पाकिस्तान में बच्चों पर बढ़े अपराध, लड़कियां सबसे ज्यादा शिकार; रिपोर्ट जारी

Updated at : 16 Mar 2026 3:22 PM (IST)
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Pakistan Child Abuse Cases Report Released / Ai Image

बच्चों का एआई इमेज.

Pakistan Child Abuse Cases: पाकिस्तान में बच्चों के खिलाफ अपराधों के ग्राफ में साल 2025 में 8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑर्गनाइजेशन 'साहिल' (Sahil) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे देश में कुल 3,630 मामले सामने आए हैं. 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट में बताया गया है कि ये आंकड़े देश भर के 81 अखबारों में छपी खबरों और चार प्रांतों के अलावा इस्लामाबाद, पाक ऑक्यूपाइड जम्मू-कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान से जुटाए गए हैं.

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Pakistan Child Abuse Cases: रिपोर्ट में जेंडर के आधार पर जो जानकारी सामने आई है, वह बेहद चिंताजनक है. कुल पीड़ितों में से 1,924 (53%) लड़कियां थीं, जबकि 1,625 (47%) मामलों में लड़के शिकार हुए. इतना ही नहीं, 116 मामले ऐसे हैं जिनमें नवजात बच्चे भी अपराध का शिकार बने, जो हर उम्र के बच्चों की बढ़ती असुरक्षा को दर्शाता है.

अपहरण और यौन हिंसा सबसे बड़ी चुनौती

अपराधों की प्रकृति पर नजर डालें तो ‘अपहरण’ (Abduction) के सबसे ज्यादा 1,107 मामले दर्ज किए गए. इसके अलावा:

  • अपहरण: 1,107 मामले
  • सोमी (Sodomy): 596 मामले
  • रेप: 522 मामले
  • लापता बच्चे: 365 मामले
  • अन्य: इनमें रेप की 195 कोशिशें, सोमी की 141 कोशिशें, 130 गैंग-सोमी और 108 गैंग-रेप के मामले शामिल हैं. इसके अलावा यौन शोषण के बाद हत्या के 58 और बाल विवाह के 53 मामले भी सामने आए हैं.

11 से 15 साल के बच्चे सबसे ज्यादा निशाने पर

साहिल की रिपोर्ट के अनुसार, 11 से 15 साल की उम्र के बच्चे सबसे ज्यादा खतरे में हैं. इस उम्र में लड़कों का आंकड़ा लड़कियों से थोड़ा ज्यादा रहा. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ज्यादातर मामलों में आरोपी वही लोग थे जिन्हें पीड़ित पहले से जानते थे. यानी बच्चों के यौन शोषण में अक्सर जान-पहचान वाले लोग ही शामिल पाए गए.

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पंजाब प्रांत में सबसे ज्यादा मामले

इलाकों के हिसाब से देखें तो पंजाब प्रांत में सबसे ज्यादा 73% मामले रिपोर्ट हुए. इसके बाद सिंध में 21%, खैबर-पख्तूनख्वा में 4% और बाकी 2% मामले बलूचिस्तान, फेडरल एरियाज और अन्य क्षेत्रों से सामने आए.

यह रिपोर्ट पाकिस्तान में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर खड़े हो रहे सवालों पर एक बड़ी चेतावनी है. राइट्स ग्रुप्स का मानना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए अब सख्त कानूनों के साथ-साथ जमीनी स्तर पर मजबूत सपोर्ट सिस्टम और बेहतर सुरक्षा इंतजामों की तुरंत जरूरत है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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