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Explainer : किसानों के लिए महिंद्रा ने 'ओजा' सीरीज ट्रैक्टर किया पेश, जानें इनका नाम और काम क्यों है खास

Updated at : 16 Aug 2023 10:07 AM (IST)
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Explainer : किसानों के लिए महिंद्रा ने 'ओजा' सीरीज ट्रैक्टर किया पेश, जानें इनका नाम और काम क्यों है खास

कंपनी ने कहा कि उसने ट्रैक्टरों के लिए ओजेए प्लेटफॉर्म के डेवलपमेंट पर करीब 1,200 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इस प्लेटफॉर्म पर 20-70 एचपी क्षमता वाले प्रोडक्ट बनाए जा सकते हैं. कंपनी का लक्ष्य भारत, अमेरिका और आसियान क्षेत्र के देशों में छोटी जोत वाले किसानों की जरूरतों को पूरा करना है.

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केपटाउन/नई दिल्ली : भारत की वाहन निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने सीमांत किसानों के लिए दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में 15 अगस्त के मौके पर छोटे ट्रैक्टरों की एक सीरीज ‘ओजा’ को पेश किया है. इसके जरिए कंपनी का लक्ष्य ट्रैक्टर के निर्यात को दोगुना करना है. कंपनी ने अपनी इसी योजना के तहत ट्रैक्टरों की सीरीज को बाजार में उतारा है. महिंद्रा एंड महिंद्रा का कहना है कि छोटे ट्रैक्टरों से कम जोत वाले किसानों को फायदा होगा. उसने कहा कि आने वाले तीन सालों में वह ट्रैक्टर के निर्यात को दोगुना करने के प्रयास में जुट गई है. दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैक्टर विनिर्माता महिंद्रा एंड महिंद्रा ने पिछले वित्त वर्ष में करीब 18,000 ट्रैक्टरों का विदेश निर्यात किया था.

छोटी जोत के किसानों को होगा फायदा

कंपनी ने कहा कि उसने ट्रैक्टरों के लिए ओजेए प्लेटफॉर्म के डेवलपमेंट पर करीब 1,200 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इस प्लेटफॉर्म पर 20-70 एचपी क्षमता वाले प्रोडक्ट बनाए जा सकते हैं. कंपनी का लक्ष्य भारत, अमेरिका और आसियान क्षेत्र के देशों में छोटी जोत वाले किसानों की जरूरतों को पूरा करना है. इसीलिए उसने नई रेंज के ट्रैक्टरों को पेश किया है.

नए बाजारों में एंट्री करने में मिलेगी मदद

महिंद्रा एंड महिंद्रा के कृषि उपकरण अध्यक्ष हेमंत सिक्का ने कहा कि ओजेए ब्रांड बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी बढ़ाने के साथ नए बाजारों में प्रवेश करने में भी मदद करेगा. उन्होंने कहा कि हम तीन साल में अपने निर्यात के आंकड़े को दोगुना करना चाह रहे हैं. यह लक्ष्य हासिल करने में ओजेए ट्रैक्टर प्रमुख रूप से मददगार होंगे. महिंद्रा एंड महिंद्रा ने मंगलवार को भारतीय बाजार के लिए सात प्रोडक्ट पेश करने के साथ यहां तीन ओजेए प्लेटफॉर्म प्रदर्शित किए.

भारत समेत दुनिया के ये देश महिंद्रा के टारगेट पर

हेमंत सिक्का ने कहा कि कंपनी ओजेए प्रोडक्ट के साथ तीन प्रमुख भौगोलिक क्षेत्र भारत, आसियान और अमेरिका को टारगेट करने जा रही है. यह नई रेंज के साथ यूरोप और अफ्रीका के भौगोलिक क्षेत्रों को भी टारगेट करेगा. उन्होंने कहा कि हम इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से दुनिया के हर कोने में मौजूद रहेंगे. इससे 12 नए देशों के दरवाजे भी कंपनी के लिए खुलेंगे. इसके साथ हम हल्के वजन वाले वैश्विक ट्रैक्टर उद्योग के 25 फीसदी बाजार को टारगेट करने की स्थिति में होंगे.

