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OLa-उबर की बादशाहत को खत्म करेगी ये कंपनी, लाने जा रही कैब सर्विस, देखें PHOTO

Updated at : 30 Oct 2023 10:38 AM (IST)
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OLa-उबर की बादशाहत को खत्म करेगी ये कंपनी, लाने जा रही कैब सर्विस, देखें PHOTO

रैपिडो अपनी इस कैब सर्विस का दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, चंडीगढ़, मेरठ, लखनऊ समेत दूसरे कई शहरों में विस्तार करने की योजना पर काम कर रही है.

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नई दिल्ली : भारत में पेट्रोल-डीजल से चलने वाली गाड़ियों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने के लिए ग्रीन मोबिलिटी के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है. बाजार में वाहन निर्माता कंपनियों और स्टार्टअप की ओर से लग्जरी इलेक्ट्रिक एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल्स), प्रीमियम कारें, इलेक्ट्रिक बाइक, इलेक्ट्रिक स्कूटर, इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर, बस और इलेक्ट्रिक ट्रक भी पेश किए जा रहे हैं. इसके साथ ही, कम खर्च में अधिक माइलेज और एडवांस्ड फीचर से लैस होने की वजह से इन इलेक्ट्रिक वाहनों की डिमांड भी भारत में तेजी से बढ़ रही है. अब तक ऑटो, कैब और बाइक राइडर सर्विस मुहैया कराने वाली कंपनियां भी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का तेजी से इस्तेमाल करने लगी हैं. इसी क्रम में खबर यह भी है कि भारत में टैक्सी कैब, बाइक राइड सर्विस मुहैया कराने वाली कंपनी ओला और उबर को टक्कर देने के लिए बाइक-टैक्सी स्टार्टअप भी कैब मार्केट में कदम रखने के साथ ही अपना विस्तार करने की तैयारी में जुट गया है.

कैब मार्केट में ओला-उबर की खत्म होगी बादशाहत
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रैपिडो की ओर से अभी तक तो भारत के विभिन्न शहरों में बाइक या ऑटो सर्विस ही मुहैया कराती थी, लेकिन अब यह कंपनी कार कैब सर्विस भी लाने जा रही है. फिलहाल, इस मार्केट में ओला-उबर की बादशाहत है, लेकिन इनकी टैक्सी और बाइक्स के लिए लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ रहा है. ऐसे में, इन दोनों कंपनियों की बादशाहत और लेटलतीफी को खत्म करने के लिए रैपिडो को विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है. ओला-उबर की खामियों का फायदा रैपिडो को मिलने की उम्मीद अधिक है.

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ऑटो और बाइक सर्विस मुहैया कराने वाले स्टार्टअप रैपिडो ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हैदराबाद में अपनी कैब सर्विस की शुरुआत की है. इसके बाद, रैपिडो अपनी इस कैब सर्विस का दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, चंडीगढ़, मेरठ, लखनऊ समेत दूसरे कई शहरों में विस्तार करने की योजना पर काम कर रही है. सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि रैपिडो अगले हफ्ते दिल्ली-एनसीआर में कैब सर्विस की शुरुआत कर सकती है.

जल्द दिल्ली में शुरू होगी कैब सर्विस
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मीडिया से बातचीत के दौरान रैपिडो के प्रवक्ता ने कहा कि हम यह बताते हुए काफी खुशी हो रही है कि रैपिडो कैब्स के लिए हैदराबाद में शानदार शुरुआत के साथ हमारी नई सर्विस का टेस्ट भी हो गया है. शहर के वाइब्रेंट मार्केट ने हमें गर्मजोशी से स्वागत करते हुए अपना लिया है और यूजर्स की ओर से पॉजिटिव रिस्पांस भी मिल रहा है, जो हमारे लिए उत्साहवर्धक है. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे हम अपने रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं, हम अपनी प्रगति के बारे में आपको बताते रहेंगे. हम उत्सुकता से इनोवेटिव सर्विस को अन्य शहरों में लाने का इंतजार कर रहे हैं.

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रैपिडो की ओर से फिलहाल भारत के विभिन्न शहरों में मोटरबाइक या थ्री-व्हीलर ऑटो रिक्शा की सर्विस मुहैया कराई जा रही. बता दें कि रैपिडो की स्थापना साल 2015 में हुई थी. यह कंपनी अब 100 से अधिक शहरों में अपनी सर्विस मुहैया करा रही है और इसके 25 मिलियन से अधिक ऐप डाउनलोड किए जा चुके हैं. कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, रैपिडो के 10 मिलियन से ज्यादा कस्टमर्स हैं और इसने 100 मिलियन से अधिक राइड पूरी की हैं. वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रैपिडो ने कुल 324 मिलियन डॉलर जुटाए हैं. पिछले साल अप्रैल में कंपनी ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी सर्विस स्विगी के नेतृत्व में 180 मिलियन डॉलर जुटाए थे.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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