ईरान-अमेरिका के बीच फोन पर हो सकती है वार्ता, ट्रंप ने जंग खत्म करने के दिए संकेत

Published by :ArbindKumar Mishra
Published at :27 Apr 2026 8:08 AM (IST)
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donald trump us president

यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो पीटीआई

US Iran Peace Talk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव जल्द समाप्त हो सकता है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि दोनों देशों के अधिकारी फोन पर वार्ता कर सकते हैं.

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US Iran Peace Talk: ट्रंप ने फॉक्स न्यूज के साथ बातचीत में कहा- उन्होंने उड़ान में 17 घंटे का समय लगाकर प्रतिनिधिमंडल भेजने के बजाय फोन पार वार्ता करने का फैसला किया है. हमारे पास सभी विकल्प मौजूद हैं. अगर वे बात करना चाहते हैं, तो वे हमारे पास आ सकते हैं, या वे हमें फोन कर सकते हैं.

इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता विफल

शनिवार को वार्ता तब विफल होती दिखी, जब तेहरान के टॉप राजनयिक पाकिस्तान से रवाना हो गये थे. इसके तुरंत बाद ट्रंप ने भी अपने प्रतिनिधियों को पाकिस्तान नहीं भेजने का फैसला किया.

ईरान की हालत बहुत खराब : ट्रंप

फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने कहा, हमने ईरान की नौसेना को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है. उनके पास अब वायु सेना नहीं बची है. उनके पास नौसेना भी नहीं बची है. उनके पास एंटी एयरक्राफ्ट गन नहीं हैं, उनके पास रडार नहीं हैं. सब कुछ नष्ट हो चुका है. उनके कारखाने, उनके मिसाइल बनाने वाले कारखाने लगभग 75% क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. उनकी हालत बहुत खराब है. हमने नाकाबंदी कर दी है. जिसका मतलब है कि उन्हें अब और पैसा नहीं मिल सकता. ट्रंप ने कहा, मुझे उम्मीद है कि ईरान समझदारी से काम लेगा. और अगर वे समझदारी से काम नहीं लेते हैं, तो भी हम ही जंग जीतेंगे.

ईरान में आंतरिक मतभेद

ट्रंप कहा- ईरान के नेतृत्व में आंतरिक मतभेद है. उनके बड़े नेता मारे जा चुके हैं. वे उन लोगों की तुलना में कहीं अधिक कट्टरपंथी थे जिनसे हम अभी निपट रहे हैं. उनमें से कुछ बहुत ही समझदार हैं, और कुछ नहीं. वे आपस में मेलजोल नहीं रख रहे हैं. उनमें बहुत आंतरिक कलह चल रही है.

नाटो देशों पर फिर भड़के ट्रंप

उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के बारे में पूछे जाने पर, ट्रंप ने कहा कि वह इस सैन्य गठबंधन से बहुत, बहुत निराश हैं. उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि अमेरिका इस गठबंधन से अलग होने पर विचार कर सकता है, क्योंकि सदस्य देशों ने ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद करने के बाद उनकी मदद की अपील को नजरअंदाज कर दिया. ट्रंप ने कहा, हम कई वर्षों से उनकी मदद कर रहे हैं, खरबों डॉलर खर्च कर रहे हैं, और जब हमें उनकी मदद चाहिए थी तो वे मौजूद नहीं थे, इसलिए हमें यह बात याद रखनी होगी.

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By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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