BOI के Q3 Results ने उड़ाए सबके होश, जानें पुरानी गलतियों को सुधार कर आखिर बैंक ने अपनी तिजोरी कैसे भरी?

गिरते NPA और बढ़ते प्रॉफिट ने बदली बैंक ऑफ इंडिया की तस्वीर.
BOI Q3 Results: बैंक ऑफ इंडिया ने FY26 की तीसरी तिमाही में 2,705 करोड़ रुपये का तगड़ा मुनाफा कमाया है. बेहतर एसेट क्वालिटी और 242 लाख से ज्यादा UPI यूजर्स के साथ बैंक अब और भी डिजिटल हो गया है.
BOI Q3 Results: फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे आ चुके हैं और बैंक ऑफ इंडिया (BOI) ने मार्केट में अपनी तगड़ी धाक जमाई है. इस बार बैंक ने अपने नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 7.47% की बढ़त दिखाई है, जिससे इनका मुनाफा 2,705 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. अगर हम पिछली तिमाही (Q2 FY26) से तुलना करें, तो भी इनका प्रॉफिट 5.88% बढ़ा है. सीधे शब्दों में कहें तो बैंक न सिर्फ पैसा कमा रहा है, बल्कि अपनी पुरानी गलतियों को सुधार कर अपनी बैलेंस शीट को काफी क्लीन और स्ट्रॉन्ग बना रहा है. इस ग्रोथ के पीछे बैंक की बेहतर ऑपरेटिंग परफॉरमेंस और एसेट क्वालिटी में आया बड़ा सुधार है.
आखिर बैंक की तिजोरी में कितना पैसा बढ़ा?
अगर हम पूरे 9 महीनों (9M-FY26) का हिसाब देखें, तो बैंक का नेट प्रॉफिट 14% बढ़कर 7,511 करोड़ रुपये हो गया है. वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी 4% की बढ़ोतरी के साथ 12,023 करोड़ रुपये पर खड़ा है. अगर सिर्फ तीसरी तिमाही की बात करें, तो बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 13% उछलकर 4,193 करोड़ रुपये रहा है. कमाई का एक बड़ा जरिया नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी काफी सॉलिड रही है. 9 महीनों में बैंक ने 18,442 करोड़ रुपये की NII जनरेट की, जिसमें से 6,461 करोड़ रुपये सिर्फ इसी तिमाही में आए. बैंक की ब्याज से होने वाली कमाई 18,928 करोड़ रुपये रही, जबकि खर्चे 12,467 करोड़ रुपये के आसपास रहे है.
क्या बैंक के डूबे हुए पैसे अब वापस आ रहे हैं?
किसी भी बैंक की हालत उसके NPA (Non-Performing Assets) से पता चलती है, यानी वो लोन जो वापस नहीं आ रहे है. यहां BOI ने बाजी मार ली है. इनका ग्रॉस NPA रेशियो गिरकर 2.26% पर आ गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 143 बेसिस पॉइंट्स कम है. वहीं, नेट NPA भी कम होकर मात्र 0.60% रह गया है. सबसे कूल बात यह है कि बैंक का प्रोविजन कवरेज रेशियो (PCR) अब 93.60% है, जिसका मतलब है कि बैंक किसी भी रिस्क से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. स्लिपेज रेशियो भी अब काफी कंट्रोल में है और तीसरी तिमाही में यह सुधरकर 0.16% पर आ गया है.
क्या यंग इंडिया और BOI का कनेक्शन बढ़ रहा है?
सिर्फ नंबर्स में ही नहीं, बैंक डिजिटल दुनिया में भी आगे बढ़ रहा है. इस तिमाही में बैंक ने 7 लाख से ज्यादा नए कस्टमर्स जोड़े हैं, जिससे इनके कुल UPI यूजर्स की संख्या 242 लाख के पार पहुंच गई है. बैंक के पास जमा होने वाला पैसा (Deposits) भी 11.64% बढ़ा है, जिसमें घरेलू डिपॉजिट्स का बड़ा हाथ है. बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) भी सुधरकर 2.80% हो गया है, जो दिखाता है कि बैंक अपने फंड्स को बहुत ही समझदारी से मैनेज कर रहा है. कुल मिलाकर, BOI अब एक पुराने सरकारी बैंक वाली इमेज छोड़कर एक मॉडर्न और भरोसेमंद बैंक की तरह उभर रहा है.
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By Soumya Shahdeo
सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.
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