अमेरिका-ईरान समझौते पर दुनिया ने जताई खुशी, कतर, ब्रिटेन से लेकर फ्रांस तक नेताओं ने क्या कहा?
Published by : Anant Narayan Shukla Updated At : 15 Jun 2026 6:54 AM
डोनाल्ड ट्रंप, शहबाज शरीफ और अब्बास अराघची.
US Iran Peace Deal: अमेरिका-ईरान शांति समझौते का दुनिया भर के नेताओं ने स्वागत किया है. कतर, तुर्किये, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस ने इसे पश्चिम एशिया में शांति, होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है.
US Iran Peace Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा किए जाने के बाद दुनिया भर के नेताओं ने इसका स्वागत किया है. कई देशों ने इसे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया है, जो पश्चिम एशिया में स्थिरता बहाल करने, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और क्षेत्र में महीनों से जारी संघर्ष के कारण पैदा हुए आर्थिक दबाव को कम करने में मददगार साबित हो सकती है. यह समझौता पाकिस्तान की अगुवाई में हुई मध्यस्थता और कई दौर की बातचीत के बाद सामने आया है. कतर, तुर्किये, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस समेत कई देशों ने दोनों पक्षों से समझौते को पूरी तरह लागू करने और संवाद के जरिए स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की है.
इस प्रस्तावित डील पर 19 जून को हस्ताक्षर किए जा सकते हैं. पाकिस्तान के पीएम ने कहा कि स्विट्जरलैंड में इसकी औपचारिकता पूरी की जाएगी. इस शांति समझौते को पूरा करवाने के लिए उन्होंने कतर, सऊदी अरब और तुर्किये को धन्यवाद किया. वहीं ईरान ने भी शुक्रवार को इस डील पर साइन करने की बात को कंफर्म कर दिया है. ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर शुक्रवार को किए जाएंगे. इसके बाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग का पूरा मसौदा सार्वजनिक कर दिया जाएगा.
कतर ने समझौते को बताया स्थायी शांति की दिशा में अहम कदम
कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल थानी ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत किया. उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, ‘हम संयुक्त राज्य अमेरिका और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन का स्वागत करते हैं.’ उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे की वार्ताएं सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में आगे बढ़ेंगी.
एर्दोआन बोले- दुनिया को लंबे समय से इसी खबर का इंतजार था
तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन ने इस समझौते को क्षेत्र में शांति और स्थिरता स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया. उन्होंने कहा, ‘मैं दिल से उम्मीद करता हूं कि यह खबर, जिसका पूरी दुनिया लंबे समय से इंतजार कर रही थी, हमारे क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा का माहौल बनाने का रास्ता खोलेगी.’ एर्दोआन ने सभी पक्षों को उकसावे वाली गतिविधियों से बचने की सलाह दी और कूटनीतिक प्रयासों में योगदान देने के लिए पाकिस्तान, कतर और सऊदी अरब का आभार व्यक्त किया.
ब्रिटेन ने कहा- युद्ध समाप्ति की दिशा में बड़ी उपलब्धि
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस समझौते को युद्ध समाप्त करने, क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम बताया. स्टार्मर ने कहा, ‘मैं राष्ट्रपति ट्रंप और पाकिस्तान, कतर समेत उन सभी मध्यस्थों को बधाई देता हूं जिन्होंने इस महत्वपूर्ण सफलता में योगदान दिया.’
उन्होंने जोर देकर कहा कि समझौता ज्ञापन को पूरी तरह लागू किया जाना चाहिए और ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाना चाहिए. ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यूनाइटेड किंगडम तकनीकी वार्ताओं और समुद्री सुरक्षा अभियानों में सहयोग देने के लिए तैयार है. इसमें अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर समुद्री मार्गों से बारूदी सुरंगों को हटाने जैसे प्रयास भी शामिल हैं.
जर्मनी ने बताया वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने समझौते का स्वागत करते हुए इसे दूरगामी प्रभाव वाला कूटनीतिक समाधान बताया. उन्होंने कहा, ‘मैं अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत करता हूं और राष्ट्रपति ट्रंप तथा ईरानी पक्ष को इस कूटनीतिक सफलता के लिए बधाई देता हूं. यह वैश्विक अर्थव्यवस्था को नई गति देने और पश्चिम एशिया को अधिक सुरक्षित बनाने का मार्ग प्रशस्त कर सकता है.’
फ्रांस ने होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल खोलने पर दिया जोर
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने समझौते को जल्द से जल्द लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि इसका सबसे महत्वपूर्ण परिणाम होर्मुज जलडमरूमध्य का बिना किसी शर्त के दोबारा खुलना होना चाहिए.
मैक्रों ने कहा, ‘यह समझौता होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल और बिना किसी शर्त के खोलने में सक्षम होना चाहिए.’ उन्होंने बताया कि फ्रांस और ब्रिटेन अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात को सामान्य बनाने के प्रयासों में सहयोग देने के लिए तैयार हैं. मैक्रों ने यह भी कहा कि इस समझौते के बाद ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े व्यापक मुद्दों पर भी आगे बातचीत होनी चाहिए.
ये भी पढ़ें:- ‘इनोवेशन भारत के DNA में बसा है’: PM मोदी ने भारत इनोवेट्स में AI फॉर ऑल का किया समर्थन
ये भी पढ़ें:- अमेरिका-ईरान समझौते का ऐलान, ट्रंप-ईरान ने किया कंफर्म; फिर खुलेगा होर्मुज, 19 जून को डील पर होंगे हस्ताक्षर
ट्रंप ने किया समझौता पूरा होने का दावा
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर घोषणा करते हुए कहा था, ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो चुका है. सभी को बधाई. दुनिया के जहाज अब अपने इंजन शुरू करें. तेल का प्रवाह जारी रहने दें.’ ट्रंप की इस घोषणा के बाद ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रियाएं सामने आनी शुरू हुईं.
पाकिस्तान की मध्यस्थता रही अहम
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी पुष्टि की थी कि लंबी और गहन बातचीत के बाद दोनों पक्ष समझौते पर सहमत हुए हैं. उनके अनुसार, अमेरिका और ईरान ने लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को स्थायी रूप से समाप्त करने पर सहमति जताई है.
शहबाज शरीफ ने कहा था कि समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर 19 जून को स्विट्जरलैंड में किए जाएंगे. उनके मुताबिक, औपचारिक हस्ताक्षर से पहले कई प्रारंभिक बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें समझौते के क्रियान्वयन और तकनीकी पहलुओं पर चर्चा होगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










