सहरसा का प्रसिद्ध बाबा कारू खिरहर स्थान, जहां दूधाभिषेक से पूरी होती है मनोकामना

Updated:
विज्ञापन

बाबा कारू खिरहर स्थान

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

Aaj Ka Darshan : सहरसा के महिषी स्थित बाबा कारू खिरहर स्थान में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना और दुग्धाभिषेक से बाबा भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं.

विज्ञापन

सहरसा से विनय कुमार मिश्र की विशेष रिपोर्ट

विज्ञापन

Aaj Ka Darshan : सहरसा जिले के महिषी प्रखंड स्थित बाबा कारू खिरहर स्थान में आज भी श्रद्धालुओं की भारी आस्था देखने को मिल रही है. सुबह और शाम होने वाली विशेष पूजा एवं आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं. लोकमान्यता है कि बाबा कारू खिरहर के दरबार में सच्चे मन से आने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है.

पशुधन और किसानों के रक्षक देवता माने जाते हैं बाबा

महिषी स्थित बाबा कारू खिरहर स्थान को कोसी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि बिहार के विभिन्न जिलों में भी विशेष श्रद्धा के साथ देखा जाता है. स्थानीय लोगों के अनुसार बाबा कारू खिरहर को पशुधन, किसानों और ग्रामीण जीवन के रक्षक देवता के रूप में पूजा जाता है. श्रद्धालु यहां परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और पशुधन की रक्षा की कामना लेकर पहुंचते हैं.

दुग्धाभिषेक और विशेष पूजा का है विशेष महत्व

मंदिर में आने वाले श्रद्धालु बाबा को दूध, फूल और प्रसाद अर्पित करते हैं. विशेष रूप से दुग्धाभिषेक का यहां अत्यधिक धार्मिक महत्व माना जाता है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बाबा को दूध अर्पित करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है.

सुबह और शाम की आरती के दौरान मंदिर परिसर घंटों, शंखध्वनि और भजन-कीर्तन से भक्तिमय हो उठता है. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु आरती में शामिल होते हैं.

यह भी पढे़ं: बिहार: अब हेलीकॉप्टर से पहुंच सकेंगे वाल्मीकिनगर, VTR को मिलेगा हेली टूरिज्म का नया पंख

विशेष अवसरों पर उमड़ती है भारी भीड़

लोकपर्व, विशेष पूजा और धार्मिक आयोजनों के अवसर पर बाबा कारू खिरहर स्थान में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. सुबह से देर रात तक पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का सिलसिला चलता रहता है. मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु विशेष पूजा-अर्चना भी कराते हैं.

भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था को व्यवस्थित रखा जाता है. श्रद्धालुओं से कतारबद्ध होकर दर्शन करने और मंदिर परिसर की स्वच्छता बनाए रखने की अपील की जाती है.

यह भी पढे़ं: बिहार: कौन हैं IAS योगेश सागर और अभिलाषा शर्मा? जिनके ठिकानों पर SVU ने की बड़ी छापेमारी

धार्मिक आस्था और स्थानीय पर्यटन का प्रमुख केंद्र

बाबा कारू खिरहर स्थान धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बन चुका है. यहां आने वाले श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ मंदिर की प्राचीन परंपरा और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव करते हैं. स्थानीय मान्यता है कि बाबा कारू खिरहर के दरबार से कोई भी श्रद्धालु खाली हाथ नहीं लौटता.

Aaj Ka Darshan: श्रद्धालुओं के लिए जरूरी जानकारी

सुबह और शाम की आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं.
बाबा को दूध, फूल और प्रसाद अर्पित करने की परंपरा है.
विशेष पर्वों पर मंदिर में अत्यधिक भीड़ रहती है.
दर्शन के दौरान कतारबद्ध व्यवस्था का पालन करें.
मंदिर परिसर की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें.

यह भी पढ़ें: Bihar Township Land Ban: जमीन बेचनी है तो मत घबराइए, बंदी के बीच अब आवास बोर्ड खरीदेगा आपकी जमीन

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन