7th Pay Commission Updates : मोदी सरकार जल्द देगी खुशखबरी,जानें कितना बढ़ सकता है डीए

7th Pay Commission Updates : DA/DR की बात करें तो अमूमन इसके बारे में केंद्र सरकार की ओर से मार्च और सितंबर में अच्छी खबर आती है. जैसाकि सितंबर का महीना चल रहा है तो केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीद सरकार से बनी हुई है.
7th Pay Commission Updates : यदि आपके घर में कोई केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाला है तो यह खबर आपके लिए खास है. जी हां…केंद्र की मोदी सरकार आपको जल्द ही खुशखबरी दे सकती है. खबरों की मानें तो दशहरा या दीवाली के पहले महंगाई भत्ता यानी डीए (DA Hike) को लेकर कोई फैसला सरकार ले सकती है.
दरअसल, केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाले कर्मचारी और पेंशनभोगी महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं. खबरों की मानें तो प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस बाबत कोई निर्णय लिया जा सकता है. हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक खबर इस संबंध में नहीं दी गयी है.
DA/DR की बात करें तो अमूमन इसके बारे में केंद्र सरकार की ओर से मार्च और सितंबर में अच्छी खबर आती है. जैसाकि सितंबर का महीना चल रहा है तो केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीद सरकार से बनी हुई है. त्योहारों का महीना भी आने वाला है तो कर्मचारी डीए (DA hike ) को लेकर ज्यादा उम्मीद लगाये बैठे हैं.
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केंद्रीय कर्मचारियों को उम्मीद है कि इस साल मोदी सरकार उनपर ज्यादा ध्यान देगी. कर्मचारी उम्मीद लगाये बैठे हैं कि सरकार डीए की मौजूदा दर 34 फीसदी से बढ़ाकर 38 फीसदी कर सकती है. पेंशनभोगियों को भी सरकार से इसी तरह की बढ़ोतरी की उम्मीद है.
सरकार आमतौर पर छह महीने के अंतराल के बाद डीए/डीआर की दर में संशोधन करने का काम करती है. यह मुद्रास्फीति के कारण मासिक वेतन/पेंशन संपत्ति के मूल्य में नुकसान की भरपाई के लिए किया जाता है. डीए/डीआर दर क्रमशः केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की मदद के लिए कारगर होता है. डीए/डीआर की बात करें तो इसकी गणना सातवें वेतन आयोग द्वारा सुझाये गये फॉर्मूले के आधार पर की जाती है. साल 2006 से महंगाई भत्ता नए कैलकुलेशन पर होता है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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