ जारी है.

उन्होंने कहा कि कपूर के खिलाफ मामला घोटाले से प्रभावित डीएचएफएल से जुड़ा हुआ है, क्योंकि बैंक द्वारा कंपनी को दिया गया कर्ज कथित रूप से गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) घोषित कर दिया गया है. कपूर के खिलाफ धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई की जा रही है. केंद्रीय जांच एजेंसी कुछ कारपोरेट संस्थाओं को दिये गये ऋण और कथित रूप से रिश्वत के रूप में कुछ धनराशि कपूर की पत्नी के खातों में जमा किये जाने के संबंध में राणा की भूमिका की जांच भी कर रही है.

अधिकारियों ने कहा कि अन्य कथित अनियमितताएं भी एजेंसी की जांच दायरे में हैं, जिसमें एक मामला उत्तर प्रदेश बिजली निगम में कथित पीएफ धोखाधड़ी से संबंधित है. सीबीआई ने हाल में उत्तर प्रदेश में 2,267 करोड़ रुपये के कर्मचारी भविष्य निधि घोटाले की जांच शुरू की है, जहां बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों की मेहनत की कमाई को दीवान हाउसिंग फाइनैंस कॉरपोरेशन (डीएचएफएल) में निवेश किया गया. रिजर्व बैंक ने यस बैंक पर तमाम अंकुश लगाते हुए बैंक के जमाकर्ताओं के लिए तीन अप्रैल तक निकासी की सीमा 50,000 रुपये तय की है. रिजर्व बैंक ने बैंक के निदेशक मंडल को भी भंग कर दिया.

इसके साथ ही एसबीआई के पूर्व उप प्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) प्रशांत कुमार को बैंक का प्रशासक नियुक्त किया गया है. रिजर्व बैंक ने कहा है कि एसबीआई ने यस बैंक में निवेश की इच्छा जतायी है और वह बैंक की पुनर्गठन योजना में भागीदारी का इच्छुक है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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