ePaper

आधे भारत के लोग रेगुलर और डायरेक्ट म्यूचुअल फंड को नहीं जानते, जानने पर बन जाएंगे करोड़पति

Updated at : 18 Jan 2025 4:54 PM (IST)
विज्ञापन
Mutual Funds

Mutual Funds

Mutual Fund: अगर सही जानकारी और समझ के साथ डायरेक्ट म्यूचुअल फंड में निवेश किया जाए, तो लंबे समय में यह करोड़पति बनने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है. कम व्यय अनुपात और हाई रिटर्न के कारण डायरेक्ट प्लान हर निवेशक के लिए एक बेहतरीन विकल्प है.

विज्ञापन

Mutual Fund: भारत में म्यूचुअल फंड निवेश तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. लेकिन, बहुत से लोग अब भी रेगुलर और डायरेक्ट म्यूचुअल फंड के बीच अंतर को नहीं समझते. अगर लोग सही विकल्प चुनें, तो वे करोड़पति बनने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं. रेगुलर और डायरेक्ट म्यूचुअल फंड के बीच मुख्य अंतर उनके खर्च और प्रबंधन में है. यह अंतर लंबी अवधि में निवेशकों को भारी लाभ दे सकता है. आइए इसे विस्तार से समझते हैं.

रेगुलर और डायरेक्ट म्यूचुअल फंड में अंतर

रेगुलर प्लान: रेगुलर म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेशक दलालों, वितरकों या एजेंट्स के माध्यम से निवेश करते हैं. इन मध्यस्थों के कमीशन का खर्च निवेशकों को उठाना पड़ता है.
डायरेक्ट प्लान: डायरेक्ट म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेशक सीधे एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) से फंड खरीदते हैं. इसमें कोई बिचौलिया शामिल नहीं होता, इसलिए लागत कम होती है.

डायरेक्ट प्लान क्यों है बेहतर?

कम व्यय अनुपात (Expense Ratio): डायरेक्ट प्लान में बिचौलियों को कमीशन नहीं देना पड़ता, जिससे इसका व्यय अनुपात कम होता है. यह आपके निवेश पर उच्च रिटर्न की संभावना को बढ़ाता है.
लंबी अवधि में हाई रिटर्न: कम व्यय अनुपात का लाभ समय के साथ चक्रवृद्धि रिटर्न में दिखता है.

  • रेगुलर प्लान: 10% रिटर्न, 1% व्यय अनुपात
  • डायरेक्ट प्लान: 10% रिटर्न, 0.5% व्यय अनुपात
  • इस छोटे अंतर से भी लंबी अवधि में निवेश का बड़ा हिस्सा जुड़ जाता है.

कैसे करें डायरेक्ट म्यूचुअल फंड में निवेश?

  • एएमसी की वेबसाइट पर जाएं: सीधे एसेट मैनेजमेंट कंपनी की वेबसाइट पर जाकर प्लान खरीदें.
  • म्यूचुअल फंड ऐप्स का इस्तेमाल करें: Zerodha Coin, Groww, या Paytm Money जैसे ऐप्स डायरेक्ट प्लान में निवेश करने की सुविधा देते हैं.
  • DIY (Do-It-Yourself): बिना एजेंट्स की मदद के, आप अपनी पसंद के फंड का चयन कर सकते हैं.

इसे भी पढ़ें: हिंडनबर्ग मामले में सीनियर वकील महेश जेठमलानी का बड़ा खुलासा, खोली मास्टरमाइंड की पोल

रेगुलर और डायरेक्ट म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए महत्वपूर्ण टिप्स

  • अपने वित्तीय लक्ष्य तय करें: लंबी अवधि के निवेश के लिए डायरेक्ट प्लान सही विकल्प हो सकता है.
  • नियमित समीक्षा करें: समय-समय पर अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करें.
  • लर्निंग पर फोकस करें: म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले उनके बारे में पूरी जानकारी लें.

इसे भी पढ़ें: Budget 2025: निर्मला सीतारमण के बही-खाते से विद्यार्थियों का संवरेगा भविष्य, जानें क्या है उम्मीद

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola