सीट बंटवारे में हो रही देरी से महागठबंधन के साथी नाराज, सीपीआई नेता ने RJD-Congress से कह दी ये बात

महागठबंधन के नेता
Bihar Mahagathbandhan Seat Sharing: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए ने सीटों का बंटवारा कर लिया है, लेकिन महागठबंधन में अब तक समझौता नहीं हो पाया है. इस देरी से सहयोगी दलों में नाराजगी बढ़ रही है. CPI ने सीट शेयरिंग जल्द तय करने और खुद को सम्मानजनक सीटें देने की मांग की है.
Bihar Mahagathbandhan Seat Sharing: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने सीटों का बंटवारा कर लिया है, लेकिन महागठबंधन में अभी तक सीट शेयरिंग तय नहीं हुई है. इस वजह से गठबंधन के कुछ दलों में नाराजगी दिखने लगी है.
कार्यकर्ताओं में फैल रही निराशा
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के बिहार राज्य सचिव रामनरेश पांडेय ने कहा कि नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन महागठबंधन में अब तक सीटों की घोषणा नहीं हुई है. इससे कार्यकर्ताओं में निराशा फैल रही है. उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द सीटों का बंटवारा किया जाए और CPI को सम्मानजनक सीटें दी जाएं.
राजद और कांग्रेस से क्या अपील
रामनरेश पांडेय ने राजद और कांग्रेस से अपील की है कि वे त्याग की भावना दिखाएं ताकि बिहार में एनडीए को सत्ता से हटाया जा सके. उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस देश के लोकतंत्र, संविधान और धर्मनिरपेक्षता के लिए खतरा बन गए हैं. समाज में नफरत और सांप्रदायिक तनाव बढ़ाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि CPI ‘बदलो सरकार, बचाओ बिहार’ के नारे के साथ अपना अभियान चला रही है. इस अभियान का लक्ष्य है कि बिहार में एनडीए की जगह महागठबंधन की सरकार बने.
बिहार चुनाव की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
NDA का फार्मूला
एनडीए ने रविवार को सीट बंटवारे की घोषणा कर दी है, जबकि महागठबंधन में अभी भी बैठकें चल रही हैं. NDA में शामिल बीजेपी और जदयू 101- 101 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रा) के खाते में 29 सीट गई है. जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो 6-6 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी.
इसे भी पढ़ें: 29 सीट मिलने के बाद चिराग को लगा तगड़ा झटका, प्रदेश उपाध्यक्ष ने दिया इस्तीफा, 17 नवंबर को दाखिल करेंगे नामांकन
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










