वेनेजुएला के बाद अब नाइजीरिया मिशन पर अमेरिका, जानें ट्रंप ने क्यों तैनात की अपनी स्पेशल टीम

Updated at : 04 Feb 2026 12:37 PM (IST)
विज्ञापन
US Military Nigeria Mission

ट्रंप का नाइजीरिया मिशन.

US Military Nigeria Mission: वेनेजुएला के बाद अब डोनाल्ड ट्रंप ने नाइजीरिया में अपनी मिलिट्री टीम उतार दी है. 'ईसाई नरसंहार' रोकने के दावे के साथ अमेरिका ने आतंकियों पर टोमहॉक मिसाइलें दागीं और अब जमीनी मदद बढ़ा दी है. आखिर क्या है ट्रंप का 'गन्स-ए-ब्लेजिंग' प्लान और क्यों नाइजीरियाई सरकार इन दावों को नकार रही है?

विज्ञापन

US Military Nigeria Mission: वेनेजुएला में मचे घमासान के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजरें अफ्रीका के सबसे ज्यादा आबादी वाले देश नाइजीरिया पर टिक गई हैं. अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि कर दी है कि उसने नाइजीरिया में अपनी एक छोटी मिलिट्री टीम तैनात की है. अमेरिका का कहना है कि यह टीम वहां बढ़ती जिहादी हिंसा और आतंकियों से लड़ने में मदद करेगी.

क्यों भेजी गई अमेरिकी सेना? 

अमेरिकी अफ्रीका कमांड (Africom) के चीफ जनरल डैगविन एंडरसन के अनुसार, अमेरिका और नाइजीरिया के बीच सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है.

खास टीम की तैनाती: जनरल एंडरसन ने एक वर्चुअल इंटरव्यू में बताया कि एक छोटी अमेरिकी टीम नाइजीरिया भेजी गई है. यह टीम अपनी ‘खास स्किल्स’ के जरिए नाइजीरियाई सेना की ताकत बढ़ाएगी.

खुफिया जानकारी और हथियार: एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना नाइजीरिया को हथियारों की सप्लाई बढ़ाएगी और खुफिया जानकारी भी साझा करेगी ताकि ‘इस्लामिक स्टेट’ (IS) के आतंकियों का सफाया किया जा सके.

क्रिसमस पर दागी थीं मिसाइलें

यह खबर तब आई है जब कुछ दिन पहले ही अमेरिका ने नाइजीरिया में आतंकियों के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी. 25 दिसंबर (क्रिसमस) के दिन अमेरिका ने नाइजीरिया में ‘टोमहॉक मिसाइलें’ दागी थीं. अमेरिका ने इन आतंकियों को ‘आतंकी कचरा’ (Terrorist Scum) बताते हुए आरोप लगाया था कि ये लोग नाइजीरियाई ईसाइयों की हत्या के जिम्मेदार हैं. हालिया हमलों में उत्तर-पश्चिमी नाइजीरिया के सोकोटों राज्य में IS के ठिकानों को निशाना बनाया गया है.

क्या वाकई वहां ईसाइयों का नरसंहार हो रहा है?

इस पूरे विवाद की जड़ राष्ट्रपति ट्रंप का वह दावा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि नाइजीरिया में ईसाइयों का ‘नरसंहार’ (Genocide) हो रहा है.

ट्रंप की चेतावनी: ट्रंप ने धमकी दी थी कि वे ‘ईसाई नरसंहार’ का बदला लेने के लिए नाइजीरिया में पूरी ताकत के साथ (‘गन्स-ए-ब्लेजिंग’) घुसेंगे.

नाइजीरिया का इंकार: हालांकि, नाइजीरियाई सरकार ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है.

एक्सपर्ट्स की राय: कई स्वतंत्र एक्सपर्ट्स का मानना है कि नाइजीरिया में सुरक्षा संकट की वजह से ईसाई और मुस्लिम दोनों ही मारे जा रहे हैं, इसमें धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं दिख रहा है.

नाइजीरिया का गणित: कहां है खतरा?

नाइजीरिया धार्मिक रूप से दो हिस्सों में बंटा हुआ है दक्षिण में ईसाई ज्यादा हैं और उत्तर में मुस्लिम आबादी अधिक है.

टारगेट एरिया: अमेरिकी सेना का मुख्य फोकस उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी नाइजीरिया पर रहेगा.

दुश्मन कौन है: इस इलाके में ‘बोको हरम’ और ‘इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस’ (ISWAP) जैसे आतंकी संगठन पिछले दो दशकों से तबाही मचा रहे हैं.

वेनेजुएला जैसा एक्शन?

दिसंबर में हुई एयरस्ट्राइक के बाद यह पहली बार है जब अमेरिका ने माना है कि उसके सैनिक नाइजीरिया की जमीन पर मौजूद हैं. खास बात यह है कि यह कदम वेनेजुएला में हुई उस बड़ी कार्रवाई के ठीक एक महीने बाद उठाया गया है, जिसमें अमेरिकी सेना ने काराकस पर हवाई हमले के बाद वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोर्स को हिरासत में ले लिया था.

ये भी पढ़ें: पाकिस्तानी फौज ने बलूचिस्तान के आगे टेके घुटने? रक्षा मंत्री का संसद में कबूलनामा- ‘विद्रोहियों के पास हमसे बेहतर हथियार’ 

ये भी पढ़ें: व्हाइट हाउस प्रेस सचिव लीविट का दावा! भारत रूसी तेल की खरीद रोकेगा, ट्रेड डील के तहत अमेरिका से खरीदेगा क्रूड ऑयल

विज्ञापन
Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola