Pakistan News: पाकिस्तान के पास शिक्षकों को देने के लिए पैसे भी नहीं, अधर में लटका छात्रों का भविष्य

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Pakistan News: कंगाल पाकिस्तान के पास शिक्षकों को सैलरी देने के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं. इसको लेकर शिक्षकों में नाराजगी है और लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.

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Pakistan News: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा सरकार पिछले 8 महीनों से गैर-औपचारिक बालिका विद्यालयों के शिक्षकों को वेतन देने में विफल रही है. द डॉन की रिपोर्ट के अनुसार जिन शिक्षकों को वेतन नहीं मिला है, वे 2200 बालिका सामुदायिक विद्यालयों, 541 बुनियादी विद्यालयों (बीईसीएस) और 275 राष्ट्रीय मानव विकास आयोग (एनसीएचडी) विद्यालयों में तैनात हैं.

शिक्षकों को केवल 21000 रुपये दे रही है पाकिस्तानी सरकार

पाकिस्तान में अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 36000 रुपये निर्धारित है, लेकिन सरकार विद्यालय के शिक्षकों को 21000 रुपये दे रही है.

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छलका शिक्षकों का दर्द

शिक्षकों ने दुख जताया कि उन्हें मार्च से वेतन नहीं मिला है. उन्होंने बताया, उन्हें सार्वजनिक परिवहन से स्कूल पहुंचना पड़ता था और कम वेतन के कारण वे वैन या रिक्शा से जाने में असमर्थ थीं. उन्होंने कहा, अब हम अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने रिश्तेदारों से कर्ज ले रहे हैं क्योंकि हमारे पास आय का कोई अन्य स्रोत नहीं है.

शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने से कई स्कूल बंद

पाकिस्तान में शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने से कई स्कूल बंद हो गए हैं. कई जीसीएस स्कूल बंद हो गए हैं. अगर सरकार उन्हें तुरंत वेतन नहीं देती है तो और भी स्कूल बंद होने की संभावना है.

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ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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