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फ्लिपकार्ट ने 500 कर्मचारियों को कंपनी से किया बाहर, जानिए क्या है वजह

Updated at : 06 Mar 2026 9:57 PM (IST)
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Flipkart Layoff

Flipkart Layoff

Flipkart Layoff: दिग्गज फ्लिपकार्ट में सालाना परफॉर्मेंस रिव्यू के बाद करीब 500 कर्मचारियों पर गाज गिरी है. कंपनी ने इसे अपनी रूटीन प्रक्रिया बताते हुए खराब प्रदर्शन को मुख्य कारण माना है. कुल वर्कफोर्स का 3-4% हिस्सा प्रभावित हुआ है, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुना है.

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Flipkart Layoff: ऑनलाइन शॉपिंग की दुनिया में सबसे बड़ा नाम फ्लिपकार्ट इन दिनों अपने कामकाज को लेकर सुर्ख़ियों में है. कंपनी ने हाल ही में अपने वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन (Annual Performance Review) के बाद अपने करीब 400 से 500 कर्मचारियों को कंपनी छोड़ने के निर्देश दिए हैं. यह कुल वर्कफोर्स का लगभग 3-4% हिस्सा है.

सख्त हुआ परफॉर्मेंस रिव्यू का पैमाना

आमतौर पर फ्लिपकार्ट में हर साल 1 से 2% कर्मचारियों को उनके खराब प्रदर्शन के आधार पर हटाया जाता था, लेकिन इस बार यह संख्या पिछली बार के मुकाबले दोगुनी है. कंपनी के सूत्रों का कहना है कि इस बार परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्लान यानी PIP का घेरा थोड़ा बड़ा था. जिन कर्मचारियों की रेटिंग वन स्टार रही, उनसे इस्तीफा देने के लिए कहा गया. अच्छी बात यह है कि कंपनी ने प्रभावित कर्मचारियों को इस बदलाव के दौरान सपोर्ट (ट्रांजिशन सपोर्ट) देने का भरोसा भी दिया है.

कमाई बढ़ी, पर रफ्तार में है कमी

फ्लिपकार्ट के पिछले वित्तीय वर्ष के आंकड़े कहानी को साफ बयां करते हैं. कंपनी की मार्केटप्लेस कमाई 14% बढ़कर 20,493 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. यह बढ़त तो है, लेकिन अगर पिछले साल की 21% की रफ्तार से तुलना करें, तो यह थोड़ी धीमी है.

हालांकि, इस बीच कंपनी ने अपना घाटा 37% घटाकर 1,494 करोड़ रुपये कर लिया है. साफ़ है कि अब फ्लिपकार्ट का फोकस तेजी से बड़ा होने के बजाय मुनाफे में काम करने और लागत घटाने पर ज्यादा है. यही कारण है कि ई-कॉमर्स के मुख्य बिजनेस में कर्मचारियों की संख्या को संतुलित किया जा रहा है.

क्विक कॉमर्स पर फ्लिपकार्ट का पूरा ध्यान

एक तरफ जहां कंपनी पुराने स्ट्रक्चर को छोटा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ वह भविष्य की नई संभावनाओं पर दांव लगा रही है. अगस्त 2024 में फ्लिपकार्ट मिनट्स के लॉन्च के साथ कंपनी अब क्विक कॉमर्स के बाजार में अपनी जड़ें जमा रही है.

कंपनी अपनी आमदनी को विज्ञापनों और सेलर्स कमीशन के जरिए मजबूत कर रही है. साफ़ है कि फ्लिपकार्ट अब एक ऐसी मशीन की तरह काम करना चाहती है जो कम खर्च में ज्यादा डिलीवरी दे सके, और यही कारण है कि कंपनी अपने पुनर्गठन के इस दौर से गुजर रही है.

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Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

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