गीता दत्त, शराब और जिंदगी: ‘वक्त के हसीं सितम’ से ‘सुंदर सपना’ की तरह टूटने वाली बेमिसाल सिंगर
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 23 Nov 2020 1:51 PM
Geeta Dutt Birth Anniversary: 23 नवंबर 1930 को जन्मीं गीता दत्त का आज जन्मदिन है. गुरुदत्त की पत्नी गीता दत्त को बॉलीवुड में खासा नाम मिला. लेकिन, उनका अंत उतना ही खराब रहा.
Playback Singer Geeta Dutt Birth Anniversary: ‘जो साज से निकली है वो धुन सबने सुनी है, जो साज पे गुजरी है वो किस दिल को पता है’… इन दो लाइन के बीच बॉलीवुड की एक मशहूर गायिका की जिंदगी गुजरी. तमाम दुख के बावजूद उन्होंने ‘तदबीर से बिगड़ी हुई तकदीर बना ले, अपने पे भरोसा है तो इक दांव लगा ले’ गाया. उस मशहूर गायिका का नाम गीता दत्त था. लता मंगेशकर और आशा भोंसले के दौर में गीता दत्त को लेजेंड्री सिंगर का तमगा मिला. आज भी उनकी गीतों को लोग सुनते हैं. आज भी उनकी आवाज में दर्द सुनाई देता है. आज भी गीता दत्त प्लेबैक सिंगर्स की प्रेरणा हैं.
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आपने ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ मूवी देखी होगी. फिल्म के क्लाइमैक्स में एक गाना ‘जा जा जा बेवफा’ है. कंगना रनौत पर बेस्ड गाने में आवाज है गीता दत्त की. 23 नवंबर 1930 को बांग्लादेश के फरीदपुर में जन्मीं गीता दत्त ने गायिकी से खास पहचान बनाईं. 12 साल की उम्र में परिवार के साथ मुंबई आने वाली गीता दत्त ने ‘भक्त प्रह्लाद’ फिल्म के लिए पहला गाना गाया. उनकी मुलाकात एसडी बर्मन से हुई. 1947 में ‘दो भाई’ फिल्म के लिए गीता दत्त ने ‘मेरा सुंदर सपना बीत गया’ गीत को अपनी आवाज दी. यह गाना उनके करियर टर्निंग प्वाइंट बना और आज भी यह कई लोगों की प्लेलिस्ट में शुमार जरूर होता है.
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मशहूर डायरेक्टर गुरुदत्त की फिल्म ‘बाजी’ की शूटिंग के दौरान गीता दत्त की उनसे पहली मुलाकात होती है. दोनों के बीच प्यार आगे बढ़ा और 1953 में दोनों ने शादी की. ‘बाजी’, ‘आर-पार’, ‘प्यासा’, ‘साहब बीबी और गुलाम’, ‘सुजाता’, ‘काला बाजार’, ‘देवदास’, ‘सीआईडी’ जैसी फिल्मों ने गीता दत्त के सिंगिंग करियर को नया आसमान दिया. उनके गाए गाने सरहदों के पार सुनाई देने लगे. उनका प्रोफेशनल करियर ग्राफ तेजी से आगे बढ़ रहा था और पर्सनल लेवल पर रिश्ते बुरे से बहुत बुरे होने लगे थे. उस दौर की मीडिया रिपोर्ट्स में गीता दत्त के असफल वैवाहिक जीवन की खबरें होती थी. 1964 में बॉलीवुड के नामचीन निर्देशक गुरुदत्त की मौत के बाद गीता दत्त बुरी तरह टूट गई. उन्होंने शराब से दोस्ती कर ली.
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‘वक्त ने किया क्या हसीं सितम’, ‘आज सजन मोहे अंग लगा लो’, ‘मेरा सुंदर सपना बीत गया’, ‘मेरी जां मुझे जां ना कहो मेरी जां’, ‘जा जा जा बेवफा’, ‘जाता कहां है दीवाने सबकुछ यहां है सनम’, ‘जाने क्या तूने कही जाने क्या मैंने सुनी’, ‘ये लो मैं हारी पिया हुई तेरी जीत रे’ जैसे गीत गाने वाली गीता दत्त की जिंदगी का आखिरी वक्त बेहद ही खराब रहा. कहा जाता है गीता दत्त को स्टेज पर लोग पहचानने में चूक करने लगे. वो शराब के नशे में शोज करने पहुंचने लगीं. अपनी आवाज से देवानंद, नूतन, वहीदा रहमान, मधुबाला, मीना कुमारी, श्यामा, गीता बाली, संजीव कुमार, तनुजा को स्टारडम दिलाने वालीं मशहूर गायिका गीता दत्त ने 20 जुलाई 1973 को 42 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया.
Posted : Abhishek.
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