US Strike on Iran : जाओ ईरान पर बम गिरा दो! कब डोनाल्ड ट्रंप के दिमाग में आई ये बात
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 23 Jun 2025 7:48 AM
US attack Iran Updates
US Strike on Iran : उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान के लिए बातचीत के टेबल पर आना और लंबे समय से अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को त्यागना समझदारी होगी. उन्होंने ईरान के बातचीत के टेबल पर आने की संभावना पर कहा, ‘‘ यदि वे ऐसा करने के लिए तैयार हैं, तो उन्हें अमेरिका के रूप में एक इच्छुक साझीदार मिलेगा.’’
US Strike on Iran : ऑपरेशन मिडनाइट हैमर को लेकर अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन शुरू होने से कुछ मिनट पहले ही ईरान में 3 प्रमुख परमाणु ठिकानों पर हमला करने की अनुमति दी थी. एनबीसी पर एक कार्यक्रम में वेंस ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने “बम गिरने से कुछ मिनट पहले” ईरान पर हमला करने का अंतिम फैसला किया था. मेजबान क्रिस्टन वेल्कर के साथ बात करते हुए, वेंस ने कहा कि ट्रंप के पास अंतिम क्षण तक मिशन को टालने की क्षमता थी, लेकिन उन्होंने आगे बढ़ने का फैसला किया. रविवार को ईरान के तीन परमाणु ठिकानों को निशाना बनाकर ‘बंकर बस्टर’ बम से हमला किया गया.
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को काफी पीछे धकेल दिया अमेरिका ने
कई दिनों तक डोनाल्ड ट्रंप ने सोच विचार किया. इसके बाद ईरान पर हमला करने का फैसला किया. राष्ट्रपति के निर्णय ने आंतरिक और बाहरी दबावों को बढ़ा दिया. उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमला कर उसके परमाणु कार्यक्रम को काफी पीछे धकेल दिया है. उन्होंने कहा कि जमीन पर जो कुछ भी हमने देखा है, उससे जुड़ी संवेदनशील खुफिया जानकारी शेयर वह नहीं कर सकते हैं. वेंस ने आगे कहा कि हमें इस बात का पूरा विश्वास है कि हमने उनके परमाणु हथियार डेवलप करने की प्रक्रिया को काफी हद तक धीमा कर दिया है.
ईरान शांति से बात करने के पक्ष में नहीं था : उपराष्ट्रपति वेंस
वेंस ने एनबीसी के ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमने ईरान के (परमाणु) कार्यक्रम को बहुत लंबे समय के लिए पीछे धकेल दिया है. मुझे लगता है कि ईरानियों को परमाणु हथियार डेवलप करने में कई साल लगेंगे. उपराष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका ने शांतिपूर्ण समाधान खोजने के लिए ईरान के साथ बातचीत की कोशिश की. ट्रंप ने यह निर्णय इस बात का आकलन करने के बाद लिया कि ईरानी शांति से बात करने के इच्छुक नहीं हैं.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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