ई-स्कूटर बैटरी लंबे समय तक नयी जैसी रखनी है? जानिए चार्जिंग का सही तरीका

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 26 May 2026 5:54 PM

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ई-स्कूटर बैटरी चार्ज करने का सही तरीका / तस्वीर कोमाकी इलेक्ट्रिक स्कूटर की

ई-स्कूटर की बैटरी लाइफ बढ़ानी है तो सही चार्जिंग तरीका जानना जरूरी है. गलत चार्जिंग आदतें रेंज कम कर सकती हैं और बैटरी को समय से पहले खराब भी कर सकती हैं.

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इलेक्ट्रिक स्कूटर अब सिर्फ सस्ता सफर नहीं, बल्कि स्मार्ट मोबिलिटी का हिस्सा बन चुके हैं. लेकिन कई लोग लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी बैटरी की सही देखभाल नहीं कर पाते, जिसकी वजह से कुछ ही सालों में रेंज कम होने लगती है और चार्जिंग टाइम बढ़ जाता है. असल में ई-स्कूटर की परफॉर्मेंस काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि उसे किस तरह चार्ज किया जा रहा है. छोटी-छोटी गलतियां बैटरी की लाइफ पर बड़ा असर डाल सकती हैं. अगर आप चाहते हैं कि आपका इलेक्ट्रिक स्कूटर लंबे समय तक शानदार रेंज और स्मूद परफॉर्मेंस देता रहे, तो कुछ जरूरी चार्जिंग नियमों को समझना बेहद जरूरी है.

राइड खत्म होते ही चार्ज करना पड़ सकता है भारी

अक्सर लोग स्कूटर चलाकर आते ही तुरंत चार्जिंग पर लगा देते हैं, लेकिन यह बैटरी के लिए सही तरीका नहीं माना जाता. राइड के दौरान बैटरी गर्म हो जाती है और उसी समय चार्ज करने से सेल्स पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि स्कूटर को कम से कम 15 से 20 मिनट तक ठंडा होने दें, उसके बाद ही चार्जिंग शुरू करें. इससे बैटरी की हेल्थ बेहतर बनी रहती है.

हमेशा ओरिजिनल चार्जर का ही करें इस्तेमाल

कई बार लोग सस्ता या लोकल चार्जर इस्तेमाल करने लगते हैं, जो बैटरी के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. गलत वोल्टेज या करंट की वजह से बैटरी ओवरहीट हो सकती है और शॉर्ट सर्किट का खतरा भी बढ़ जाता है. इसलिए कंपनी द्वारा दिया गया ओरिजिनल चार्जर ही इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है.

20% से 80% के बीच रखें बैटरी

ई-स्कूटर बैटरी की लंबी उम्र के लिए सबसे जरूरी नियम यही माना जाता है कि बैटरी को पूरी तरह खत्म या हर बार फुल चार्ज न किया जाए. अगर बैटरी को लगातार 0% तक डिस्चार्ज किया जाए या हर बार 100% तक चार्ज रखा जाए, तो उसकी क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है. बेहतर होगा कि बैटरी लेवल को 20% से 80% के बीच रखने की कोशिश करें.

चार्जिंग के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

स्कूटर को हमेशा सूखी, हवादार और छायादार जगह पर चार्ज करें. तेज धूप, बारिश या नमी वाली जगह बैटरी और चार्जिंग सिस्टम दोनों को नुकसान पहुंचा सकती है. इसके अलावा चार्जर लगाने का सही क्रम भी जरूरी है. पहले चार्जर को पावर सॉकेट में लगाएं और फिर स्कूटर से कनेक्ट करें. हटाते समय पहले स्कूटर से डिस्कनेक्ट करें.

चार्जिंग के वक्त स्कूटर का इस्तेमाल क्यों नहीं करना चाहिए?

कुछ लोग चार्जिंग के दौरान भी स्कूटर ऑन कर देते हैं या फीचर्स इस्तेमाल करते रहते हैं. इससे बैटरी पर अतिरिक्त लोड पड़ता है और हीटिंग बढ़ जाती है. लंबे समय में यह बैटरी की क्षमता और बैकअप दोनों को प्रभावित कर सकता है. इसलिए चार्जिंग के दौरान स्कूटर को पूरी तरह बंद रखना बेहतर माना जाता है.

पब्लिक चार्जिंग स्टेशन इस्तेमाल करते समय रहें सतर्क

आज कई कंपनियां अपने ऐप के जरिए चार्जिंग स्टेशन की सुविधा दे रही हैं. लेकिन पब्लिक चार्जर इस्तेमाल करते समय यह जरूर देखें कि स्टेशन अधिकृत हो और चार्जिंग पोर्ट सुरक्षित स्थिति में हो. खराब या डैमेज चार्जिंग प्वाइंट बैटरी को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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