महिंद्रा ने ओजेए क्यों रखा नाम

महिंद्रा एंड महिंद्रा ने स्मॉल साइज ट्रैक्टर का नाम ओजेए क्यों रखा है, इसका भी अर्थ बड़ा गूढ़ है. कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, ‘ओजस’ संस्कृत का एक शब्द से है, जिसका अर्थ ऊर्जा है. महिंद्रा ने अपने ओजेए अर्थात ‘ओजा’ कॉम्पैक्ट सीरीज को अंगूर के बगीचे, सब्जी, अंतर-संस्कृति और धान की तकनीकी खेती को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया है. अपने तीन अत्याधुनिक तकनीककी पैक ‘प्रोजा’, ‘म्योजा’ और ‘रोबोजा’ के साथ यह ट्रैक्टर किसानों की खेती के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए पूरी तरह तैयार है.

‘प्रोजा’, ‘म्योजा’ और ‘रोबोजा’

ओजा ट्रैक्टर में इस्तेमाल की ‘प्रोजा’, ‘म्योजा’ और ‘रोबोजा’ तकनीक के बारे में कंपनी ने पूरे विस्तृत तरीके से समझाया है. ‘प्रोजा’ तकनीक के बारे में कंपनी का कहना है कि यह एनहांस एप्लिकेशन उपयुक्तता और अधिकतम रिटर्न के लिए इसमें फीचर-पैक दिया गया है. वहीं, ‘म्योजा’ तकनीक के माध्यम से किसान अपने फोन में अलर्ट लगाकर ट्रैक्टर को कंट्रोल कर सकते हैं, जबकि ‘रोबोजा’ तकनीक के जरिए कंपनी ने इस ट्रैक्टर में ऑटोमेटिक फीचर्स के साथ कुशल और सटीक कार्यप्रणाली प्रदान करने की कोशिश की है.

महिंद्रा ओजेए 2121 ट्रैक्टर
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कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, महिंद्रा ओजा 2121 ट्रैक्टर महिंद्रा ट्रैक्टर्स का एक नया ट्रैक्टर है. यह प्रभावी और कुशल कृषि कार्य के लिए सभी नवीनतम तकनीकी प्रगति से लैस है. इसकी 18 एचपी पीटीओ पावर और 76 एनएम टॉर्क इसे खेती का एक अच्छा विकल्प बनाता है. किसानों की खेती चाहे जो भी हो, महिंद्रा ओजा 2121 ट्रैक्टर आपके लिए सबसे अच्छा ऑप्शन प्रदान करती है. इस ट्रैक्टर की चौड़ाई बाहर-बाहर 36 इंच है, जो इसे गन्ने और कपास जैसी फसलों में सभी अंतर-कृषि कार्यों के लिए उपयुक्त बनाता है.

महिंद्रा ओजेए 2124 ट्रैक्टर
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कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट दी गई जानकारी के अनुसार, महिंद्रा ओजा 2124 ट्रैक्टर की माइलेज अच्छी है और यह अच्छा परफॉर्म करता है. ट्रैक्टर का 18.1 किलोवाट (24 एचपी) का पावरफुल 3डीआई इंजन इसे किसानों के लिए सही ऑप्शन है. महिंद्रा ओजा 2124 ट्रैक्टर स्प्रेयर, रोटावेटर, कल्टीवेटर, हल, सीड ड्रिल और कई उपकरणों को आसानी से उठा सकता है.

महिंद्रा ओजेए 2127 ट्रैक्टर
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महिंद्रा ओजा 2127 ट्रैक्टर में किसानों के काम को सबसे लंबे दिनों के दौरान कुशल बनाने के लिए कई फीचर से लैस है. 20.5 किलोवाट (27 एचपी) की इंजन पावर और 950 किलोग्राम की हाइड्रोलिक उठाने की क्षमता के साथ यह कठिन से कठिन काम को पूरा करता है. कंपोनेंट, इंजीनियरिंग और असेंबली की गुणवत्ता पर दांव लगाना पड़ता है. इन ट्रैक्टरों को अंगूर के बागों, बागों की खेती और पोखर बनाने आदि के लिए फीचर्स के साथ विशेषज्ञ रूप से डिजाइन किया गया है.

