भारत में लग्जरी कारों की धूम, पिछले छह महीने में BMW समेत इन ब्रांड्स की हुई रिकॉर्ड सेल

Updated at : 19 Jul 2023 8:23 AM (IST)
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भारत में लग्जरी कारों की धूम, पिछले छह महीने में BMW समेत इन ब्रांड्स की हुई रिकॉर्ड सेल

पिछले छह महीनों में जर्मन लक्जरी कार निर्माता मर्सिडीज-बेंज ने भारत में अपनी अब तक की सबसे अच्छी बिक्री दर्ज की है. जनवरी से जून महीने के दौरान करीब 13 फीसदी की उछाल के साथ मर्सिडीज-बेंज की 8,528 यूनिट्स बेची गईं.

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भारत में लग्जरी कारों ने धूम मचा रखी है. इन लग्जरी कारों को पसंद करने वाले इतने लोग हैं कि पिछले छह महीने के दौरान देश में लग्जरी कारों की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई है. इस सेगमेंट में साल 2023 की पहली छमाही में रिकॉर्ड बिक्री देखी गई है, जिसमें मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू ग्रुप और ऑडी जैसे कार निर्माता अग्रणी रहे हैं. जनवरी और जून के बीच जर्मन की ऑटो दिग्गज बीएमडब्ल्यू ने देश भर में 26,000 से अधिक इकाइयों की बिक्री की है. साल की शानदार शुरुआत के बाद सभी लग्जरी कार निर्माता उम्मीद कर रहे हैं कि 2023 बिक्री के मामले में अब तक का सबसे अच्छा साल साबित होगा.

मर्सिडीज-बेंज की सबसे अधिक मांग

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले छह महीनों में जर्मन लक्जरी कार निर्माता मर्सिडीज-बेंज ने भारत में अपनी अब तक की सबसे अच्छी बिक्री दर्ज की है. जनवरी से जून महीने के दौरान करीब 13 फीसदी की उछाल के साथ मर्सिडीज-बेंज की 8,528 यूनिट्स बेची गईं. भारत में लग्जरी कार निर्माता कंपनियों में मर्सिडीज-बेंज टॉप पर बनी हुई है. मर्सिडीज-बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ संतोष अय्यर ने कहा कि अभी एक बहुत मजबूत गति है और लक्जरी कारों की ओर एक बहुत बदलाव भी है. इसलिए मांग बढ़ रही है और हमें इसमें बदलाव का कोई कारण नहीं दिखता है.

बीएमडब्ल्यू ग्रुप ने 5,867 इकाइयां बेचीं

भारत में मर्सिडीज के प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों में से एक बीएमडब्ल्यू ग्रुप ने भी इस अवधि के दौरान रिकॉर्ड 5,867 इकाइयों की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की है. इनमें मिनी ब्रांड की लग्जरी कारें भी शामिल हैं, जिनमें इलेक्ट्रिक वाहन भी शामिल हैं. बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया के अध्यक्ष विक्रम पावाह ने कहा कि दूसरी छमाही में भी हम रिकॉर्ड तोड़ देंगे. आपूर्ति सामान्य होने के साथ यह (पहली छमाही से) और भी बेहतर होगा. अगर सभी चीजें ठीक रहीं, तो हमारे लिए यह एक रिकॉर्ड वर्ष होगा. उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में स्थिरता और मांग मजबूत दिख रही है.

लग्जरी ईवी गाड़ियां बेचने में बीएमडब्ल्यू टॉप पर

एक रिपोर्ट के अनुसार, मर्सिडीज के पोर्टफोलियो में अधिक संख्या में ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) मॉडल होने के बावजूद बीएमडब्ल्यू ही इस सेगमेंट में अग्रणी बनकर उभरी. बीएमडब्ल्यू देश में iX SUV और i4 और i7 सेडान बेचती है. iX इलेक्ट्रिक एसयूवी का भारत में सभी लक्जरी ईवी के बीच सबसे ज्यादा खरीदार मिले. जर्मन ऑटो दिग्गज के पास अब इस सेगमेंट में लगभग 50 फीसदी बाजार हिस्सेदारी है.

ऑडी की बिक्री में दोगुना उछाल

ऑडी ने भारत में बिक्री में भी लगभग दोगुना उछाल दर्ज किया. जर्मन ऑटो दिग्गज ने पिछले साल की 1,765 इकाइयों की तुलना में इस साल पहले छह महीनों में 3,474 इकाइयां बेचीं. पिछले छह महीनों में लक्जरी क्षेत्र में लगभग 21,000 कारें बेची गई हैं और आम तौर पर H2 (दूसरी छमाही) H1 से बेहतर है. ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह ढिल्लों ने कहा कि यह साल पूरे लक्जरी कार खंड के बेहतर होना चाहिए. इस साल लगभग 46,000-47,000 कारों की बिक्री होने की उम्मीद है.

