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विधानसभा से बिल पास, भोजपुरी, मैथिली अंगिका और मगही होगी दूसरी राजभाषा

Updated at : 21 Jul 2018 6:36 AM (IST)
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विधानसभा से बिल पास, भोजपुरी, मैथिली अंगिका और मगही होगी दूसरी राजभाषा

रांची : शुक्रवार को सदन से उषा मार्टिन विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2018 पारित हो गया. उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विभाग की मंत्री डॉ नीरा यादव ने यह संशोधन विधेयक सदन में पेश किया था. इसके साथ ही उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विभाग ने साईंनाथ विश्वविद्यालय (संशोधन विधेयक)-2018 तथा कैपिटल विश्वविद्यालय विधेयक-2018 भी पारित कराया. […]

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रांची : शुक्रवार को सदन से उषा मार्टिन विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2018 पारित हो गया. उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विभाग की मंत्री डॉ नीरा यादव ने यह संशोधन विधेयक सदन में पेश किया था.
इसके साथ ही उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विभाग ने साईंनाथ विश्वविद्यालय (संशोधन विधेयक)-2018 तथा कैपिटल विश्वविद्यालय विधेयक-2018 भी पारित कराया. श्रीमती यादव ने कहा कि कैपिटल विश्वविद्यालय विधेयक से यहां कृषि, पशुपालन आदि पढ़नेवाले विद्यार्थियों को फायदा होगा.
कैपिटल विवि बिल से कृषि-पशुपालन पढ़नेवालाें काे हाेगा फायदा
झारखंड सरकार ने भोजपुरी, मैथिली, अंगिका और मगही को बिहार राजभाषा विधेयक में शामिल करने के लिए संशोधन कराया. इससे संबंधित बिहार राजभाषा (झारखंड संशोधन) विधेयक-2018 पारित कराया गया.
आलमगीर आलम ने कहा कि यह संशोधन क्यों हो रहा है, यह जानकारी भी होनी चाहिए. इसको भी सभा के पटल पर रखा जाना चाहिए. मेनका सरकार ने कहा कि इसके साथ झारखंड की कई स्थानीय भाषाओं को दूसरी राजभाषा में शामिल किया जाना चाहिए. प्रभारी मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि सरकार इस सुझाव पर विचार करेगी.
राज्य सरकार ने शुक्रवार को सदन में अधिवक्ता लिपिक कल्याण निधि विधेयक-2018 पारित कराया है. इसमें अधिवक्ता लिपिक के कल्याण के कई प्रावधान किये गये हैं. इसके साथ ही सरकार ने झारखंड श्रम विधियां (संशोधन) और प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम विधेयक-2018 भी सदन से पारित कराया है. इसमें अनुज्ञप्ति देने की अवधि तय की गयी है. जांच के बाद दंड के प्रावधान को बढ़ाया गया है.
जारी कर दें अधिसूचना, विपक्षको सवाल पूछने का अधिकार नहीं : हेमंत सोरेन
प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन ने दूसरे सत्र में कहा कि तकलीफ होती है कि एक ही बात कितनी बार बोलें. विपक्ष के सवालों का कोई जवाब नहीं मिल रहा है. विधानसभा को एक अधिसूचना जारी कर देना चाहिए कि विपक्ष को सवाल पूछने का अधिकार नहीं है.
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