नेपाल में बवाल: कुर्सी संभालते ही मुश्किल में बालेन शाह, विरोध तेज

Published by :Amitabh Kumar
Published at :22 Apr 2026 10:00 AM (IST)
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Nepal PM Balen Shah

नेपाल के पीएम बालेन शाह (Photo: X)

Nepal Protests : नेपाल में विरोध की वजह कई फैसले बने हैं. जैसे छात्र यूनियन खत्म करना, भारत से आने वाले सामान पर नया कस्टम ड्यूटी लगाना और गृहमंत्री सुदान गुरंग के इस्तीफे की मांग.

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Nepal Protests : नेपाल में काठमांडू के मेयर से राष्ट्रीय नेता बने बालेन शाह की सरकार के खिलाफ लोगों का गुस्सा तेजी से बढ़ रहा है. सरकार बने अभी एक महीना भी नहीं हुआ, लेकिन दो-तिहाई बहुमत के बावजूद हालात बिगड़ते दिख रहे हैं. विरोध सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के प्रशासनिक केंद्र सिंहदरबार तक पहुंच गया है. काठमांडू समेत कई शहरों में छात्र, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और आम लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं. लोग सरकार के फैसलों से नाराज हैं और लगातार विरोध तेज होता जा रहा है.

नेपाल में 27 मार्च 2026 को बालेन्द्र (बालेन) शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. 35 साल के बालेन देश के सबसे कम उम्र के पीएम हैं.

नेपाल में भारत से लाए जाने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी

प्रदर्शनों की एक बड़ी वजह यह है कि सरकार ने भारत से लाए जाने वाले 100 रुपये से ज्यादा के सामान पर अनिवार्य कस्टम ड्यूटी लगा दी है. इस फैसले से आम लोग नाराज हैं और इसी कारण विरोध तेजी से बढ़ रहा है. सीमा इलाकों के लोग कह रहे हैं कि इस फैसले का सीधा असर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है, क्योंकि वे जरूरी सामान के लिए भारत से खरीदारी पर निर्भर रहते हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह नियम आम लोगों पर बेवजह आर्थिक बोझ डाल रहा है.

छात्र संघ विवाद से युवाओं में भारी नाराजगी

सरकार द्वारा राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र संगठनों को नजरअंदाज करने या हटाने की कोशिश भी गुस्से की बड़ी वजह बनी है. छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार बातचीत करने के बजाय दबाव वाली नीति अपना रही है, जिससे युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है. हजारों छात्र देशभर में सड़कों पर उतर आए हैं और कई प्रदर्शन स्कूल-कॉलेज के छात्रों के नेतृत्व में हो रहे हैं.

यह भी पढ़ें : कौन हैं इंजीनियर से रैपर बने नेपाल के बालेन शाह, जिनकी लाखों में होती है आमदनी

गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग तेज

विरोध प्रदर्शन गृहमंत्री सुदान गुरंग पर लगे आरोपों के इर्द-गिर्द भी घूम रहा है. उन पर आय से ज्यादा संपत्ति और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन (Financial Transactions) के आरोप हैं. प्रदर्शनकारियों और विपक्ष का कहना है कि उनका नाम कुछ संदिग्ध कारोबारी सौदों और वित्तीय मामलों से जुड़ा है. मीडिया रिपोर्ट्स में भी विवादित निवेश और शेयरहोल्डिंग की बातें सामने आई हैं, जिससे इस्तीफे की मांग और तेज हो गई है.

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डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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