2023 में अब तक 21,000 कारों की बिक्री

इस साल लक्जरी क्षेत्र में लगभग 21,000 कारें बेची गई हैं और आम तौर पर एच2 (दूसरी छमाही) एच1 से बेहतर है. इसलिए, अनुमान है कि इस वर्ष संपूर्ण लक्जरी कार खंड लगभग 46,000-47,000 कारों के करीब होना चाहिए. ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह ढिल्लों ने पीटीआई को बताया, जो निश्चित रूप से अब तक का उच्चतम स्तर है. पिछला रिकॉर्ड 2018 में लगभग 40,000 इकाइयों का था, उन्होंने कहा, उसके बाद 2019 में “आर्थिक स्थिति” के कारण लक्जरी सेगमेंट को नुकसान हुआ था और 2020 के बाद से महामारी ने विकास में बाधा उत्पन्न की थी.

दूसरी छमाही में रिकॉर्ड बिक्री की उम्मीद

इसी तरह, बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया के अध्यक्ष विक्रम पावाह ने कहा, “दूसरी छमाही में भी हम रिकॉर्ड तोड़ देंगे. आपूर्ति सामान्य होने के साथ यह (पहली छमाही से) और भी बेहतर होगा. अगर सभी चीजें स्थिर रहीं तो हमारे लिए यह एक रिकॉर्ड वर्ष होगा.अर्थव्यवस्था में मांग मजबूत दिख रही है, उत्पाद लाइन-अप मजबूत है, नए X5 के लॉन्च से और भी वृद्धि हुई है और प्रतिक्रिया भी मजबूत है.

भारत की अर्थव्यवस्था में भागीदारी

उन्होंने कहा कि, लक्जरी सेगमेंट में मजबूत वृद्धि के पीछे के कारणों पर विकास को बढ़ावा देने वाले नए लॉन्च और मॉडल के अलावा भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. “हमारे पास एक मजबूत अर्थव्यवस्था है. धारणा सकारात्मक है, लोगों की कमाई बढ़ रही है. हम मुद्रास्फीति के उन दबावों का सामना नहीं कर रहे हैं जिनका कुछ पश्चिमी देश इस समय सामना कर रहे हैं. हमारे लिए यह अभी भी यहां एक उचित स्तर है, यह उच्च है लेकिन नाटकीय रूप से उच्च नहीं. पवाह ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था और भारतीय प्रणाली में एक ठोस आधार है जो हमें विकास की संभावना देता है.

लग्जरी कारों की मांग में मजबूती जारी

इसके अतिरिक्त, मर्सिडीज-बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ, संतोष अय्यर ने कहा कि अन्य कारक जैसे शेयर बाजार अब तक के उच्चतम स्तर पर है और कॉर्पोरेट भारत की कमाई भी मजबूत वृद्धि दर्ज कर रही है, बेहतर बोनस और भुगतान हुआ है और कई कंपनियां कारें भी खरीद रही हैं. अय्यर ने कहा कि फिलहाल, एक बहुत मजबूत गति है और लक्जरी कारों की ओर एक बहुत ही सचेत बदलाव भी है. इसलिए मांग जारी है और हमें इसमें बदलाव का कोई कारण नहीं दिखता है.

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2030 तक 2 फीसदी हो जाएगी लग्जरी कारों की भागीदारी

भारतीय लक्जरी वाहन बाजार पर आशावादी ढिल्लों ने कहा, “हमारा मानना ​​है कि मध्यम से दीर्घकालिक विकास की कहानी बरकरार है, न केवल समग्र कार खंड बढ़ेगा, बल्कि लक्जरी खंड भी बढ़ेगा. आज, हम लगभग 1 फीसदी हैं और हमारा मानना ​​है कि 2030 तक कुल कार सेगमेंट में हमें 2 फीसदी तक पहुंच जाना चाहिए.” यह पूछे जाने पर कि क्या भारत में लग्जरी कार सेगमेंट अपनी क्षमता को पूरा करने के करीब है, पवाह ने कहा कि यह अभी भी दूर है, लेकिन हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. उन्होंने तर्क दिया कि विकासशील या नव विकसित एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में जहां लक्जरी कार की पहुंच उद्योग में 5 से 8 फीसदी के बीच है, भारत अभी भी 1 फीसदी पर है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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