यूक्रेन युद्ध को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर काफी तेज कूटनीतिक हलचल चल रही है. इसी बीच अमेरिका ने रूस के एक हालिया सैन्य कदम पर असामान्य रूप से कड़ा रुख अपनाया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने संयुक्त राष्ट्र में रूस की कार्रवाई को न सिर्फ खतरनाक बताया, बल्कि इसे शांति प्रयासों के लिए बड़ा झटका भी करार दिया. रूस पर तीखी टिप्पणी करते हुए ट्रंप प्रशासन ने यूक्रेन पर परमाणु क्षमता वाली ‘ओरेश्निक’ मिसाइल से हुए हमले की निंदा की है. अमेरिका ने इस कार्रवाई को खतरनाक और तर्कहीन उकसावा बताया. उसने चेतावनी दी कि इससे युद्ध के और व्यापक होने तथा ज्यादा हिंसक रूप लेने का खतरा बढ़ गया है.
सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका की उप-राजदूत टैमी ब्रूस ने रूस के हमले पर टिप्पणी की. उन्होंने कहा, ‘रूस का यह कदम युद्ध समाप्त करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बिल्कुल उलट है. यह शांति को लेकर रूस की अपनी प्रतिबद्धताओं का भी उल्लंघन करता है.’ उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हमला नाटो सदस्य पोलैंड की सीमा के बेहद नजदीक हुआ, जो स्थिति को और गंभीर बनाता है.
यह हमला ऐसे समय पर किया गया है, जब अमेरिका, यूक्रेन और अन्य यूरोपीय देशों के साथ मिलकर बातचीत के जरिए संघर्ष को खत्म करने की कोशिशों में जुटा है. ब्रूस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की वैश्विक शांति के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता के चलते यह दौर संभावनाओं से भरा हुआ है. ऐसे में तनाव कम करने के बजाय रूस की यह कार्रवाई युद्ध को और भड़काने का जोखिम पैदा कर रही है.
ओरेश्निक मिसाइल से ल्वीव पर हमला
रूस ने पिछले हफ्ते गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात पश्चिमी यूक्रेन के ल्वीव शहर को परमाणु क्षमता वाली ओरेश्निक मिसाइल से निशाना बनाया. मॉस्को का दावा था कि यह हमला यूक्रेन द्वारा राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के एक आवास पर किए गए कथित हमले का जवाब था. हालांकि, ट्रंप प्रशासन का मानना है कि यूक्रेन की ओर से ऐसा कोई हमला नहीं हुआ था. हैरान करने वाली बात ये भी रही कि जब रूस ने ओरेश्निक मिसाइल ल्वीव पर दागी, उस समय ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हीली हमले की जगह से महज कुछ मिनट की दूरी पर थे. उन्हें तत्काल सुरक्षा कारणों से अपना सफर रोकना पड़ा.
ट्रंप टीम का पहली बार कड़ा रुख
ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में अमेरिका ने कई मौकों पर रूस के प्रति अपेक्षाकृत नरम रुख दिखाया है. इसी वजह से UNSC में रूस की खुली आलोचना को एक असामान्य लेकिन अहम संदेश माना जा रहा है. यह भी ऐसे समय हुआ है जब रूस ने यूक्रेन के लिए अमेरिका और यूरोप की सुरक्षा गारंटियों को ठुकरा दिया है. राष्ट्रपति पुतिन ने भी युद्ध समाप्त करने से जुड़े ताजा प्रस्तावों को नकार दिया है. इसके बावजूद, ट्रंप प्रशासन ने अब तक रूस पर ठोस दबाव बनाने से परहेज किया है.
यूक्रेन पीस प्लान पर सहमति की ओर बढ़ रहे सभी पक्ष
इसके साथ ही अमेरिका ने यूक्रेन के सिविल एरिया में रूस के लगातार हमलों की भी कड़ी निंदा की. टैमी ब्रूस ने कहा कि ऊर्जा संयंत्रों और अन्य नागरिक ढांचों को निशाना बनाना शांति के उद्देश्य का उपहास है. यह ऐसा उद्देश्य जो पूरी दुनिया और राष्ट्रपति ट्रंप दोनों के लिए बेहद अहम है. ट्रंप ने रूस यूक्रेन युद्ध को रुकवाने के लिए पहले 28 सूत्रीय पीस प्लान पेश किया था. जइस पर सभी पक्षों के बीच काफी लंबी बात चली. कभी यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने ऐतराज जताया तो कभी यूरोपीय देशों ने और तो कभी रूस ने इनकार कर दिया. हालांकि लंबे दौर की बातचीत के बाद अब सभी सहमत दिखाई दे रहे हैं. हालांकि, इसकी औपचारिक घोषणा अब तक नहीं हुई है.
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