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कोविड-19 की लड़ाई में अहम भूमिका निभाने वाले इन दो भारतीय प्रोफेसरों को अमेरिका में ‘2020 ग्रेट इमिग्रेंट्स' से किया गया सम्मानित

Updated at : 02 Jul 2020 11:21 AM (IST)
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कोविड-19 की लड़ाई में अहम भूमिका निभाने वाले इन दो भारतीय प्रोफेसरों को अमेरिका में ‘2020 ग्रेट इमिग्रेंट्स' से किया गया सम्मानित

सिद्धार्थ मुखर्जी और हार्वर्ड विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर राज चेट्टी को कार्नेगी कोरपोरेशन ऑफ न्यूयॉर्क ने ‘2020 ग्रेट इमिग्रेंट्स' से सम्मानित किया है.

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कोविड-19 स्वास्थ्य संकट को दूर करने के प्रयासों में योगदान देने वाले दो प्रख्यात भारतीय-अमेरिकी उन 38 प्रवासियों में शामिल हैं जिन्हें इस साल अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर प्रतिष्ठित अमेरिकन फाउंडेशन द्वारा सम्मानित किया गया है. पुलित्जर पुरस्कार विजेता लेखक और ऑनकोलॉजिस्ट (कैंसर विशेषज्ञ) सिद्धार्थ मुखर्जी और हार्वर्ड विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर राज चेट्टी को कार्नेगी कोरपोरेशन ऑफ न्यूयॉर्क ने ‘2020 ग्रेट इमिग्रेंट्स’ से सम्मानित किया है.

कोरपोरेशन ने बुधवार को एक बयान में यह जानकारी दी. नयी दिल्ली में जन्मे मुखर्जी प्रख्यात जीव विज्ञानी, ऑन्कोलॉजिस्ट और कई लोकप्रिय किताबों के लेखक हैं जिनमें पुलित्जर पुरस्कार विजेता किताब ‘द एम्परर ऑफ ऑल मैलेडीज: ए बायोग्राफी ऑफ कैंसर’ भी शामिल हैं. वह 2009 से कोलंबिया विश्वविद्यालय में पढ़ा रहे हैं जहां वह औषधि के सहायक प्रोफेसर हैं और न्यूयॉर्क प्रेसबायटेरियन अस्पताल में डॉक्टर हैं.

2014 में मुखर्जी को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया गया था. कार्नेगी कोरपोरेशन ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान मुखर्जी ने निबंधों, मीडिया में दिए साक्षात्कारों, सार्वजनिक मंचों के साथ ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए इस विषाणु के बारे में जनता को जागरूक करने के लिए ‘‘विज्ञान संचारक के रूप में अपने ज्ञान” का इस्तेमाल किया.

उसने कहा कि मुखर्जी ने सामाजिक दूरी, मास्क पहनने और जरूरत पड़ने पर खुद को पृथक करने के दिशा निर्देशों का पालन करने की महत्ता पर जोर दिया. नयी दिल्ली में जन्मे राज चेट्टी हार्वर्ड के इतिहास में सबसे युवा प्रोफेसरों में से एक हैं. इसके अलावा वह एक शोध लैब ऑपोरच्यूनिटी इनसाइट भी चलाते हैं जिसका मकसद आर्थिक और सामाजिक गतिशीलता के अवरोधकों की पहचान करना और इनसे निपटने के लिए नीति बनाना है.

उन्होंने अमेरिका में लोगों, कारोबारों और समुदायों पर कोविड-19 के आर्थिक असर पर नजर रखने में मदद की. गौरतलब है कि हर साल चार जुलाई को अमेरिका अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है और इस दिन कार्नेगी कोरपोरेशन अपने संस्थापक एंड्रयू कार्नेगी के सम्मान में ऐसे प्रवासियों को सम्मानित करता है जिन्होंने अमेरिकी समाज की प्रगति में उल्लेखनीय योगदान दिया. स्कॉटिश प्रवासी एंड्रयू कार्नेगी एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते थे और बाद में वह एक अग्रणी उद्यमी बने.

Posted By : Sameer Oraon

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