कोरोना वायरस को दुनिया के चलन से बाहर कर रहा ओमिक्रॉन? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 13 Jan 2022 8:49 AM
यूरोपीय यूनियन (ईयू) के दवा विनियामक विशेषज्ञों ने कहा है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट का प्रसार दुनिया को कोरोना महामारी ऐनडेमिक (सामान्य और नियमित बीमारी) की ओर ले जा रहा है.
द हेग/वाशिंगटन : कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन लोगों की इम्यूनिटी पावर को धोखा देने के मामले में डेल्टा से आगे निकल रहा है और पूरी दुनिया में इससे संक्रमित लोगों की संख्या भी बढ़ने लगी है. मगर, विशेषज्ञों की मानें तो राहत देने वाली बात यह है कि ओमिक्रॉन दुनिया के लोगों की जिंदगी को फिर से पटरी पर लाने में अहम भूमिका निभा रहा है.
यूरोपीय यूनियन (ईयू) के दवा विनियामक विशेषज्ञों ने कहा है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट का प्रसार दुनिया को कोरोना महामारी ऐनडेमिक (सामान्य और नियमित बीमारी) की ओर ले जा रहा है. इससे लोगों की जिंदगी एक बार फिर सामान्य तरीके से पटरी पर लौटेगी. वहीं, अमेरिका के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ एंटनी फॉसी ने कहा है कि अब उनका देश कोरोना के साथ रहने की दहलीज पर पहुंच गया है, जहां कोविड संभालने लायक बीमारी होगी.
मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार यूरोपीय यूनियन के दवा नियामक और अमेरिकी विशेषज्ञ दोनों ही इस बात को मानते हैं कि ओमिक्रॉन वैरिएंट कोरोना को दुनिया के चलन से बाहर कर रहा है. यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी के टीका रणनीति प्रमुख मार्को केवलेरी ने कहा, ‘कोई नहीं जानता है कि हम कोविड रूपी इस सुरंग के अंतिम छोर पर कब होंगे, लेकिन हम वहां होंगे.’
उन्होंने कहा कि आम आबादी में इम्यूनिटी में वृद्धि और ओमिक्रॉन के साथ बहुत सारी नेचुरल इम्यूनिटी हासिल होगी. हम तेजी से ऐसी दिशा की तरफ बढ़ रहे हैं, जो एनडेमिसिटी के करीब होगी. हालांकि, अभी यह अपने चरम पर है और इससे बचने के लिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है.
वहीं, अमेरिकी संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ एंटनी फॉसी ने कहा कि फिलहाल, ओमिक्रॉन अपनी अभूतपूर्व क्षमता के साथ हर शख्स तक पहुंच रहा है. इसे खत्म करना आसान नहीं, लेकिन ओमिक्रॉन अब नए फेज में प्रवेश करेगा, जहां वायरस के खिलाफ पर्याप्त सुरक्षाएं होंगी. दवा और टीके भी होंगे. ऐसे में संक्रमित होने वाले शख्स का इलाज आसान होगा और खतरा घटेगा.
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हालांकि, यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) ने लोगों को बूस्टर डोज पर संदेह जताया है. ईएमए ने कहा कि वैक्सीन का चौथा डोज देना कोई सटीक रणनीति नहीं है. ईएमके के वैक्सीन स्ट्रैटजी के प्रमुख मार्को केवलेरी ने कहा कि बूस्टर डोज बार-बार देने से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है. इससे लोगों में ज्यादा थकावट हो सकती है. ऐसे में लंबे अंतराल में बूस्टर डोज पर विचार करना चाहिए.
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