महिंद्रा ओजेए 2130 ट्रैक्टर
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महिंद्रा ओजा 2130 ट्रैक्टर उच्च-स्तरीय और नए जमाने के अनुसार बनाया गया है, जिसमें मिनिमम पावर और वजन का रेशियो है, जो इस ट्रैक्टर को एक बेहतर विकल्प के तौर पर पेश करता है. 22.4 किलोवाट (30 एचपी) की इंजन पावर के साथ यह ट्रैक्टर बहुमुखी, टिकाऊ और विश्वसनीय है और अधिकांश कृषि कार्यों को आसानी से संभाल सकता है. महिंद्रा ओजा 2130 ट्रैक्टर क्षेत्र में किफायती माइलेज और आरामदायक ड्राइविंग अनुभव भी प्रदान करता है. इन ट्रैक्टरों को अंगूर के बागों, बागों की खेती, अंतरसांस्कृतिक और पोखर बनाने के लिए विशेषज्ञ रूप से डिजाइन किया गया है.

महिंद्रा ओजेए 3132 ट्रैक्टर
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क्या आप कृषि क्षेत्र में अपनी उत्पादकता को अधिकतम करना चाहते हैं? यदि हां, तो 23.9 किलोवाट (32 एचपी) इंजन पावर वाला महिंद्रा ओजा 3132 ट्रैक्टर आपके लिए सही ऑप्शन है. इसमें अधिकतम परफॉर्मेंस सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक और हाई कैपिसिटी के फीचर्स शामिल हैं. इसके अलावा, महिंद्रा ओजा 3132 ट्रैक्टर में उच्च गुणवत्ता वाला रॉ मैटीरियल शामिल है, जो बेहतर ताकत और स्थायित्व प्रदान करता है. इसे बगीचे और सुपारी की खेती के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

महिंद्रा ओजेए 3136 ट्रैक्टर
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महिंद्रा ओजा 3136 ट्रैक्टर 26.8 किलोवाट (36 एचपी) के ईंधन-कुशल इंजन द्वारा ऑपरेटेड है, जो मजबूत है और सभी प्रकार के उपयोग के लिए अनुकूल है. महिंद्रा ओजा 3136 में एक विशेष प्रकार का डिजाइन शामिल है, जो हर किसान के कार्यों को पूरा करता है. इसे सभी सतहों पर सर्वांगीण प्रदर्शन प्रदान करने के लिए बनाया गया है, जो इसे बगीचे की खेती और पोखर बनाने जैसे कई कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है.

महिंद्रा ओजेए 3140 ट्रैक्टर
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महिंद्रा के मजबूत ओजा 3140 ट्रैक्टर के साथ किसान अपने कृषि व्यवसाय को अपग्रेड कर सकते हैं. यह ट्रैक्टर अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए जाना जाता है. इसलिए, यदि आप चाहते हैं कि आपका ट्रैक्टर बगीचे की खेती और पोखर कार्यों में सर्वोत्तम प्रदर्शन करे, तो महिंद्रा ओजा 3140 ट्रैक्टर आपके लिए सबसे अच्छा ट्रैक्टर हो सकता है. 29.5 किलोवाट (40 एचपी) की इंजन पासर के साथ यह कई प्रकार के कृषि कार्यों के लिए बिल्कुल सही विकल्प है, जबकि इसका 12×12 ट्रांसमिशन पावरफुल कृषि कार्यों के लिए बेहतरीन है.

Also Read: महिंद्रा ने पेश किया Thar.e का कॉन्सेप्ट मॉडल, आने वाली चार एसयूवी की टाइमलाइन से भी उठा पर्दा

महिंद्रा थार इलेक्ट्रिक को भी किया है पेश

महिंद्रा एंड महिंद्रा ने 15 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में एक कार्यक्रम में अपनी प्रमुख ऑफ-रोड एसयूवी थार पर बेस्ड इलेक्ट्रिक कॉन्सेप्ट एसयूवी Thar.e से पर्दा उठा दिया है. थार इलेक्ट्रिक कॉन्सेप्ट एसयूवी महिंद्रा की आगामी ऑफ-रोड इलेक्ट्रिक एसयूवी की डिजाइन के साथ अपने लुक के मामले में बिल्कुल अलग है. महिंद्रा थार इलेक्ट्रिक एसयूवी कार निर्माता की बोर्न इलेक्ट्रिक लाइनअप का हिस्सा होगी. इसके साथ ही, भारत के ऑटोमेकर ने चार एसयूवी की टाइमलाइन से भी पर्दा उठा दिया है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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