Pappu Yadav: 'वो मार देंगे या हम बिहार छोड़ देंगे', पप्पू यादव के बयान से उजागर हुआ महागठबंधन का घमासान!

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 25 Jul 2025 6:15 PM

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तेजस्वी यादव और पप्पू यादव

Pappu Yadav: पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कहा कि अगर राजद नेता तेजस्वी यादव सीएम बनते है तो उन्हें मरवा देंगे. उनके इस बयान के बाद से राजनितिक हलकों में हलचल मच गई है. एक तरफ राजद तेजस्वी यादव को सीएम फेस घोषित कर चुकी है और दूसरी तरफ उनके गठबंधन के नेता इस तरह का आरोप लगा रहे हैं. यह बयान महागठबंधन में शामिल दो प्रमुख दलों के मतभेद को उजागर करने के लिए काफी है.

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Pappu Yadav: पूर्णिया से जीते निर्दलीय सांसद और कांग्रेस समर्थक नेता पप्पू यादव ने कहा कि अगर तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बने, तो या तो उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ेगी या फिर बिहार छोड़ना पड़ेगा. चुनाव से कुछ महीने पहले पप्पू यादव का यह बयान न सिर्फ व्यक्तिगत दुश्मनी की ओर इशारा है बल्कि महागठबंधन की एकजुटता पर भी सवाल खड़ा करता है.

तेजस्वी-पप्पू के बीच विवाद कोई नई बात नहीं

तेजस्वी यादव और पप्पू यादव के बीच खटास कोई नई बात नहीं है. 2024 के लोकसभा चुनाव में जब RJD ने पूर्णिया से बीमा भारती को टिकट दिया और पप्पू यादव को नजरअंदाज किया गया तो यह टकराव और गहरा गया. पप्पू यादव ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और जीत भी गए. बीमा भारती के लिए चुनाव प्रचार करने गए तेजस्वी ने कहा था कि अगर आप राजद को वोट नहीं देंगे और सामने वाली पार्टी के उम्मीदवार को वोट दीजिये. किसी तीसरे को नहीं. बिना नाम लिए तेजस्वी ने लोगों से अपील की थी कि वो निर्दलीय उम्मीदवार यानी पप्पू यादव को वोट ना दें.

नेतृत्व को लेकर खुला मतभेद

पप्पू यादव ने कई बार तेजस्वी को गठबंधन का नेता मानने से इनकार किया है. उन्होंने कांग्रेस के कुछ नेताओं जैसे राजेश राम या तारिक अनवर को वैकल्पिक मुख्यमंत्री चेहरा बताने की कोशिश की, हालांकि यह सुझाव कभी गंभीरता से नहीं लिया गया. यह साफ करता है कि महागठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर भारी भ्रम और खींचतान है.

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पप्पू यादव का आरोप तेजस्वी की छवि को कर सकता है ध्वस्त

तेजस्वी पर लगाया गया पप्पू यादव का यह आरोप कि वह उनकी जान के दुश्मन बन सकते हैं. यह आरोप बेहद गंभीर है. यह आरोप न केवल तेजस्वी की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि RJD के पुराने जंगलराज के दौर की याद भी ताजा करता है. लालू-राबड़ी के शासन काल में कानून-व्यवस्था की हालत बेहद खराब थी और अब एक बार फिर ऐसी ही छवि उभरती नजर आ रही है. इससे उन मतदाताओं में भय पैदा हो सकता है जो महागठबंधन को एनडीए का ऑप्शन मानते हैं.

गठबंधन में बॉयकॉट और सीट शेयरिंग पर मतभेद

तेजस्वी यादव ने चुनाव बॉयकॉट का बयान देते हुए कहा था कि ऐसे फैसले सहयोगी दलों की सहमति से ही होंगे. लेकिन कांग्रेस ने बॉयकॉट से खुद को दूर कर लिया, जिससे यह साफ हो गया कि गठबंधन के भीतर समन्वय की भारी कमी है. यही हाल सीटों के बंटवारे में भी देखने को मिल रहा है.

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Paritosh Shahi

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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