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अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के खिलाफ भारी प्रदर्शन, हजारों लोग सड़कों पर उतरे, जानें पूरा मामला

Trump administration Protest: रेनी निकोल गुड को एक ICE एजेंट द्वारा गोली मारे जाने के बाद मिनियापोलिस में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों ने ICE को खत्म करो और कोई न्याय नहीं, कोई शांति नहीं जैसे नारे लगाए. अमेरिका के कई अन्य शहरों में भी विरोध प्रदर्शन हुए. ट्रंप प्रशासन ने आत्मरक्षा का दावा किया, जिसे मेयर जैकब फ्रे ने खारिज कर दिया. सांसदों का ICE सेंटर का दौरा भी विवादों में घिर गया. इस घटना ने ICE के तौर-तरीकों और अमेरिकी इमिग्रेशन पॉलिसी के बारे में देश भर में सवाल खड़े कर दिए.

Trump administration Protest: अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में हाल ही में ऐसा कुछ हुआ कि पूरे देश की निगाहें वहां टिक गईं. बात है उस महिला की, जिसकी मौत एक ICE एजेंट की गोली से हुई. इसी घटना ने लोगों का गुस्सा बाहर ला दिया और हजारों लोग सड़कों पर उतर आए. यह प्रदर्शन सिर्फ मिनियापोलिस तक सीमित नहीं रहे, बल्कि अमेरिका के कई बड़े शहरों में भी इसी मुद्दे पर हंगामा देखने को मिला. इस घटना ने एक बार फिर ICE के कामकाज और ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

रेनी निकोल गुड: कौन थीं और कैसे हुई मौत?

37 साल की रेनी निकोल गुड, तीन बच्चों की मां, बुधवार को अपनी एसयूवी में बैठी थीं. ICE एजेंटों ने उनके वाहन को घेर लिया. वीडियो में देखा जा सकता है कि एजेंट उन्हें बाहर निकलने के लिए कह रहे थे और ड्राइवर साइड का दरवाजा खींच रहे थे. गाड़ी जैसे ही आगे बढ़ी, एक एजेंट ने कई गोलियां चलाईं. एसयूवी कुछ दूरी पर जाकर क्रैश हो गई और रेनी की मौके पर मौत हो गई. उनकी पत्नी ने बताया कि वे लोग अपने पड़ोसियों का समर्थन करने वहां गए थे, क्योंकि इलाके में इमिग्रेशन कार्रवाई चल रही थी. (Trump administration Protest Thousands Protest in US Minneapolis in Hindi)

प्रदर्शनकारियों के नारे और देशभर की प्रतिक्रिया

रेनी की मौत के बाद दसियों हजार लोग मिनियापोलिस की सड़कों पर उतर आए. हाथों में तख्तियां और नारे थे कि ‘Abolish ICE’, ‘No justice, no peace’ और ‘Get ICE off our streets’ यानी कि ICE को खत्म करो, न्याय नहीं, तो शांति नहीं और ICE को हमारी सड़कों से हटाओ. मिनियापोलिस के अलावा, ऑस्टिन, सिएटल, न्यूयॉर्क, लॉस एंजिलिस, डरहम जैसे शहरों में भी लोग विरोध कर रहे थे. एक्टिविस्ट संगठन Indivisible के मुताबिक, इस वीकेंड अमेरिका भर में 1,000 से ज्यादा प्रदर्शन तय थे.

करीब 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया

शहर प्रशासन ने कहा कि ज्यादातर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे. हालांकि, करीब 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया. एक पुलिस अधिकारी को बर्फ का टुकड़ा लगने से मामूली चोट भी आई. शुक्रवार रात पुलिस ने कैनोपी होटल के बाहर जमा भीड़ को गैरकानूनी जमावड़ा घोषित किया. ICE एजेंट उस होटल में ठहरे थे. कुछ लोग पीछे की गली से जबरन घुसने की कोशिश कर रहे थे, जबकि कुछ ने बर्फ, पत्थर और स्नोबॉल फेंके. किसी को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन एक और होटल की खिड़कियां टूट गईं और दीवारों पर नारे लिखे गए.

मेयर और पुलिस का रुख

मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की तारीफ की, लेकिन साफ चेतावनी दी कि जो लोग संपत्ति को नुकसान पहुंचाएंगे या दूसरों की जान खतरे में डालेंगे, उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा. पुलिस चीफ ब्रायन ओ’हारा ने बताया कि शुक्रवार रात पकड़े गए सभी लोगों को बाद में छोड़ दिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को रोजाना दर्जनों कॉल मिल रही हैं, जिनमें लोग ICE की मौजूदगी से नाराज हैं.

मिनेसोटा की तीन डेमोक्रेट सांसद इल्हान ओमर, केली मॉरिसन और एंजी क्रेग ने मिनियापोलिस के ICE सेंटर का दौरा करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि पहले उन्हें अंदर जाने की अनुमति दी गई, लेकिन बाद में बाहर जाने को कहा गया. इल्हान ओमर ने एक्स पर लिखा कि ICE और होमलैंड सिक्योरिटी कांग्रेस की निगरानी में रुकावट डाल रहे हैं. जनता को यह जानने का हक है कि ICE सेंटरों के अंदर क्या हो रहा है.

ट्रंप प्रशासन और मेयर की राय में फर्क

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि गोली चलाने वाले ICE एजेंट ने आत्मरक्षा में फायरिंग की. होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने भी यही कहा कि रेनी गुड ने एजेंट को गाड़ी से कुचलने की कोशिश की. मेयर जैकब फ्रे ने इसे झूठा बताया और कहा कि वीडियो फुटेज से साफ दिखता है कि रेनी बस वहां से निकलना चाह रही थीं, हमला नहीं कर रही थीं. गोली चलाने वाले एजेंट का नाम जोनाथन रॉस है. वह ICE का अनुभवी अधिकारी है. इस घटना की जांच FBI कर रही है. साथ ही मिनेसोटा राज्य सरकार ने अलग से राज्य स्तर की जांच शुरू की, क्योंकि उनका कहना है कि फेडरल जांच में उन्हें शामिल नहीं किया गया. इस घटना के बाद ICE की गतिविधियों और ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन नीतियों पर पूरे देश में सवाल उठने लगे हैं.

ICE क्या है?

US Immigration and Customs Enforcement (ICE) अमेरिका की बड़ी फेडरल एजेंसी है, जो डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के तहत काम करती है. 9/11 के बाद इसे बनाया गया. ICE का काम है कि अवैध इमिग्रेशन रोकना, मानव तस्करी और ड्रग स्मगलिंग की जांच करना, और गैरकानूनी प्रवासियों को हिरासत में लेकर देश से बाहर भेजना. ICE की दो मुख्य शाखाएं हैं HSI (Homeland Security Investigations) जो अपराधों की जांच करती है, और ERO (Enforcement and Removal Operations) जो गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन देखती है. बड़े पैमाने पर छापे और डिपोर्टेशन की वजह से ICE अमेरिका की सबसे विवादित एजेंसियों में गिनी जाती है.

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Govind Jee
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गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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