काम की खबर: पोस्ट ऑफिस की सेविंग्स स्कीम्स में 10 लाख रुपये से ज्यादा का निवेश करने पर देना होगा इनकम प्रूफ

Post Office Scheme: छोटे निवेश से बड़ा फायदा, ₹1 लाख का फंड बनाने का आसान तरीका, जानें पूरी डिटेल
डाक विभाग ने सभी डाकघरों को निर्देश जारी कर कहा है कि कुछ श्रेणियों के स्मॉल सेविंग स्कीमों के निवेशकों से आय का प्रमाण अनिवार्य रूप से लें. केंद्र सरकार ने यह बदलाव धनशोधन निवारण और आतंकवाद के वित्त पोषण को रोकने के लिए किया है.
सुबोध कुमार नंदन, पटना. अगर आप डाकघर के सेविंग्स स्कीमों में 10 लाख रुपये से अधिक का निवेश करना चाहते हैं, तो आपको आय का प्रमाण देना होगा. डाक विभाग ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की है. इसमें निवेशकों के लिए केवाइसी के प्रावधानों को भी सख्त किया गया है. डाक विभाग ने सभी डाकघरों को निर्देश जारी कर कहा है कि कुछ श्रेणियों के स्मॉल सेविंग स्कीमों के निवेशकों से आय का प्रमाण अनिवार्य रूप से लें. केंद्र सरकार ने यह बदलाव धनशोधन निवारण और आतंकवाद के वित्त पोषण को रोकने के लिए किया है. केवाइसी के नये प्रावधानों में डाक विभाग ने निवेश जोखिम के आधार निवेशकों को तीन श्रेणियों में बांटा है. निवेशकों को अब पैन और आधार नंबर के साथ ही आय का स्रोत भी बताना होगा.
अधिसूना के अनुसार निवेशकों को अपनी रिस्क श्रेणी के आधार पर कुछ समय के अंतराल पर केवाइसी की प्रक्रिया को फिर से पूरा करना होगा. हाइ रिस्क वाले निवेशकों को हर दो साल पर, मीडियम रिस्क वालों को पांच साल और लो रिस्क वाले निवेशकों को हर सात साल पर केवाइसी करानी होगी.
अगर कोई निवेशक 50 हजार रुपये के साथ किसी भी स्कीम में खाता खुलवाता है और डाकघर के सभी स्कीमों में उसका लेन-देन इससे अधिक नहीं होता है, तो उसे लो रिस्क वाला निवेशक माना जायेगा. इसी तरह 50 हजार रुपये से अधिक, लेकिन 10 लाख रुपये से कम रकम के साथ खाता खुलवाने वाले निवेशकों को मीडियम रिस्क वाली श्रेणी में रखा जायेगा. अगर सभी स्कीमों को मिलाकर लेन-देन 10 लाख रुपये से कम हो, लेकिन 50 हजार से ज्यादा हो, तो भी मीडियम क्लास श्रेणी में ही रखा जायेगा. वहीं, रकम 10 लाख या इससे ज्यादा होते ही संबंधित ग्राहक को हाइ रिस्क श्रेणी में माना जायेगा और उनके ऊपर कड़े प्रावधान लागू होंगे.
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पिछले तीन वित्त वर्षों के दौरान फाइल की गयी इनकम रिटर्न
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उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र, वसीयत की कॉपी, सेल डीड
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By Prabhat Khabar News Desk
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