कार बैटरी खराब होने से पहले देती है ये चेतावनी, इन संकेतों को न करें नजरअंदाज

कार की बाटरी चेक करता एक आदमी (Photo: AI Generated)
कार की बैटरी अचानक जवाब देने से पहले कई छोटे संकेत देती है. जैसे इंजन का सुस्त स्टार्ट होना, लाइट्स का मंद पड़ना या डैशबोर्ड पर चेतावनी दिखना. इन संकेतों को समय रहते पहचानना जरूरी है.
कार की बैटरी कमजोर होना आज भी गाड़ियों के रास्ते में बंद पड़ जाने की सबसे आम वजहों में से एक है. इसलिए कार मालिकों के लिए जरूरी हो जाता है कि वे बैटरी खराब होने से पहले ही उसके शुरुआती संकेतों पर ध्यान दें. आमतौर पर आजकल की कार बैटरी 3 से 5 साल तक चल जाती है, कई बार इससे भी ज्यादा. लेकिन मौसम, ड्राइविंग की आदतें और कार में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिकल फीचर्स भी इसकी उम्र को कम कर सकते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि कैसे पता चले कि अब आपकी कार की बैटरी बदलने का समय आ गया है? आइए, आपको बताते हैं.
इंजन का धीरे स्टार्ट होना
बैटरी खराब होने का सबसे पहला संकेत अक्सर इंजन के स्टार्ट होने के तरीके से मिलता है. अगर आप इग्निशन ऑन करते हैं और इंजन पहले की तुलना में धीरे-धीरे या ज्यादा समय लेकर स्टार्ट होता है, तो समझिए बैटरी उतनी ताकत नहीं दे पा रही है जितनी स्टार्ट होने के लिए जरूरी होती है.
इसके अलावा अगर गाड़ी कभी स्टार्ट हो जाती है और कभी नहीं, या थोड़े-थोड़े समय में बार-बार जंप-स्टार्ट की जरूरत पड़ने लगे, तो यह भी कमजोर होती बैटरी का संकेत हो सकता है. हालांकि कई बार ऐसी समस्या स्टार्ट मोटर में खराबी की वजह से भी हो सकती है, लेकिन आमतौर पर मैकेनिक सबसे पहले बैटरी की ही जांच करते हैं.
इलेक्ट्रिकल समस्या होना
अगर आपकी कार में बिजली से जुड़ी छोटी-छोटी गड़बड़ियां दिखने लगें, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. जैसे हेडलाइट्स का मंद पड़ना, केबिन की लाइट्स का टिमटिमाना या पावर विंडो का पहले की तुलना में धीरे चलना. ये सभी संकेत हो सकते हैं कि बैटरी कमजोर पड़ रही है. आजकल की नई कारों में इंफोटेनमेंट सिस्टम, डिजिटल डिस्प्ले और कई एडवांस ड्राइवर-असिस्ट फीचर्स होते हैं, जिन्हें ठीक से काम करने के लिए लगातार और स्थिर बिजली की जरूरत होती है. इसलिए अगर इलेक्ट्रिकल सिस्टम में ऐसी दिक्कतें दिखें, तो बैटरी को चेक करवा लेने चाहिए.
डैशबोर्ड पर वार्निंग लाइट का जलना
अगर गाड़ी चलाते समय आपके डैशबोर्ड पर कोई वार्निंग लाइट (warning light) जलने लगे, तो उसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं होता. खासकर अगर बैटरी का सिंबल दिखे, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि गाड़ी के चार्जिंग सिस्टम में कोई समस्या है. ऐसी स्थिति में बेहतर है कि गाड़ी की जल्दी से जांच करा ली जाए.
बैटरी टर्मिनल्स पर जंग लगा होना
अगर आपकी गाड़ी की बैटरी के टर्मिनल्स के आसपास सफेद या हरे रंग की परत जमती हुई दिखे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यह दरअसल करोशन (जंग) होता है. यह बैटरी और तारों के बीच सही तरीके से बिजली का संपर्क बनने में दिक्कत पैदा कर सकता है. हालांकि सिर्फ करोशन दिखने का मतलब यह नहीं कि बैटरी तुरंत बदलनी पड़ेगी. कई बार टर्मिनल्स को साफ करने से समस्या ठीक हो जाती है. लेकिन अगर बार-बार करोशन बनने लगे, तो यह बैटरी के पुराना होने या कहीं से लीक होने का संकेत भी हो सकता है.
एसिड का लीक होना
अगर कार के आसपास अचानक सड़े हुए अंडे जैसी अजीब-सी बदबू आने लगे, तो यह बैटरी से सल्फ्यूरिक एसिड लीक होने का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में बैटरी को बदल देना ही बेहतर होता है, ताकि आगे किसी तरह का नुकसान न हो. बैटरी की उम्र भी यहां अहम भूमिका निभाती है. आमतौर पर निर्माता सलाह देते हैं कि तीन साल बाद बैटरी की नियमित जांच शुरू कर देनी चाहिए. बैटरी पर छपी मैन्युफैक्चरिंग डेट देखकर आप यह अंदाजा लगा सकते हैं कि उसे बदलने का समय आ गया है या नहीं.
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लेखक के बारे में
By Ankit Anand
अंकित आनंद, प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वह पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं. टेक जर्नलिस्ट के तौर पर अंकित स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) न्यूज, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें कवर करते हैं. इसके अलावा, वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी अहम खबरों पर भी लिखते हैं. अंकित ने GGSIP यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन की है.
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