‘धर्म युद्ध सर्किट’ से ‘विश्वामित्र कॉरिडोर’ तक, बक्सर की महिमा लौटाने की मुहिम

Published by :Nishant Kumar
Published at :11 Aug 2025 1:10 PM (IST)
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Buxar

Buxar News: बक्सर के चक्की गांव में सनातन संस्कृति उत्थान व सम्मान समारोह में विश्वामित्र सेना के संयोजक राजकुमार चौबे ने बक्सर की ऐतिहासिक व धार्मिक महत्ता पर जोर देते हुए 10 मांगें रखीं और 51 गरीब परिवारों की लड़कियों के विवाह कराने की घोषणा की. उन्होंने बक्सर को आध्यात्मिक राजधानी बनाने के संकल्प के साथ संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया.

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Buxar News: बिहार के बक्सर में आयोजित सनातन संस्कृति उत्थान कार्यक्रम सह सनातनी सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया है. इस दौरान विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने संबोधित करते हुए कहा कि बक्सर केवल एक जिला नहीं, बल्कि भारत की सनातन चेतना का केंद्र है, जहां भगवान राम ने धर्म और युद्ध का पाठ पढ़ा और विश्वामित्र मुनि ने यज्ञ की रक्षा की.  

51 गरीब परिवार के लड़कियों का होगा विवाह 

उन्होंने इस दौरान 51 गरीब परिवार की लड़कियों के विवाह करने की भी घोषणा की. बक्सर के चक्की गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में आए लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने 10 ठोस मांगें रखीं, जिनमें विश्वामित्र मुनि की आदमकद प्रतिमा, च्यवन ऋषि स्मारक, राम-ताड़का युद्ध क्षेत्र को “धर्म युद्ध सर्किट” घोषित करना, पंचकोशी परिक्रमा को राष्ट्रीय तीर्थ पथ का दर्जा देना और “विश्वामित्र कॉरिडोर” का निर्माण शामिल है. 

PM मोदी का किया धन्यवाद 

चौबे ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने पीएमओ को पत्र भेजा था और वहां से फोन पर आश्वासन मिला है कि उनकी बातें संज्ञान में ली गई हैं और कार्य शुरू होगा. इसे उन्होंने पूरे बक्सर के लिए ऐतिहासिक क्षण करार दिया. चौबे ने बक्सर की ऐतिहासिक महत्ता को रेखांकित करते हुए बताया कि यही वह भूमि है जहां ताड़का, मारीच और सुबाहु जैसे अधर्म के प्रतीकों का अंत हुआ, च्यवन ऋषि ने आयुर्वेदिक अमृत च्यवनप्राश की खोज की, अहिल्या का उद्धार हुआ, यह वामन अवतार की पुण्य भूमि है और पंचकोशी परिक्रमा आत्मा की मुक्ति का मार्ग प्रदान करती है.

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बक्सर को नहीं मिला उचित सम्मान: राजकुमार चौबे 

उन्होंने कहा कि इतनी महान विरासत होने के बावजूद बक्सर को आज तक उसका उचित सम्मान नहीं मिला. उन्होंने कहा कि जब तक बक्सर को आध्यात्मिक राजधानी का दर्जा नहीं मिल जाता, विश्वामित्र आश्रम को अंतरराष्ट्रीय धरोहर का मान नहीं मिलता और पंचकोशी तीर्थ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान नहीं दी जाती, तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी. उन्होंने पूरे बिहार से आह्वान किया कि बक्सर को उसकी गरिमा चाहिए और सनातन की लड़ाई लड़ी जाएगी. उन्होंने कहा कि चक्की गांव से ही एक नई शुरुआत की जाएगी और हर साल 51 गरीब परिवारों की लड़कियों का विवाह किया जाएगा. इस अवसर पर कई लोगों को सम्मानित भी किया गया. 

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Nishant Kumar

लेखक के बारे में

By Nishant Kumar

Nishant Kumar: निशांत कुमार पिछले तीन सालों से डिजिटल पत्रकारिता कर रहे हैं. दैनिक भास्कर के बाद राजस्थान पत्रिका के डिजिटल टीम का हिस्सा रहें. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल-इंटेरनेशनल और स्पोर्ट्स टीम में काम कर रहे हैं. किस्सागोई हैं और देश-विदेश की कहानियों पर नजर रखते हैं. साहित्य पढ़ने-लिखने में रुचि है.

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