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झारखंड के बोकारो स्टील प्लांट में सोलर सिस्टम से बिजली का उत्पादन, मिल रही नियमित बिजली, पैसे की भी बचत

Updated at : 17 Feb 2022 2:44 PM (IST)
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झारखंड के बोकारो स्टील प्लांट में सोलर सिस्टम से बिजली का उत्पादन, मिल रही नियमित बिजली, पैसे की भी बचत

Jharkhand News: बोकारो स्टील प्लांट में सोलर सिस्टम से 53.55 से 682.1 किलोवाट प्रति घंटा बिजली का उत्पादन हो रहा है, जहां बिजली का उत्पादन हो रहा है, वहीं इसका उपयोग भी हो रहा है. इससे न सिर्फ नियमित बिजली मिल रही है, बल्कि पैसे की भी बचत हो रही है.

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Jharkhand News: झारखंड के बोकारो स्टील प्लांट में सोलर सिस्टम से 2025.8 किलोवाट प्रति घंटा बिजली उत्पादित हो रही है. बीएसएल और सेल व डीवीसी के संयुक्त उपक्रम बोकारो पावर सप्लाई कंपनी (बीपीएससीएल) के ज्वाइंट वेंचर में प्लांट के अंदर व बाहर आधा दर्जन स्थानों पर सोलर सिस्टम लगा हुआ है. सोलर सिस्टम 2019 में ही लगभग नौ करोड़ रुपये की लागत से जगह-जगह क्रमवार लगाया गया है. बीएसएल में यह सिस्टम अब तक पूरी तरह सफल है. प्रतिघंटा के हिसाब से देखा जाए, तो आठ से दस हजार रुपये की बचत हो रही है. इतना ही नहीं, नियमित बिजली भी मिल रही है.

यहां लगा है सोलर सिस्टम

बीएसएल व बीपीएससीएल के संयुक्त तत्वावधान में एडियम बिल्डिंग, बीजीएच, एचआरडी, बोकारो निवास व सेल फुटबॉल मेस में सोलर सिस्टम लगाया गया है. इसके अलावा बोकारो स्टील प्लांट के अंदर आरएंडसी लैब एक्सटेंशन, आरएंडसी लैब, पीपीसी में सोलर सिस्टम लगा है. सोलर सिस्टम से 53.55 से 682.1 किलोवाट प्रति घंटा बिजली का उत्पादन हो रहा है, जहां बिजली का उत्पादन हो रहा है, वहीं इसका उपयोग भी हो रहा है.

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पैसे की बचत

2025.8 किलोवाट बिजली अगर जेबीवीएनएल से लिया जाए तो प्रतिघंटा के हिसाब से आठ से दस हजार रुपये का भुगतान करना होगा. मतलब, बिजली बिल के मद में सोलर सिस्टम की मदद से इतने रुपये की बचत हो रही है. मेंटेनेंस के लिए इसकी नियमित रूप से साफ-सफाई करनी पड़ती है. खासकर, जब सोलर सिस्टम से बिजली का उत्पादन कम होने लगता है, तो उस समय विशेष रूप से इसकी सफाई करनी पड़ती है.

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सोलर सिस्टम से नियमित बिजली

बीएसएल में सोलर सिस्टम सफल है. अभी तक बोकारो शहर और प्लांट के अंदर जहां-जहां सोलर सिस्टम लगाने की सुविधा थी, वहां-वहां लगाया जा चुका है. भविष्य में सोलर सिस्टम लगाने का और भी जगह मिलेगा तो इसे लगाया जायेगा. बीएसएल के एडियम बिल्डिंग, बीजीएच सहित अन्य स्थानों पर लगे सोलर सिस्टम से प्रबंधन को काफी राहत मिली है. जहां-जहां सोलर सिस्टम लगा है, वहां-वहां बिजली नियमित रहती है.

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सोलर सिस्टम से उत्पादित बिजली

साइट कैपेसिटी (केडब्ल्यूपी)

1. एडियम बिल्डिंग 366.66

2. बीजीएच 682.1

3. एचआरडी 53.55

4. बोकारो निवास 70.56

5. बोकारो स्टील प्लांट के अंदर

क. आरएंडसी लैब एक्सटेंशन 567

ख. आरएंडसी लैब 204.66

ग. पीपीसी 40.95

6. सेल फुटबॉल मेस 40.32

कुल-2025.8

रिपोर्ट: सुनील तिवारी

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