फोर्ब्स की लिस्ट पर उठ रहे सवाल, टॉप 10 ग्लोबल सुपरपावर से भारत को क्यों किया बाहर?
Forbes Most Powerful Countries Flags
Forbes List: फोर्ब्स की 2025 की टॉप 10 शक्तिशाली देशों की सूची से भारत बाहर हो गया है. अमेरिका, चीन और रूस ने शीर्ष स्थान बनाए रखा, लेकिन भारत की गैरमौजूदगी पर सवाल उठ रहे हैं.
Forbes List: दुनिया में सबसे प्रभावशाली और ताकतवर देशों की पहचान करने के लिए फोर्ब्स ने 2025 के टॉप 10 शक्तिशाली देशों की लिस्ट जारी की है. इस सूची में अमेरिका, चीन और रूस को टॉप स्थान मिले हैं. लेकिन, भारत को इस लिस्ट से बाहर कर दिया गया है, जिससे कई लोग हैरान हैं. 195 देशों में से टॉप 10 ग्लोबल सुपरपावर देशों की रैंकिंग की लिस्ट यूएस न्यूज ने तैयार की है. इसमें भारत को शामिल नहीं किया गया है, जिससे फोर्ब्स की ओर से जारी की गई लिस्ट पर ही सवाल उठने लगे हैं.
दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था है भारत
भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और चौथी सबसे बड़ी सैन्य शक्ति होने के बावजूद इस सूची में स्थान नहीं बना पाया. यह सवाल उठाता है कि आखिर किन कारणों से भारत को इस सूची से बाहर रखा गया. ग्लोबल सुपरपावर के तौर पर फोर्ब्स की टॉप 10 देशों की सूची में जिन देशों को शामिल किया गया है, उनमें अमेरिका, चीन, रूस, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, फ्रांस, जापान, सऊदी अरब और इजराइल हैं. भारत का नाम इस सूची में कहीं नहीं है, जो एक चौंकाने वाली बात है.
भारत को बाहर करने के पीछे की वजहें
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, सैन्य शक्ति और वैश्विक कूटनीति के बावजूद इस सूची से बाहर किए जाने के पीछे कुछ खास कारण हो सकते हैं. इन कारणों में वैश्विक प्रभाव की तुलना में सीमित कूटनीतिक दबदबा प्रमुख है.
- भारत भले ही जी20 और एससीओ जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सक्रिय है, लेकिन अमेरिका, चीन और रूस की तरह इसका वैश्विक प्रभाव अभी भी सीमित माना जाता है.
- भारत के पास दुनिया की चौथी सबसे बड़ी सेना है, लेकिन चीन और अमेरिका की तुलना में यह तकनीकी रूप से कम उन्नत मानी जाती है.
- भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है, लेकिन बेरोजगारी, महंगाई और बुनियादी ढांचे की चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं. इससे भारत का प्रभाव सीमित हो सकता है.
- भारत ने किसी भी सैन्य गठबंधन (जैसे नाटो) का हिस्सा बनने से इनकार किया है, जिससे इसकी रणनीतिक शक्ति प्रभावित होती है.
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क्या भारत को इस सूची में होना चाहिए था?
भारत का इस सूची से बाहर रहना बहस का विषय बन चुका है. भारत की अर्थव्यवस्था 2025 तक 5 ट्रिलियन डॉलर होने की ओर बढ़ रही है. भारत की जनसंख्या दुनिया में सबसे अधिक है, जिससे यह सबसे बड़े बाज़ारों में से एक बनता जा रहा है. भारत ने चंद्रयान-3 और रक्षा क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल की हैं, जो इसकी वैज्ञानिक और तकनीकी शक्ति को दर्शाती हैं. इसके बावजूद, फोर्ब्स ने भारत को ग्लोबल सुपरपावर के तौर पर मान्यता नहीं दी.
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