वैलम कैपिटल का दावा, बाजार की यह गिरावट है रिकवरी का संकेत

NSE कैम्पस (Photo: ANI)
Indian Stock Market Recovery: शेयर बाजार की गिरावट से घबराएं नहीं, वैलम कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार यह रिकवरी का संकेत है. जानिए क्यों डिफेंस सेक्टर में निवेश का यह सबसे सही समय हो सकता है.
Indian Stock Market Recovery: पिछले कुछ हफ्तों से भारतीय शेयर बाजार में मची उथल-पुथल ने इन्वेस्टर्स को डरा दिया है. मिडिल ईस्ट में तनाव और ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटों के कारण कई शेयरों में भारी गिरावट आई है. लेकिन ‘वैलम कैपिटल’ की ताजा रिपोर्ट एक अलग ही कहानी बता रही है. रिपोर्ट के अनुसार, यह गिरावट दरअसल बाजार की शानदार वापसी का संकेत है.
क्या बाजार में ‘डर’ अब खत्म होने वाला है?
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, जब इन्वेस्टर्स डर के मारे अपनी होल्डिंग बेचने लगते हैं और फंडामेंटल्स को भूल जाते हैं, तो उसे ‘कैपिटुलेशन’ (Capitulation) कहा जाता है. रिपोर्ट बताती है कि 8 अप्रैल को बाजार में ऐसी ही स्थिति देखी गई, जब 71.3% शेयर अपने 200-दिन के औसत (DMA) से नीचे गिर गए. ऐतिहासिक तौर पर जब भी 70% से ज्यादा शेयर इस स्तर से नीचे आते हैं, तो वहां से बाजार ने दमदार रिकवरी की है. पिछले रिकॉर्ड्स बताते हैं कि ऐसे समय में इन्वेस्ट करने पर अगले एक साल में औसतन 17.5% तक का रिटर्न मिला है.
तेल की कीमतों ने कैसे दिया राहत का संकेत?
आमतौर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल को शांत होने में लगभग 30 हफ्ते लगते हैं, लेकिन इस बार यह कमाल सिर्फ 9 हफ्तों में हो गया. एनर्जी की कीमतों में आई यह तेजी से गिरावट बाजार की स्थिरता के लिए एक बड़ा पॉजिटिव सिग्नल है. इसके अलावा, इमर्जिंग मार्केट्स के मुकाबले भारतीय शेयरों का वैल्युएशन (PE Premium) भी अब काफी कम हो गया है, जिससे भारतीय स्टॉक्स पहले के मुकाबले सस्ते और आकर्षक हो गए हैं.
किन सेक्टर्स में छिपे हैं कमाई के मौके?
रिपोर्ट का मानना है कि हर संकट अपने साथ सुधार के अवसर लाता है. इस बार डिफेंस सेक्टर एक नए लीडर के रूप में उभरा है. भारत ने न केवल रिकॉर्ड डिफेंस एक्सपोर्ट किया है, बल्कि इस क्षेत्र में इनवेस्टमेंट का एक बड़ा मौका भी तैयार है. जो सेक्टर्स इस उथल-पुथल में टिके रहे, वे आने वाले समय में ‘न्यू इनिंग्स’ की शुरुआत कर सकते हैं.
इन्वेस्टर्स को अब क्या करना चाहिए?
मार्केट अक्सर दो साल तक सुस्त रहकर तीसरे साल में छप्परफाड़ रिटर्न देता है. अब जबकि ‘मैक्स फियर’ यानी डर का चरम दौर बीत रहा है, इन्वेस्टर्स को युद्ध के खतरों के बजाय भविष्य के लीडर्स चुनने पर ध्यान देना चाहिए. यह समय बाजार से भागने का नहीं, बल्कि सही स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट शुरू करने का है.
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लेखक के बारे में
By Soumya Shahdeo
सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.
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