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ईरान युद्ध के बीच इस देश में घुसी अमेरिकी सेना, आतंकी संगठनों पर बरसाए बम

Updated at : 07 Mar 2026 10:19 AM (IST)
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US Army conducts military operation against narco-terrorists in Equador.

अमेरिकी सदर्न कमांड के सैनिक. फोटो- एक्स.

US Army in Equador: अमेरिकी सेना ने ईरान युद्ध के बीचों बीच इक्वाडोर में एक ऑपरेशन चलाया है. यूएस आर्मी के सदर्न कमांड ने ग्राउंड ऑपरेशन करते हुए हवाई हमले किए. ड्र्ग्स के धंधे में लिप्त कार्टेल्स के खिलाफ अमेरिका की लड़ाई में इक्वाडोर नया निशाना है.

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US Army in Equador: इन दिनों लगभग दुनिया के हर महाद्वीप में संघर्ष हो रहा है. एशिया में ईरान युद्ध, गाजा में संघर्ष, यूरोप में रूस और यूक्रेन, अफ्रीका में तो यह कभी शांत ही नहीं होता. उत्तरी अमेरिका कुछ दिनों से शांत ही था, लेकिन पिछले दिनों मैक्सिको में अल मेंचों की मौत ने वहां भी आग लगा दी. इनमें से कई जगहों पर अमेरिका प्रत्यक्ष तो कहीं अप्रत्यक्ष रूप से लड़ रहा है. ईरान में तो यह और भी साफ है. मिडिल ईस्ट के संघर्ष की ही चर्चा सबसे ज्यादा है, लेकिन इसी बीच अमेरिकी सेना एक और देश में घुस गई है. अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को इक्वाडोर में टारगेटेड आतंकी संगठनों के खिलाफ घातक सैन्य कार्रवाई की. इसकी जानकारी यूएस सदर्न कमांड (SOUTHCOM) ने साझा की.

यूएस आर्मी के सदर्न कमांड के अनुसार, SOUTHCOM के कमांडर फ्रांसिस एल डोनोवैन ने अमेरिकी वॉर सेक्रेटरी पीट हेगसेथ के आदेश पर संयुक्त बलों को इक्वाडोर की सेना के साथ मिलकर इस ऑपरेशन में सहयोग करने का निर्देश दिया. पोस्ट में जनरल डोनोवन के हवाले से कहा गया, ‘हम नार्को-आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपने साझेदारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं. मैं संयुक्त बलों और इक्वाडोर की सशस्त्र सेनाओं को इक्वाडोर में नार्को-आतंकवादियों के खिलाफ सफल अभियान के लिए बधाई देता हूं. यह सहयोगात्मक और निर्णायक कार्रवाई पश्चिमी गोलार्ध के उन सभी देशों के लिए रणनीतिक सफलता है जो नार्को-आतंकवाद को बाधित और पराजित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’

एक अन्य पोस्ट में, पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पर्नेल ने इस अभियान में साझेदारी के लिए इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनिएल नोबोआ और वहां की सुरक्षा बलों की सराहना की. यह अभियान एक नार्को-आतंकी आपूर्ति परिसर के खिलाफ चलाया गया था, जिससे उनके ऑपरेशन और लॉजिस्टिक्स को बाधित किया गया.

पर्नेल ने कहा, ‘इक्वाडोर के अनुरोध पर युद्ध विभाग ने लक्षित कार्रवाई की. यह अभियान एक स्पष्ट संदेश देता है कि नार्को-आतंकी नेटवर्क को हमारे क्षेत्र में कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं मिलेगा. अमेरिका उन देशों का मजबूती से समर्थन करता रहेगा जो नार्को-आतंकवाद के खिलाफ खड़े हैं. हम मिलकर तस्करी और भ्रष्टाचार के नेटवर्क को खत्म करेंगे, इन संगठनों को जवाबदेह ठहराएंगे और ताकत के जरिए शांति बहाल करेंगे.’

‘नार्को टेररिस्ट को बनाया गया निशाना’

शुक्रवार को हुई इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए पीट हेगसेथ ने इक्वाडोर के साझेदारों को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि SOUTHCOM की ओर से इस अभियान को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है. फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस ऑपरेशन में कोई हताहत हुआ है या नहीं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि यह हमला इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी और इक्वाडोरियाई सेनाओं द्वारा शुरू किए गए संयुक्त अभियानों के बाद किया गया, जिनका लक्ष्य इक्वाडोर में संदिग्ध नार्को-आतंकवादियों को निशाना बनाना था.

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इससे पहले, मंगलवार को अमेरिकी सदर्न कमांड ने इस ऑपरेशन का एक वीडियो पोस्ट किया था. इस 30 सेकेंड के वीडियों में एक हेलीकॉप्टर उड़ता है और नीचे किसी टारगेट को निशाना बनाता है. हालांकि, यह हमला कहां किया गया था, इसका खुलासा नहीं किया गया. इक्वाडोर वैसे खुद ड्रग नहीं बनाता. लेकिन यह दुनिया में सबसे बड़ा ड्रग एक्सपोर्टर है. यह लेकिन कोलंबिया और पेरू ड्रग कार्टेल्स के लिए ट्रैफिकिंग रूट यानी ट्रांजिट के रूप में काम करता है. पिछले साल सितंबर में अमेरिका ने इक्वाडोर के दो संगठनों लॉस लोबोस और लॉस चोनेरोस को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया था.

ड्रग के खिलाफ अमेरिका पूरी ताकत से लड़ रहा है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ड्रग्स के खिलाफ अपनी लड़ाई को निर्णायक अंजाम तक पहुंचाने में लगे हैं. उन्होंने पिछले साल और 2026 में अब तक कई कार्रवाइयों की इजाजत दी है. इन हमलों में कुल 151 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. ये अटैक खुले समुद्र में किए गए और नावों को निशाना बनाया गया है.

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इन कार्रवाइयों में वेनेजुएला में वहां के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी भी शामिल है, हालांकि, मादुरो की गिरफ्तारी के दौरान मारे गए सैनिक 151 मृत लोगों में शामिल नहीं हैं. मादुरो को भी ड्रग कार्टेल का लीडर बताकर हिरासत में लिया गया है. उनके ऊपर अमेरिका के न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन जेल में केस चलाया जा रहा है. 17 मार्च को उनके केस की सुनवाई हो रही है. 

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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