ePaper

Indian Navy Officer: क्या नेवी कमांडर पूर्णेंदु तिवारी कभी भारत नहीं लौटेंगे? कतर के जेल में थे बंद, क्या है पूरा मामला

Updated at : 12 Jul 2025 7:26 PM (IST)
विज्ञापन
AI Image of Indian Navy Officer

AI Image of Indian Navy Officer

Indian Navy Officer: क्या कमांडर पूर्णेंदु तिवारी कभी लौट पाएंगे भारत? क्यों 7 साथियों के छूटने के बाद भी वे कतर में फंसे हैं? क्या उन्हें जल्द मिलेगी राहत?

विज्ञापन

Indian Navy Officer: बीते साल जब कतर सरकार ने भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अधिकारियों को रिहा किया था, तो इसे भारत की बड़ी कूटनीतिक सफलता माना गया था. इन सभी को एक रहस्यमयी मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी. लेकिन अब इस घटना को 17 महीने बीत चुके हैं और इनमें से सात अधिकारी तो भारत लौट आए हैं, पर एकमात्र बचे कमांडर पूर्णेंदु तिवारी अभी भी कतर में हैं. उन्हें आखिरी वक्त पर अधिकारियों ने रोक लिया और उन पर यात्रा प्रतिबंध लगा दिया गया.

कमांडर तिवारी के वापस न लौट पाने की वजह एक नया मामला है जिसमें उन पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप है. इस केस में उनके साथ छह अन्य आरोपी भी हैं, जिनमें कुछ कतर के नागरिक भी शामिल हैं. अब तक इस मामले में कुछ सुनवाइयां हो चुकी हैं, पर कार्यवाही की गति काफी धीमी है. जून में हुई पिछली सुनवाई के बाद अगली सुनवाई की तारीख 13 अगस्त तय की गई है.

इसे भी पढ़ें: सबसे ज्यादा मौत किस देश में होती है? सांप के काटने से

मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के मुताबिक यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इस मुकदमे का फैसला कब तक होगा और कमांडर तिवारी कब भारत लौट सकेंगे. हालांकि वह इस समय जेल में नहीं हैं, लेकिन उन पर दोहा छोड़ने की सख्त पाबंदी है. उनके बैंक खाते भी सील कर दिए गए हैं, जिससे उनकी स्थिति और जटिल हो गई है.

इसे भी पढ़ें: क्या भारत को धोखा दे रहा रूस? पाकिस्तान से किया अरबों डॉलर का डील

अगस्त 2022 में इन आठों पूर्व सैनिकों को गिरफ्तार किया गया था. 17 महीने तक जेल में रहने के बाद फरवरी 2024 में भारतीय प्रयासों के चलते उनकी रिहाई संभव हो सकी. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि तिवारी भारत तभी लौट सकेंगे जब यह मामला पूरी तरह से सुलझ जाएगा और कानूनी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. भारत में कमांडर तिवारी की 80 वर्षीय मां उनका इंतजार कर रही हैं. उनकी तबीयत ठीक नहीं है और उन्हें बेटे की वापसी की आस बनी हुई है.

इसे भी पढ़ें: ईरान में झारखंड के इंजीनियर की मौत, इंसाफ और मुआवजे के लिए दर-दर भटक रहा परिवार

विज्ञापन
Aman Kumar Pandey

लेखक के बारे में

By Aman Kumar Pandey

अमन कुमार पाण्डेय डिजिटल पत्रकार हैं। राजनीति, समाज, धर्म पर सुनना, पढ़ना, लिखना पसंद है। क्रिकेट से बहुत लगाव है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका के यूपी डेस्क पर बतौर ट्रेनी कंटेंट राइटर के पद अपनी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में प्रभात खबर के नेशनल डेस्क पर कंटेंट राइटर पद पर कार्यरत।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola