ओमान तट के पास जहाज पर कैसे हुई भारतीय नागरिक की मौत? परिजनों ने शिपिंग कंपनी पर लगाया गंभीर आरोप

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Nishanth Uirthanathan's father

निशांत उर्थनाथन के पिता और उनके परिजन, फोटो एक्स

Oman Indian Death: ओमान के डुक्म बंदरगाह पर खड़े एक जहाज पर सवार भारतीय नागरिक की मौत को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. ओमान में भारतीय दूतावास ने मौत पर से पर्दा उठाया है.

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Oman Indian Death: मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने बताया- स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण भारतीय नागरिक निशांत उर्थनाथन की मौत हो गई. उनका शव अभी डुक्म पोर्ट पर एमटी सेलेस्टियल जहाज पर है. दूतावास ने कहा कि भारतीय नागरिक के शव को भारत लाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं.

भारतीय नागरिक के परिवार, क्रू और अधिकारियों के संपर्क में है दूतावास

ओमान में भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया, दूतावास, भारतीय नागरिक निशांत उर्थनाथन (जिनकी मेडिकल दिक्कतों के कारण दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो गई) के परिवार वालों, जहाज के क्रू सदस्यों और संबंधित अधिकारियों के लगातार संपर्क में है. दूतावास ने कहा, उनके शव को जल्द से जल्द पोत से उतारने और भारत भेजने के प्रयास किए जा रहे हैं.

परिवार वालों ने शिपिंग कंपनी पर लगाया गंभीर आरोप, जांच की मांग

भारतीय नाविक निशांत उर्थनाथन के पिता ने न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में कहा, मेरा बेटा पिछले 10 महीनों से जहाज पर काम कर रहा था. शिपिंग कंपनी ने हमें उसकी मौत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी. इसके बजाय, उन्होंने हमें बताया कि मेरा बेटा किसी बीमारी से जूझ रहा है और फिर उसका फोन बंद कर दिया. उसके बाद कंपनी की तरफ से कोई संपर्क नहीं हुआ, और न ही जहाज पर मौजूद किसी व्यक्ति ने हमसे बात की. मेरे बेटे की मौत को 3 दिन से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. जब मेरे बेटे की हालत गंभीर हो गई, तो जहाज पर मौजूद लोगों ने मेडिकल मदद के लिए हेलीकॉप्टर की मांग की थी. लेकिन कंपनी के ऑफिस से कोई जवाब नहीं मिला. जिस जहाज पर मेरा बेटा काम कर रहा था, उसे कथित तौर पर काम से हटाकर खड़ा कर दिया गया था (laid up), इसलिए उसे कोई सही मेडिकल मदद नहीं मिल पाई. मौत की सूचना देने के बाद भी, कंपनी कथित तौर पर मेरे बेटे के शव को रेफ्रिजरेटेड सुविधा में ठीक से सुरक्षित रखने में नाकाम रही है. हम अधिकारियों से गुजारिश करते हैं कि वे तुरंत उसके शव को वापस लाएं और उसकी मौत के हालात की पूरी जांच करें. मेरे बेटे की दो छोटी बेटियां हैं. हमें नहीं पता कि आगे क्या होगा. हमारा परिवार गहरे सदमे में है.

यूएस सेंट्रल कमांड ने होर्मुज पार कर रहे एमटी सेलेस्टियल को रोका था

यूएस सेंट्रल कमांड ने 20 मई को एक बयान में कहा था कि अमेरिकी मरीन ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन करने की संदिग्ध कोशिश को लेकर एमटी सेलेस्टियल को रोका था, लेकिन तलाशी अभियान के बाद उसे छोड़ दिया गया. पोत के चालक दल से अपना मार्ग बदलने को कहा गया था.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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