शनिवार को भरी उड़ान, शुक्रवार को अमेरिका पहुंचा जासूसी विमान SR-71; क्या है टाइम ट्रैवल का सच?

Updated at : 21 Mar 2026 1:57 PM (IST)
विज्ञापन
Sr-71 blackbird time travel story japan to usa

SR-71 ब्लैकबर्ड विमान. इमेज सोर्स- @airandspace

SR-71 Blackbird: प्लेन टेक-ऑफ होने से पहले ही लैंड हो जाए, यह सुनने में किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा लगता है, पर यह सच है. प्रशांत महासागर के ऊपर से गुजरने वाली इंटरनेशनल डेट लाइन (IDL) की वजह से ऐसा मुमकिन होता है.

विज्ञापन

SR-71 Blackbird: जब कोई विमान जापान से कैलिफोर्निया की ओर उड़ान भरता है, तो वह 180-डिग्री मेरिडियन को पार करते ही कैलेंडर में एक दिन पीछे चला जाता है. NOAA के अनुसार, अगर आप शनिवार को जापान से पूर्व की ओर निकलेंगे, तो आईडीएल क्रॉस करते ही आपको अपनी घड़ी और कैलेंडर वापस शुक्रवार पर सेट करना होगा.

SR-71 ब्लैकबर्ड ने ऐसे दी वक्त को मात

आम कमर्शियल फ्लाइट्स में भी ऐसा होता है, लेकिन सबसे हैरान करने वाला रिकॉर्ड जासूसी विमान ‘SR-71 ब्लैकबर्ड’ के नाम है. NASA के डेटा के मुताबिक, यह विमान 2,100 मील प्रति घंटे (Mach 3.2) से ज्यादा की रफ्तार से उड़ता था. ईकोन्यूज के अनुसार, पूर्व पायलट डेविड पीटर्स ने बताया कि जब वे ओकिनावा (जापान) के कडेना एयर बेस पर तैनात थे, तब उन्होंने शनिवार सुबह उड़ान भरी और इतनी तेजी से अमेरिका पहुंचे कि कैलिफोर्निया के बील एयर फोर्स बेस पर लैंड करते समय वहां शुक्रवार की दोपहर हो रही थी. यानी वे सूरज की रोशनी से भी तेज भागे और समय से पहले पहुंच गए.

टाइम ट्रैवल का गणित और ब्लैकबर्ड की ताकत

इसे असल ‘टाइम ट्रैवल’ नहीं बल्कि ‘क्रोनोलॉजिकल पैराडॉक्स’ कहा जाता है. थ्योरेटिकल फिजिक्स जर्नल के अनुसार, पायलट की बायोलॉजिकल क्लॉक तो आगे ही बढ़ती है, लेकिन इंसानी कैलेंडर बदल जाता है. लॉकहीड मार्टिन की स्कंक वर्क्स डिवीजन ने इस जासूसी विमान को इतना पावरफुल बनाया था कि यह 85,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ता था. इसकी बॉडी टाइटेनियम अलॉय से बनी थी, ताकि 1,000 डिग्री फारेनहाइट तक की गर्मी झेल सके. दिलचस्प बात यह है कि इसे बनाने के लिए कच्चा माल सोवियत संघ से ही गुप्त रूप से खरीदा गया था.

ये भी पढ़ें: 6th Gen फाइटर जेट प्रोग्राम में शामिल होगा भारत, लेकिन दो ग्रुप में फंसा, जानें इनकी खासियत और IAF की चुनौती

क्यों रिटायर हुआ यह लेजेंडरी विमान?

इतनी दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद, भारी खर्च और रखरखाव की वजह से इसे रिटायर करना पड़ा. इसके कैमरों में फिल्म का इस्तेमाल होता था, जिसे प्रोसेस करने में वक्त लगता था, जबकि नए सैटेलाइट और ड्रोन डिजिटल डेटा तुरंत भेजने लगे थे. अमेरिकी वायु सेना ने इसे पहली बार 1990 में और फिर 1999 में पूरी तरह रिटायर कर दिया. अब इसकी जगह ‘SR-72’ यानी ‘सन ऑफ ब्लैकबर्ड’ की चर्चा है. यह एक हाइपरसोनिक विमान होगा जिसकी स्पीड Mach 5 से ज्यादा होगी और यह बिना पायलट के भी उड़ सकेगा.

ये भी पढ़ें: UAE को ईरान की वॉर्निंग: ‘हमारी जमीन की तरफ देखा तो रास अल-खैमाह को राख कर देंगे’

विज्ञापन
Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola